यूपी में SIR में महिलाओं की संख्या ज्यादा घटी:गांव की तुलना में शहरों में मतदाता कम हुए, 21 जनवरी को होगी पहली सुनवाई
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जेंडर रेश्यो में गिरावट आई है। यह 877 से घटकर 824 हो गया है। 27 अक्टूबर, 2025 को मतदाता सूची में एक हजार पुरुषों के पीछे 877 महिला मतदाता थी। SIR के पहले चरण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में एक हजार पुरुष मतदाताओं के पीछे अब 824 महिला मतदाता हैं। जेंडर रेश्यो में करीब 53 प्रति हजार की कमी आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- SIR में 2.89 करोड़ मतदाता कम हुए। इनमें 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार महिलाओं के नाम कटे। पुरुषों के 1 करोड़ 33 लाख 50 हजार नाम कटे। पुरुषों की तुलना में 20 लाख महिलाओं के नाम अधिक कटे हैं। नवदीप रिणवा ने बताया- SIR के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद यूपी में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार मतदाता हैं। इनमें 5 करोड़ 67 लाख 9 हजार महिला और 6 करोड़ 88 लाख 47 हजार पुरुष मतदाता हैं। महिलाओं की तुलना में 1 करोड़ 21 करोड़ पुरुष मतदाता ज्यादा हैं। शहरों में 28 प्रतिशत मतदाता कम हुए
नवदीप रिणवा ने बताया- शहरी क्षेत्रों में 28 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे। SIR शुरू होने से पहले 27 अक्टूबर, 2025 को शहरी क्षेत्रों में 4.16 करोड़ थे मतदाता थे। 6 जनवरी, 2026 को SIR का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद शहरी क्षेत्रों में 2.99 करोड़ मतदाता हो गए। शहरी क्षेत्रों में 28 प्रतिशत (1. 17 करोड़) मतदाता कम हुए। ग्रामीण इलाकों में 15.23 प्रतिशत कम हुए
सीईओ ने बताया- SIR शुरू होने से पहले ग्रामीण इलाकों में 11.28 करोड़ मतदाता थे। SIR का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद अब शहरी इलाकों में 9.56 करोड़ मतदाता हैं। शहरी इलाकों में 15.23 फीसदी (1.72 करोड़) मतदाता कम हुए हैं। जेंडर रेश्यो कम होने की वजह
नवदीप रिणवा ने बताया- जो महिलाएं शादी के पहले मायके में मतदाता थी, शादी के बाद ससुराल में मतदाता बन गईं। अब दोनों में से एक जगह ही मतदाता रह सकती हैं। ऐसे में महिलाएं डुप्लीकेट मतदाता ज्यादा थीं। SIR में एक ही जगह मतदाता रह सकती थीं। इसलिए एक जगह से नाम कटने के कारण जेंडर रेश्यो में कमी आई है। वहीं, साहिबाबाद में सबसे ज्यादा जेंडर रेश्यो कम हुआ है। साहिबाबाद में SIR शुरू होने से पहले एक हजार पुरुष मतदाताओं पर 779 महिला मतदाता थी, घटकर 779 हो गई हैं। महिला मतदाताओं की संख्या में प्रति हजार 133 की कमी आई है। नई एपिक आईडी नहीं दी जाएगी
सीईओ ने बताया- SIR के दौरान 15 हजार से अधिक नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिन मतदाताओं का मतदान केंद्र बदला, उन्हें नया मतदाता पहचान पत्र नहीं दिया जाएगा। मतदाता पहचान पत्र काम केवल मतदाता का नाम और फोटो से पहचान करना है। वह पुराने एपिक आईडी से भी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की मदद के लिए नए बूथ का कार्य भी उनके पुराने बूथ से जुड़े बीएलओ को ही दिया गया है। 18 जनवरी को विशेष अभियान
सीईओ ने बताया- 18 जनवरी को सभी बूथों पर मतदाता सूची पढ़कर सुनाई जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं, वे बीएलओ से फॉर्म-6 लेकर आवेदन कर सकते हैं। अभी तक 20.73 लाख फॉर्म 6 भरे गए हैं। 3.26 करोड़ मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
सीईओ ने बताया- पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दिया गया, जिनके गणना पत्र की मैपिंग नहीं हुई है। अब 2.22 करोड़ लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगति) वाले मतदाताओं को भी नोटिस दिया जा रहा। पहले चरण का नोटिस 14 जनवरी को जारी हो गया था, उनकी सुनवाई 21 जनवरी से शुरू होगी। प्रदेश में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 3793 स्थानों पर नोटिस की सुनवाई होगी। नोटिस के लिए 403 मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) 8751 सहायक मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) सहित कुल कुल 9154 अधिकारी सुनवाई करेंगे। अंतिम मतदाता सूची के बाद एकरूपता आएगी
सीईओ ने कहा- राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची और भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में भिन्नता सामने आ रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से भी पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण किया जा रहा है। ईसीआई की ओर से भी SIR में दावे और आपत्तियों का कार्यक्रम चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भिन्नता ज्यादा नहीं रहेगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जेंडर रेश्यो में गिरावट आई है। यह 877 से घटकर 824 हो गया है। 27 अक्टूबर, 2025 को मतदाता सूची में एक हजार पुरुषों के पीछे 877 महिला मतदाता थी। SIR के पहले चरण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में एक हजार पुरुष मतदाताओं के पीछे अब 824 महिला मतदाता हैं। जेंडर रेश्यो में करीब 53 प्रति हजार की कमी आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- SIR में 2.89 करोड़ मतदाता कम हुए। इनमें 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार महिलाओं के नाम कटे। पुरुषों के 1 करोड़ 33 लाख 50 हजार नाम कटे। पुरुषों की तुलना में 20 लाख महिलाओं के नाम अधिक कटे हैं। नवदीप रिणवा ने बताया- SIR के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद यूपी में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार मतदाता हैं। इनमें 5 करोड़ 67 लाख 9 हजार महिला और 6 करोड़ 88 लाख 47 हजार पुरुष मतदाता हैं। महिलाओं की तुलना में 1 करोड़ 21 करोड़ पुरुष मतदाता ज्यादा हैं। शहरों में 28 प्रतिशत मतदाता कम हुए
नवदीप रिणवा ने बताया- शहरी क्षेत्रों में 28 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे। SIR शुरू होने से पहले 27 अक्टूबर, 2025 को शहरी क्षेत्रों में 4.16 करोड़ थे मतदाता थे। 6 जनवरी, 2026 को SIR का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद शहरी क्षेत्रों में 2.99 करोड़ मतदाता हो गए। शहरी क्षेत्रों में 28 प्रतिशत (1. 17 करोड़) मतदाता कम हुए। ग्रामीण इलाकों में 15.23 प्रतिशत कम हुए
सीईओ ने बताया- SIR शुरू होने से पहले ग्रामीण इलाकों में 11.28 करोड़ मतदाता थे। SIR का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद अब शहरी इलाकों में 9.56 करोड़ मतदाता हैं। शहरी इलाकों में 15.23 फीसदी (1.72 करोड़) मतदाता कम हुए हैं। जेंडर रेश्यो कम होने की वजह
नवदीप रिणवा ने बताया- जो महिलाएं शादी के पहले मायके में मतदाता थी, शादी के बाद ससुराल में मतदाता बन गईं। अब दोनों में से एक जगह ही मतदाता रह सकती हैं। ऐसे में महिलाएं डुप्लीकेट मतदाता ज्यादा थीं। SIR में एक ही जगह मतदाता रह सकती थीं। इसलिए एक जगह से नाम कटने के कारण जेंडर रेश्यो में कमी आई है। वहीं, साहिबाबाद में सबसे ज्यादा जेंडर रेश्यो कम हुआ है। साहिबाबाद में SIR शुरू होने से पहले एक हजार पुरुष मतदाताओं पर 779 महिला मतदाता थी, घटकर 779 हो गई हैं। महिला मतदाताओं की संख्या में प्रति हजार 133 की कमी आई है। नई एपिक आईडी नहीं दी जाएगी
सीईओ ने बताया- SIR के दौरान 15 हजार से अधिक नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिन मतदाताओं का मतदान केंद्र बदला, उन्हें नया मतदाता पहचान पत्र नहीं दिया जाएगा। मतदाता पहचान पत्र काम केवल मतदाता का नाम और फोटो से पहचान करना है। वह पुराने एपिक आईडी से भी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की मदद के लिए नए बूथ का कार्य भी उनके पुराने बूथ से जुड़े बीएलओ को ही दिया गया है। 18 जनवरी को विशेष अभियान
सीईओ ने बताया- 18 जनवरी को सभी बूथों पर मतदाता सूची पढ़कर सुनाई जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं, वे बीएलओ से फॉर्म-6 लेकर आवेदन कर सकते हैं। अभी तक 20.73 लाख फॉर्म 6 भरे गए हैं। 3.26 करोड़ मतदाताओं को मिलेगा नोटिस
सीईओ ने बताया- पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दिया गया, जिनके गणना पत्र की मैपिंग नहीं हुई है। अब 2.22 करोड़ लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगति) वाले मतदाताओं को भी नोटिस दिया जा रहा। पहले चरण का नोटिस 14 जनवरी को जारी हो गया था, उनकी सुनवाई 21 जनवरी से शुरू होगी। प्रदेश में 403 विधानसभा क्षेत्रों में 3793 स्थानों पर नोटिस की सुनवाई होगी। नोटिस के लिए 403 मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) 8751 सहायक मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) सहित कुल कुल 9154 अधिकारी सुनवाई करेंगे। अंतिम मतदाता सूची के बाद एकरूपता आएगी
सीईओ ने कहा- राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची और भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में भिन्नता सामने आ रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से भी पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण किया जा रहा है। ईसीआई की ओर से भी SIR में दावे और आपत्तियों का कार्यक्रम चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भिन्नता ज्यादा नहीं रहेगी।