मेरठ में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर हंगामा:बीएसए कार्यालय पर छात्र नेताओं ने किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी
मेरठ में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छात्रों और छात्र नेताओं ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है, जिससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीसीएसयू के छात्र नेता और भीम आर्मी छात्र सभा के पश्चिम प्रभारी शान मुहम्मद ने किया। इस दौरान छात्र नेता और बीएसए आशा चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों का आरोप था कि अधिकारी उनसे मिलने के लिए समय नहीं दे रही थीं, जिससे नाराज होकर उन्होंने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर ही निजी प्रकाशनों की महंगी किताबों का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। किठौर, खरखौदा, राजपुरा और माछरा ब्लॉक में कक्षा 2 की किताबों का सेट करीब 6 हजार रुपये और कक्षा 3 का सेट लगभग 7 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। इन सेटों में क्रमशः 16 और 17 किताबें शामिल हैं, जो पूरी तरह निजी प्रकाशनों की हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों के बीच कमीशन का खेल चलता है। उन्हें कॉपी, किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग और जूते-मोजे तक निर्धारित दुकानों से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी अभिभावक या छात्र को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया जा रहा है और उनकी जगह निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। यह पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है।
प्रदर्शन के बाद बीएसए आशा चौधरी ने छात्रों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही अभियान चलाकर संबंधित दुकानों और स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान आरिश इमरान, आरफीन चौहान, तस्लीम अहमद, जैद, इस्लाम, करार हुसैन, ओसामा, आकाश शेरगढ़ी और आसिफ समेत कई छात्र मौजूद रहे।
मेरठ में निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छात्रों और छात्र नेताओं ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है, जिससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीसीएसयू के छात्र नेता और भीम आर्मी छात्र सभा के पश्चिम प्रभारी शान मुहम्मद ने किया। इस दौरान छात्र नेता और बीएसए आशा चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। छात्रों का आरोप था कि अधिकारी उनसे मिलने के लिए समय नहीं दे रही थीं, जिससे नाराज होकर उन्होंने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि बीएसए कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर ही निजी प्रकाशनों की महंगी किताबों का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। किठौर, खरखौदा, राजपुरा और माछरा ब्लॉक में कक्षा 2 की किताबों का सेट करीब 6 हजार रुपये और कक्षा 3 का सेट लगभग 7 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। इन सेटों में क्रमशः 16 और 17 किताबें शामिल हैं, जो पूरी तरह निजी प्रकाशनों की हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों के बीच कमीशन का खेल चलता है। उन्हें कॉपी, किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग और जूते-मोजे तक निर्धारित दुकानों से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी अभिभावक या छात्र को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया जा रहा है और उनकी जगह निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। यह पूरी तरह नियमों का उल्लंघन है।
प्रदर्शन के बाद बीएसए आशा चौधरी ने छात्रों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही अभियान चलाकर संबंधित दुकानों और स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के तहत निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान आरिश इमरान, आरफीन चौहान, तस्लीम अहमद, जैद, इस्लाम, करार हुसैन, ओसामा, आकाश शेरगढ़ी और आसिफ समेत कई छात्र मौजूद रहे।