CUH महेंद्रगढ़ में जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन:कुलपति बोले-गांवों का जल स्तर सुधरेगा, 200 केएल क्षमता के 3 शुद्ध जल भंडारण टैंक स्थापित
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUH) महेंद्रगढ़ में मंगलवार को अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया गया। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने बताया कि इस जल शोधन संयंत्र की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और अब यह तैयार है। वर्तमान में इसका उपयोग छात्रावासों में विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयंत्र के कारण पानी का टीडीएस स्तर अब संतुलित हो गया है, जिससे पीने के पानी के लिए आरओ की आवश्यकता समाप्त हो गई है। शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी सबसे महत्वपूर्ण- सांसद सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के लिए शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी सबसे महत्वपूर्ण हैं, जबकि भोजन तीसरे स्थान पर आता है। उन्होंने जोर दिया कि ये मूलभूत आवश्यकताएं सही होने पर व्यक्ति कई बीमारियों से बच सकता है। सांसद ने कहा कि अभिभावक अब बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देते हैं, और हकेवि का शुद्ध वातावरण उन्हें आकर्षित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संयंत्र से पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को भी लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सांसद धर्मबीर सिंह ने संयंत्र परिसर में पौधारोपण भी किया। परियोजना की कुल लागत 13.33 करोड़ रुपए विश्वविद्यालय के मुख्य अभियंता कुमार गौरव ने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सी.पी.डब्ल्यू.डी.) द्वारा किया गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 13.33 करोड़ रुपए है। उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक संयंत्र में जल शुद्धिकरण की समग्र प्रक्रिया के लिए विभिन्न उन्नत संरचनाएं स्थापित की गई हैं। इसमें 2.5 करोड़ लीटर क्षमता का कच्चे जल का भंडारण टैंक,फ्लैश मिक्सर टैंक, फ्लोकुलेशन टैंक,क्लैरिफायर टैंक तथा सूक्ष्म कणों को हटाने के लिए फिल्ट्रेशन टैंक शामिल हैं। विश्वविद्यालय और गांवों का जल स्तर सुधरेगा कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रही अन्य विकास परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 नई इमारतों का निर्माण जारी है, जिनमें खेल, कंप्यूटर साइंस और स्पोर्ट्स हॉल शामिल हैं। ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय और अधिक सुदृढ़ एवं पूर्ण रूप से विकसित होगा। कुलपति ने यह भी कहा कि इस परियोजना से विश्वविद्यालय के साथ-साथ आसपास के गांवों के जल स्तर में भी सुधार होगा और परिसर में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होगी। उन्होंने इस कार्य में विधायक कंवर सिंह यादव के विशेष सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि विधायक विश्वविद्यालय के विकास के लिए हमेशा समर्पित रहते हैं। 2 कच्चे जल भंडारण टैंक बनाए गए इसके अतिरिक्त क्लोरीनीकरण के माध्यम से जल का कीटाणुशोधन किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत 200 केएल क्षमता के 2 कच्चे जल भंडारण टैंक और 200 केएल क्षमता के 3 शुद्ध जल भंडारण टैंक स्थापित किए गए हैं। जिनके माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों,शिक्षकों, विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों के आभार के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो. रणबीर,सहायक अभियंता मुकेश कुमार,कनिष्ठ अभियंता महेश भारद्वाज व रमन मलिक भी उपस्थित रहे।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUH) महेंद्रगढ़ में मंगलवार को अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया गया। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने बताया कि इस जल शोधन संयंत्र की तैयारी लंबे समय से चल रही थी और अब यह तैयार है। वर्तमान में इसका उपयोग छात्रावासों में विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयंत्र के कारण पानी का टीडीएस स्तर अब संतुलित हो गया है, जिससे पीने के पानी के लिए आरओ की आवश्यकता समाप्त हो गई है। शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी सबसे महत्वपूर्ण- सांसद सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के लिए शुद्ध हवा और स्वच्छ पानी सबसे महत्वपूर्ण हैं, जबकि भोजन तीसरे स्थान पर आता है। उन्होंने जोर दिया कि ये मूलभूत आवश्यकताएं सही होने पर व्यक्ति कई बीमारियों से बच सकता है। सांसद ने कहा कि अभिभावक अब बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देते हैं, और हकेवि का शुद्ध वातावरण उन्हें आकर्षित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संयंत्र से पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को भी लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सांसद धर्मबीर सिंह ने संयंत्र परिसर में पौधारोपण भी किया। परियोजना की कुल लागत 13.33 करोड़ रुपए विश्वविद्यालय के मुख्य अभियंता कुमार गौरव ने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सी.पी.डब्ल्यू.डी.) द्वारा किया गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 13.33 करोड़ रुपए है। उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक संयंत्र में जल शुद्धिकरण की समग्र प्रक्रिया के लिए विभिन्न उन्नत संरचनाएं स्थापित की गई हैं। इसमें 2.5 करोड़ लीटर क्षमता का कच्चे जल का भंडारण टैंक,फ्लैश मिक्सर टैंक, फ्लोकुलेशन टैंक,क्लैरिफायर टैंक तथा सूक्ष्म कणों को हटाने के लिए फिल्ट्रेशन टैंक शामिल हैं। विश्वविद्यालय और गांवों का जल स्तर सुधरेगा कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रही अन्य विकास परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 नई इमारतों का निर्माण जारी है, जिनमें खेल, कंप्यूटर साइंस और स्पोर्ट्स हॉल शामिल हैं। ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय और अधिक सुदृढ़ एवं पूर्ण रूप से विकसित होगा। कुलपति ने यह भी कहा कि इस परियोजना से विश्वविद्यालय के साथ-साथ आसपास के गांवों के जल स्तर में भी सुधार होगा और परिसर में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होगी। उन्होंने इस कार्य में विधायक कंवर सिंह यादव के विशेष सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि विधायक विश्वविद्यालय के विकास के लिए हमेशा समर्पित रहते हैं। 2 कच्चे जल भंडारण टैंक बनाए गए इसके अतिरिक्त क्लोरीनीकरण के माध्यम से जल का कीटाणुशोधन किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत 200 केएल क्षमता के 2 कच्चे जल भंडारण टैंक और 200 केएल क्षमता के 3 शुद्ध जल भंडारण टैंक स्थापित किए गए हैं। जिनके माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों,शिक्षकों, विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों के आभार के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो. रणबीर,सहायक अभियंता मुकेश कुमार,कनिष्ठ अभियंता महेश भारद्वाज व रमन मलिक भी उपस्थित रहे।