मधुबनी में सरस्वती पूजा की तैयारियां पूरी:आकर्षक पंडालों में देवी सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित
बसंत पंचमी के पावन पर्व को लेकर मधुबनी में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों द्वारा देवी सरस्वती की विशेष पूजन-अर्चना, श्रृंगार और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। मधुबनी नगर सहित पूरे जिले में आकर्षक पूजा पंडाल बनाए गए हैं, जहां मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर शहर के स्कूलों और कॉलेजों में सरस्वती वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता पाठ, वाद-विवाद प्रतियोगिता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। छोटे बच्चों के लिए रंगोली, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। पीले कपड़े और पारंपरिक परिधानों की खरीद में भी लोग उत्साह दिखा रहे मधुबनी शहर के अलावा झंझारपुर, फूलपरास, जयनगर, बेनीपट्टी, बासोपट्टी, बिस्फी, मधवापुर, हरलाखी, कलुआही, खजौली, बाबूबरही, घोघरडीहा, लौकही, खुटौना, लदनिया, मधेपुर और लखनौर सहित अन्य बाजारों में भी बसंत पंचमी की रौनक देखी जा रही है। पूजन सामग्री, सरस्वती प्रतिमाओं, पीले फूलों, केसर और हल्दी की खरीदारी के लिए इन बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। पीले कपड़े और पारंपरिक परिधानों की खरीद में भी लोग उत्साह दिखा रहे हैं। ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व बसंत पंचमी सनातन धर्म में बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व माना गया है। यह दिन माँ सरस्वती की आराधना के साथ विद्यार्थियों को अध्ययन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के लिए प्रेरित करता है। छात्रों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा आकर्षक पूजा पंडालों में सरस्वती प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। कलाकारों ने एक हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक की मिट्टी की सरस्वती प्रतिमाएं बनाई हैं, जिनकी खरीदारी के लिए भीड़ देखी गई। पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मधुबनी पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने गुरुवार को बताया कि जिले के सभी थानों में शांति समिति की बैठकें हो चुकी हैं।
बसंत पंचमी के पावन पर्व को लेकर मधुबनी में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों द्वारा देवी सरस्वती की विशेष पूजन-अर्चना, श्रृंगार और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। मधुबनी नगर सहित पूरे जिले में आकर्षक पूजा पंडाल बनाए गए हैं, जहां मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर शहर के स्कूलों और कॉलेजों में सरस्वती वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता पाठ, वाद-विवाद प्रतियोगिता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। छोटे बच्चों के लिए रंगोली, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। पीले कपड़े और पारंपरिक परिधानों की खरीद में भी लोग उत्साह दिखा रहे मधुबनी शहर के अलावा झंझारपुर, फूलपरास, जयनगर, बेनीपट्टी, बासोपट्टी, बिस्फी, मधवापुर, हरलाखी, कलुआही, खजौली, बाबूबरही, घोघरडीहा, लौकही, खुटौना, लदनिया, मधेपुर और लखनौर सहित अन्य बाजारों में भी बसंत पंचमी की रौनक देखी जा रही है। पूजन सामग्री, सरस्वती प्रतिमाओं, पीले फूलों, केसर और हल्दी की खरीदारी के लिए इन बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। पीले कपड़े और पारंपरिक परिधानों की खरीद में भी लोग उत्साह दिखा रहे हैं। ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व बसंत पंचमी सनातन धर्म में बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व माना गया है। यह दिन माँ सरस्वती की आराधना के साथ विद्यार्थियों को अध्ययन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के लिए प्रेरित करता है। छात्रों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा आकर्षक पूजा पंडालों में सरस्वती प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। कलाकारों ने एक हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक की मिट्टी की सरस्वती प्रतिमाएं बनाई हैं, जिनकी खरीदारी के लिए भीड़ देखी गई। पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मधुबनी पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने गुरुवार को बताया कि जिले के सभी थानों में शांति समिति की बैठकें हो चुकी हैं।