UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। इसी सिलसिले में समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने 22 जून को प्रशासन अकादमी में राज्य ...

Jun 23, 2026 - 08:40
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UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। इसी सिलसिले में समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने 22 जून को प्रशासन अकादमी में राज्य स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में सदस्यों ने व्यक्तियों, संस्थाओं, शासकीय विभागों, राजनैतिक दलों, धर्म गुरुओं सहित विभिन्न आयोगों के प्रतिनिधियों की राय जानी।

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उच्च स्तरीय समिति में सदस्य और उत्तराखंड के सेवानिवृत मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और डॉ शोभा वेथनकर, वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप नायर, समाजसेवी बुद्ध पाल सिंह ने सुझाव सुने। शासन की ओर से सभी मौखिक और लिखित सुझावों को दर्ज किया गया। सुझावों में प्रमुख रूप से विवाह, विवाह विच्छेद, संतान, दत्तक नियम जैसे विभिन्न विषयों पर राय दी गई।

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विभागों ने दिया प्रजेंटेशन

गौरतलब है कि, उच्च स्तरीय समिति के समक्ष मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग, मानव अधिकार आयोग, राज्य महिला आयोग, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग, जनजाति आयोग और वनवासी विकास संघ ने अपने सुझाव दिए। समिति के समक्ष जनजाति कार्य विभाग, गृह, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य,जेल विभाग ने प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने अपनी विभागीय योजनाओं के प्रावधानों के साथ समान नागरिक संहिता को जोड़ा।

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इन्होंने भी दिए सुझाव

बैठक में भारतीय जनता पार्टी, सीपीआईएम, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी आदि के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बाद में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख और बौद्ध धर्म गुरुओं ने भी समिति के समक्ष अपने सुझाव दिए। इसके बाद समिति ने भोपाल जिले के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की राय जानी। सुझाव देने वालों में विधायक और अन्य धर्मगुरु भी शामिल थे। Edited by : Sudhir Sharma