समस्तीपुर सदर अस्पताल में महिला का झाड़-फूंक:किसी ने नहीं रोका, पेट दर्द होने पर परिजनों ने एडमिट कराया था; ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से पूछताछ
समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट महिला मरीज को रेफर किए जाने के बाद परिजन लेकर नहीं गए। अस्पताल में ही भगत बुलाकर झाड़-फूंक कराने लगे। इसका वीडियो सामने आया है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के चकदौलत गांव निवासी रामप्रीत पंडित की पत्नी फूलो देवी तीन दिन से पेद दर्द से परेशान थी। जिसके बाद मंगलवार को परिवार के सदस्य हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें उनके पेट में पानी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया। रेफर किए जाने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने अपने गांव के ही एक भगत आलोक कुमार को अस्पताल बुलाया। भगत ने आपातकालीन वार्ड में ही महिला का झाड़-फूंक शुरू कर दिया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। मैंने कुछ गलत नहीं किया है भगत आलोक कुमार ने दावा करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से यह काम कर रहे हैं। बुलाने पर यहां आया हूं। बाबा गुरु गोरखनाथ और भुइयां बाबा के भक्त हूं। मोर पंख से उनका नाम लेकर झाड़-फूंक करते हैं। अगर ऐसा करने से मरीज को शांति मिलती है तो हमने यह कोई खराब काम नहीं किया है। किसी को परमिशन नहीं है इस संबंध में उपाधीक्षक डॉक्टर गिरीश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में झाड़-फूंक की सूचना उन्हें नहीं मिली है। ऐसा करने के लिए किसी को परमिशन नहीं दिया जाता है। ड्यूटी पर मौजूद संबंधित कर्मियों सेपूछताछ की जा रही है। गार्ड से शो कॉज मांगा जा रहा है। वहीं, आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टर जीवछ कुमार ने बताया कि महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पेट में पानी निकला। महिला को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया है।
Dec 5, 2025 - 11:31
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समस्तीपुर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट महिला मरीज को रेफर किए जाने के बाद परिजन लेकर नहीं गए। अस्पताल में ही भगत बुलाकर झाड़-फूंक कराने लगे। इसका वीडियो सामने आया है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के चकदौलत गांव निवासी रामप्रीत पंडित की पत्नी फूलो देवी तीन दिन से पेद दर्द से परेशान थी। जिसके बाद मंगलवार को परिवार के सदस्य हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें उनके पेट में पानी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया। रेफर किए जाने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने अपने गांव के ही एक भगत आलोक कुमार को अस्पताल बुलाया। भगत ने आपातकालीन वार्ड में ही महिला का झाड़-फूंक शुरू कर दिया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। मैंने कुछ गलत नहीं किया है भगत आलोक कुमार ने दावा करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल से यह काम कर रहे हैं। बुलाने पर यहां आया हूं। बाबा गुरु गोरखनाथ और भुइयां बाबा के भक्त हूं। मोर पंख से उनका नाम लेकर झाड़-फूंक करते हैं। अगर ऐसा करने से मरीज को शांति मिलती है तो हमने यह कोई खराब काम नहीं किया है। किसी को परमिशन नहीं है इस संबंध में उपाधीक्षक डॉक्टर गिरीश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में झाड़-फूंक की सूचना उन्हें नहीं मिली है। ऐसा करने के लिए किसी को परमिशन नहीं दिया जाता है। ड्यूटी पर मौजूद संबंधित कर्मियों सेपूछताछ की जा रही है। गार्ड से शो कॉज मांगा जा रहा है। वहीं, आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टर जीवछ कुमार ने बताया कि महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पेट में पानी निकला। महिला को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया है।
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