अमेरिका-ईरान में बनी सहमति, 60 दिन का होगा युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी का इंतजार

अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं ...

May 29, 2026 - 11:09
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अमेरिका-ईरान में बनी सहमति, 60 दिन का होगा युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी का इंतजार

An agreement has been reached between United States and Iran on a ceasefire अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा।

अमेरिका और ईरान 60 दिन के संघर्षविराम समझौते पर सहमत हो गए हैं। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। ट्रंप ने समझौते पर फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है। इस कारण डील के ऐलान में देरी हो रही है।

ALSO READ: China को टक्कर देने की तैयारी, भारत-अमेरिका के कौनसे समझौते से उड़ी ड्रेगन की नींद, दबदबा होगा खत्म प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना रोकटोक जारी रहेगी। ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री माइंस हटानी होंगी और जहाजों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान को तेल बेचने के लिए कुछ प्रतिबंधों में राहत देने पर चर्चा करेगा।

अमेरिका की नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी, लेकिन ऐसा तभी होगा जब कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी। इस समझौता ज्ञापन (MOU) में ईरान की तरफ से यह वादा भी शामिल होगा कि वह कोई भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। दोनों पक्षों के बीच यह अस्थाई समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर नाजुक दौर से गुजर रहा है।

ALSO READ: RGC का दावा- मार गिराया अमेरिका का खतरनाक MQ-9 रीपर ड्रोन, F-35 लड़ाकू विमान भी उल्टे पांव लौटे गुरुवार को अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया, जब कुवैत ने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद हमले की खबर दी थी। समझौता ज्ञापन (MOU) में क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने का भी जिक्र है और ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि क्षेत्रीय प्रॉक्सी के लिए ईरान के सपोर्ट पर चर्चा होगी। अगर बातचीत के दौरान यह साफ हो जाता है कि ईरान न्यूक्लियर मुद्दे पर कुछ नहीं कर पा रहा है, तो ट्रंप के पास सभी ऑप्शन होंगे।
Edited By : Chetan Gour