भिवानी में ​किसानों से 2.26 करोड़ की ठगी में सजा:तीन सगे भाइयों को 3 साल का कठोर कारावास, 5-5 हजार रुपए जुर्माना

भिवानी के उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट सिवानी, एम.जेड. खान की अदालत ने वर्ष 2019 के बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने किसानों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के आरोपी सज्जन सेठ के तीन बेटों रविंद्र कुमार, संजय गोयल और राजेश गोयल को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। 2.26 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सिवानी मंडी में आढ़त का व्यवसाय करने वाले इन आरोपियों पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का विश्वास तोड़ने का आरोप था। दोषियों ने किसानों से लगभग 2 करोड़ 26 लाख रुपये का अनाज और नकदी उधार ली थी, जिसे बाद में हड़प लिया गया। 2019 में पीड़ित किसान बीर सिंह व अन्य की शिकायतों पर सिवानी थाना पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इन धाराओं में पाए गए दोषी अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित धाराओं के तहत दोषी माना: निःशुल्क पैरवी और 6 साल का कानूनी संघर्ष लगभग छह साल तक चले इस लंबे ट्रायल में किसानों का पक्ष एडवोकेट कृष्ण श्योराण, एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया और कुलदीप खोड ने मजबूती से रखा। विशेष बात यह रही कि इन वकीलों ने पीड़ित किसानों के लिए यह पैरवी पूरी तरह निःशुल्क की। पड़ोसी राज्यों तक फैला था ठगी का जाल एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया ने बताया कि दोषियों की ठगी का दायरा केवल सिवानी तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान के निकटवर्ती सिद्धमुख क्षेत्र तक फैला हुआ था। आरोपियों के खिलाफ राजस्थान की राजगढ़ कोर्ट में भी कई मामले अभी विचाराधीन हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सिवानी कोर्ट का यह निर्णय ऐसे ठगों के लिए एक बड़ी मिसाल बनेगा।

Jan 17, 2026 - 22:02
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भिवानी में ​किसानों से 2.26 करोड़ की ठगी में सजा:तीन सगे भाइयों को 3 साल का कठोर कारावास, 5-5 हजार रुपए जुर्माना
भिवानी के उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट सिवानी, एम.जेड. खान की अदालत ने वर्ष 2019 के बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने किसानों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के आरोपी सज्जन सेठ के तीन बेटों रविंद्र कुमार, संजय गोयल और राजेश गोयल को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। 2.26 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सिवानी मंडी में आढ़त का व्यवसाय करने वाले इन आरोपियों पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों का विश्वास तोड़ने का आरोप था। दोषियों ने किसानों से लगभग 2 करोड़ 26 लाख रुपये का अनाज और नकदी उधार ली थी, जिसे बाद में हड़प लिया गया। 2019 में पीड़ित किसान बीर सिंह व अन्य की शिकायतों पर सिवानी थाना पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इन धाराओं में पाए गए दोषी अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित धाराओं के तहत दोषी माना: निःशुल्क पैरवी और 6 साल का कानूनी संघर्ष लगभग छह साल तक चले इस लंबे ट्रायल में किसानों का पक्ष एडवोकेट कृष्ण श्योराण, एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया और कुलदीप खोड ने मजबूती से रखा। विशेष बात यह रही कि इन वकीलों ने पीड़ित किसानों के लिए यह पैरवी पूरी तरह निःशुल्क की। पड़ोसी राज्यों तक फैला था ठगी का जाल एडवोकेट हरदीप सिंह सुंदरिया ने बताया कि दोषियों की ठगी का दायरा केवल सिवानी तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान के निकटवर्ती सिद्धमुख क्षेत्र तक फैला हुआ था। आरोपियों के खिलाफ राजस्थान की राजगढ़ कोर्ट में भी कई मामले अभी विचाराधीन हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सिवानी कोर्ट का यह निर्णय ऐसे ठगों के लिए एक बड़ी मिसाल बनेगा।