Germany में Job का सपना होगा पूरा, जानें Indian Students कैसे पाएं 18 महीने का Post-Study Visa

इस साल जर्मनी में हजारों भारतीय छात्र ग्रेजुएट होने वाले हैं। जिसके बाद वे जॉब मार्केट में उतरेंगे। लेकिन इन छात्रों का पता होना चाहिए कि जर्मन सरकार ग्रेजुएशन के बाद देश में ठहरकर जॉब करने की इजाजत भी देती है। जो भी विदेशी छात्र और ट्रेनी जर्मनी में अपनी पढ़ाई या वोकेशनल ट्रेनिंग पूरी करते हैं, वे 'जर्मनी जॉब सीकर वीजा' के माध्यम से नौकरी ढूंढ सकते हैं या फिर आप 18 महीने तक देश में रह सकते हैं। जिसको आप एक तरह से पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा कह सकते हैं, जो कि नौकरी ढूंढने के लिए दिया जाता है। वैसे यह वीजा उन विदेशी नागरिकों के लिए हैं, जो जर्मनी में कोई मान्यता प्राप्त डिग्री या  वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है और नौकरी पाने के लिए वहां और समय तक रुकना चाहते हैं। जब जर्मनी में नौकरी मिल जाए, तो वीजा होल्डर वर्क रेजिडेंस परमिट या अपनी योग्यता के आधार पर EU ब्लू कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कौन लोग जॉब सीकर वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं? - जॉब सीकर वीजा उन देशों के नागरिकों के लिए हैं, जो अपनी पढ़ाई या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जर्मनी में रहने के लिए वीजा की जरुरत होती है। - बस वीजा को अप्लाई करने के लिए वाले आवेदकों को यह साबित करना होगा कि उनके पास जर्मनी में रहने के दौरान अपना खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं। -  वीजा आवेदकों को यह भी साबित करना होगा कि उन्होंने जिस कोर्स की पढ़ाई की है या ट्रेनिंग ली है, वह जर्मनी में मान्यता प्राप्त है या वह जर्मन योग्यता के बराबर है। - वैसे ये वीजा नियम यूरोपीय संघ और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के देशों के नागरिकों पर लागू नहीं होता है। - अगर आपको पहले ही नौकरी का ऑफर मिल चुका है और जिनके पास वैलिड एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट है, उन्हें जॉब सीकर वीजा की जरुरत नहीं है। ये लोग वर्क वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।जॉब सीकर वीजा के लिए कैसे अप्लाई करें?आपको बता दें कि, जर्मनी में रहने वाले भारतीय छात्रों को वहां के दायरे में आने वाले लोकल विदेशी कार्यालय यानी Ausländerbehörde में जाकर उसे वीजा के लिए एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना पड़ सकता है। स्टूडेंट्स को पहले से अप्वाइंटमेंट लेना चाहिए और जॉब खोजने के उद्देश्य से देश में रहने के अपने इरादे की जानकारी भी देनी चाहिए। वैसे इस प्रोसेस में चार से छह हफ्ते का समय लगता है और एप्लिकेशन फीस 75 यूरो है। वीजा के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?इसके लिए आपको भारतीय स्टूडेंट्स को भरा हुआ एप्लिकेशन फॉर्म, एक वैलिड पासपोर्ट, अपना मौजूदा वीजा या रेजिडेंस परमिट, हेल्थ इंश्योरेंस का सबूत और अपनी डिग्री या ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करने का सबूत जमा करना होगा। वीजा के लिए आपको साबित करना होगा कि उनके पास जर्मनी में खुद का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं। इसे हर महीने कम से कम, 1,027 यूरो वाले ब्लॉक्ड अकाउंट के जरिए या किसी स्पांसर के उस औपचारिक घोषणा -पत्र के जरिए दिखाया जा सकता है, जिसमें वे रहने के दौरान सभी खर्च उठाने के लिए सहमत हों।वीजा की अवधि और फायदे क्या हैं?आपको बता दें कि, जर्मनी का जॉब सीकर वीजा 18 महीने के लिए मिलता है। यह वीजा ग्रेजुएट और ट्रेनी को जर्मनी में नौकरी खोजने के लिए अपने रहने की अवधि बढ़ाने की सुविधा देता है। यदि आवेदक को कोई अच्छी नौकरी मिल जाती है, तो बाद में इसे वर्क वीजा या EU ब्लू कार्ड में बदला जा सकता है। स्टूडेंट वीजा होल्डर्स को उलट, जॉब सीकर वीजा वाले लोग हफ्ते में 20 घंटे से ज्यादा काम कर सकते हैं। 

Jun 27, 2026 - 21:05
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Germany में Job का सपना होगा पूरा, जानें Indian Students कैसे पाएं 18 महीने का Post-Study Visa
इस साल जर्मनी में हजारों भारतीय छात्र ग्रेजुएट होने वाले हैं। जिसके बाद वे जॉब मार्केट में उतरेंगे। लेकिन इन छात्रों का पता होना चाहिए कि जर्मन सरकार ग्रेजुएशन के बाद देश में ठहरकर जॉब करने की इजाजत भी देती है। जो भी विदेशी छात्र और ट्रेनी जर्मनी में अपनी पढ़ाई या वोकेशनल ट्रेनिंग पूरी करते हैं, वे 'जर्मनी जॉब सीकर वीजा' के माध्यम से नौकरी ढूंढ सकते हैं या फिर आप 18 महीने तक देश में रह सकते हैं। 
जिसको आप एक तरह से पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा कह सकते हैं, जो कि नौकरी ढूंढने के लिए दिया जाता है। वैसे यह वीजा उन विदेशी नागरिकों के लिए हैं, जो जर्मनी में कोई मान्यता प्राप्त डिग्री या  वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है और नौकरी पाने के लिए वहां और समय तक रुकना चाहते हैं। जब जर्मनी में नौकरी मिल जाए, तो वीजा होल्डर वर्क रेजिडेंस परमिट या अपनी योग्यता के आधार पर EU ब्लू कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

कौन लोग जॉब सीकर वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं?
 - जॉब सीकर वीजा उन देशों के नागरिकों के लिए हैं, जो अपनी पढ़ाई या ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जर्मनी में रहने के लिए वीजा की जरुरत होती है।

 - बस वीजा को अप्लाई करने के लिए वाले आवेदकों को यह साबित करना होगा कि उनके पास जर्मनी में रहने के दौरान अपना खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं।

 -  वीजा आवेदकों को यह भी साबित करना होगा कि उन्होंने जिस कोर्स की पढ़ाई की है या ट्रेनिंग ली है, वह जर्मनी में मान्यता प्राप्त है या वह जर्मन योग्यता के बराबर है।

 - वैसे ये वीजा नियम यूरोपीय संघ और यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के देशों के नागरिकों पर लागू नहीं होता है।

 - अगर आपको पहले ही नौकरी का ऑफर मिल चुका है और जिनके पास वैलिड एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट है, उन्हें जॉब सीकर वीजा की जरुरत नहीं है। ये लोग वर्क वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

जॉब सीकर वीजा के लिए कैसे अप्लाई करें?
आपको बता दें कि, जर्मनी में रहने वाले भारतीय छात्रों को वहां के दायरे में आने वाले लोकल विदेशी कार्यालय यानी Ausländerbehörde में जाकर उसे वीजा के लिए एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना पड़ सकता है। स्टूडेंट्स को पहले से अप्वाइंटमेंट लेना चाहिए और जॉब खोजने के उद्देश्य से देश में रहने के अपने इरादे की जानकारी भी देनी चाहिए। वैसे इस प्रोसेस में चार से छह हफ्ते का समय लगता है और एप्लिकेशन फीस 75 यूरो है। 

वीजा के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
इसके लिए आपको भारतीय स्टूडेंट्स को भरा हुआ एप्लिकेशन फॉर्म, एक वैलिड पासपोर्ट, अपना मौजूदा वीजा या रेजिडेंस परमिट, हेल्थ इंश्योरेंस का सबूत और अपनी डिग्री या ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करने का सबूत जमा करना होगा। 
वीजा के लिए आपको साबित करना होगा कि उनके पास जर्मनी में खुद का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं। इसे हर महीने कम से कम, 1,027 यूरो वाले ब्लॉक्ड अकाउंट के जरिए या किसी स्पांसर के उस औपचारिक घोषणा -पत्र के जरिए दिखाया जा सकता है, जिसमें वे रहने के दौरान सभी खर्च उठाने के लिए सहमत हों।

वीजा की अवधि और फायदे क्या हैं?
आपको बता दें कि, जर्मनी का जॉब सीकर वीजा 18 महीने के लिए मिलता है। यह वीजा ग्रेजुएट और ट्रेनी को जर्मनी में नौकरी खोजने के लिए अपने रहने की अवधि बढ़ाने की सुविधा देता है। यदि आवेदक को कोई अच्छी नौकरी मिल जाती है, तो बाद में इसे वर्क वीजा या EU ब्लू कार्ड में बदला जा सकता है। स्टूडेंट वीजा होल्डर्स को उलट, जॉब सीकर वीजा वाले लोग हफ्ते में 20 घंटे से ज्यादा काम कर सकते हैं।