मुफ्तीगंज बीडीओ, एडीओ आईएसबी के निलंबन का निर्देश:जिलाधिकारी ने निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर लिया एक्शन
जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के साथ मुफ्तीगंज खंड विकास अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों और कार्यालय संचालन में गंभीर लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारी आईएसबी (एडीओ आईएसबी) के निलंबन की संस्तुति करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में बीडीओ विकास योजनाओं की प्रगति और क्षेत्र भ्रमण से संबंधित अद्यतन अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। कार्यालय परिसर में पिछले तीन वर्षों से प्रेरणा कैंटीन बंद मिली, जबकि निर्माणाधीन मीटिंग हॉल का कार्य भी अधूरा और रुका हुआ पाया गया। जिलाधिकारी ने पाया कि परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं थी और बोरिंग की स्थिति के संबंध में भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। मनरेगा के तहत जॉब कार्ड और मानव दिवसों से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत नहीं किए गए। कार्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को बीडीओ के खिलाफ चार्जशीट जारी करने और निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और आरआरसी से संबंधित जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एडीओ आईएसबी द्वारा भी विभागीय योजनाओं की संतोषजनक जानकारी न देने पर डीएम ने उनके निलंबन की संस्तुति करने और अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। आईजीआरएस पटल के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने शासन स्तर से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा सेल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र लोगों को रोजगार से जोड़ने और मनरेगा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति पंजिका की भी जांच की और सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कार्य में शिथिलता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश भी दिए।



