सिरसा मंडी में बायोमेट्रिक नहीं होने से किसान परेशान:गेहूं से भरी 200 ट्रॉलियां फंसी, सर्वर डाउन से टोकन बाधित

सिरसा जिले के चौटाला गांव स्थित खरीद केंद्र पर किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने को लेकर परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। रविवार को बायोमेट्रिक टोकन जारी करने की प्रक्रिया सर्वर डाउन होने के कारण 4 घंटे तक बाधित रही। इससे नाराज किसानों ने नारेबाजी की। इस अव्यवस्था के कारण लगभग 200 गेहूं से भरी ट्रॉलियां खरीद केंद्र के बाहर खड़ी हो गईं, जिससे मंडी का गेट भी बंद हो गया। किसानों का कहना है कि एक तरफ मौसम की अनिश्चितता उन्हें परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मंडी में बायोमेट्रिक प्रक्रिया की समस्या उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है। फिंगरप्रिंट नहीं ले रही थी मशीन किसान दयाराम उलानिया, महावीर बेनीवाल, श्रवण गोदारा, खेतपाल, रामकुमार छींपा और पृथ्वी गोदारा ने बताया कि रविवार सुबह मौसम साफ होने पर किसानों ने तेजी से कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग कर गेहूं की कटाई की और उसे तुरंत खरीद केंद्र तक पहुंचाया। हालांकि, जब वे गेहूं लेकर पहुंचे, तो बायोमेट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट नहीं लगने के कारण वह काम नहीं कर रही थी, जिससे उनका प्रयास विफल हो गया। सर्वर ने चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे कर्मचारी इसी परेशानी के कारण किसान अपनी गेहूं से भारी ट्रालियों को लेकर मंडी में आकर जुझते रहे। इस बारे में जब किसानों ने संबंधित विभाग से इस समस्या को जानना चाहा तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने सर्वर ने चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। जिससे किसानों में भारी आक्रोश पैदा हो गया। वहीं किसानों ने आक्रोश जताते हुए कहा की बायोमेट्रिक, बारदाना, लदान उठान न होने के कारण मंडियां पूरी तरह से गेहूं से भर चुकी हैं। नमी के कारण नहीं बिक रही फसल किसानों को अपना गेहूं मंडी के अलावा कच्चे में उतरना पड़ रहा है। खरीद प्रक्रिया की सस्ती और नमी की समस्या ने हालात को पेचीदा बना दिया है किसानों का कहना है कि ऐसे में समय रहते सुधर नहीं हुआ तो लेस्टर लॉस के चलते स्थिति और बिगड़ सकती है नामी जांच को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। जैसे ही मंडी में किसान का गेहूं नीचे उतरता है तो देरी पर मॉइश्चर ज्यादा होने के कारण आढ़तियां तोल करने से कतरा रहा है। यह समस्या किसान और आढ़तियों के गले की फांस बनी हुई है। किसानो बोले-पुराने नियम से करें खरीद वहीं, किसानों ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि जिस तरह से पुरानी प्रक्रिया के तहत गेहूं और सरसों को खरीदा जाता था। उसी नियम के आधार पर फसल को खरीदा जाए।आज मौसम की मार के कारण हर क्षण मौसम परिवर्तनशील हो रहा है। जिसके चलते बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजर पाना किसान के लिए काफी मुश्किल है।

Apr 12, 2026 - 23:55
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सिरसा मंडी में बायोमेट्रिक नहीं होने से किसान परेशान:गेहूं से भरी 200 ट्रॉलियां फंसी, सर्वर डाउन से टोकन बाधित
सिरसा जिले के चौटाला गांव स्थित खरीद केंद्र पर किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने को लेकर परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। रविवार को बायोमेट्रिक टोकन जारी करने की प्रक्रिया सर्वर डाउन होने के कारण 4 घंटे तक बाधित रही। इससे नाराज किसानों ने नारेबाजी की। इस अव्यवस्था के कारण लगभग 200 गेहूं से भरी ट्रॉलियां खरीद केंद्र के बाहर खड़ी हो गईं, जिससे मंडी का गेट भी बंद हो गया। किसानों का कहना है कि एक तरफ मौसम की अनिश्चितता उन्हें परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मंडी में बायोमेट्रिक प्रक्रिया की समस्या उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है। फिंगरप्रिंट नहीं ले रही थी मशीन किसान दयाराम उलानिया, महावीर बेनीवाल, श्रवण गोदारा, खेतपाल, रामकुमार छींपा और पृथ्वी गोदारा ने बताया कि रविवार सुबह मौसम साफ होने पर किसानों ने तेजी से कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग कर गेहूं की कटाई की और उसे तुरंत खरीद केंद्र तक पहुंचाया। हालांकि, जब वे गेहूं लेकर पहुंचे, तो बायोमेट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट नहीं लगने के कारण वह काम नहीं कर रही थी, जिससे उनका प्रयास विफल हो गया। सर्वर ने चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे कर्मचारी इसी परेशानी के कारण किसान अपनी गेहूं से भारी ट्रालियों को लेकर मंडी में आकर जुझते रहे। इस बारे में जब किसानों ने संबंधित विभाग से इस समस्या को जानना चाहा तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने सर्वर ने चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। जिससे किसानों में भारी आक्रोश पैदा हो गया। वहीं किसानों ने आक्रोश जताते हुए कहा की बायोमेट्रिक, बारदाना, लदान उठान न होने के कारण मंडियां पूरी तरह से गेहूं से भर चुकी हैं। नमी के कारण नहीं बिक रही फसल किसानों को अपना गेहूं मंडी के अलावा कच्चे में उतरना पड़ रहा है। खरीद प्रक्रिया की सस्ती और नमी की समस्या ने हालात को पेचीदा बना दिया है किसानों का कहना है कि ऐसे में समय रहते सुधर नहीं हुआ तो लेस्टर लॉस के चलते स्थिति और बिगड़ सकती है नामी जांच को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। जैसे ही मंडी में किसान का गेहूं नीचे उतरता है तो देरी पर मॉइश्चर ज्यादा होने के कारण आढ़तियां तोल करने से कतरा रहा है। यह समस्या किसान और आढ़तियों के गले की फांस बनी हुई है। किसानो बोले-पुराने नियम से करें खरीद वहीं, किसानों ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि जिस तरह से पुरानी प्रक्रिया के तहत गेहूं और सरसों को खरीदा जाता था। उसी नियम के आधार पर फसल को खरीदा जाए।आज मौसम की मार के कारण हर क्षण मौसम परिवर्तनशील हो रहा है। जिसके चलते बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजर पाना किसान के लिए काफी मुश्किल है।