फरीदाबाद में लेबर ठेकेदार की हत्या में 2 गिरफ्तार:ठेकेदारी विवाद में गोली मारकर की थी हत्या, तीन साथियों ने रची थी साजिश
फरीदाबाद के डबुआ थाना क्षेत्र के गाजीपुर स्थित एक वर्कशॉप में लेबर ठेकेदार योगेश कुमार की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में फरीदाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल दो शातिर शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खौफनाक वारदात शुक्रवार 22 मई की सुबह उस समय हुई थी, जब योगेश कुमार वर्कशॉप के भीतर सो रहे थे। आरोपियों ने सोते हुए योगेश पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुन्ना कुमार (निवासी पश्चिम भलसारा, जिला मधेपुरा, बिहार) और जुलेश कुमार (निवासी लक्ष्मीपुर लालचंद चायटोला, जिला मधेपुरा, बिहार) के रूप में हुई है। डबुआ थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दोनों को दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड से उस समय दबोचा, जब वे वारदात को अंजाम देकर बस के जरिए दिल्ली से दूर भागने की फिराक में थे। ठेकेदारी के काम का पुराना विवाद, 3 साथियों संग रची थी साजिश पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने हत्याकांड के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों का मृतक योगेश के साथ लेबर ठेकेदारी के काम और पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। पहले ये दोनों आरोपी योगेश के साथ ही काम करते थे, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और मन में रंजिश पाल ली। इसी खुन्नस का बदला लेने के लिए आरोपियों ने बिहार में बैठे अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर योगेश की हत्या की पूरी साजिश रची। पूर्णिया से आकर 2 दिन तक की रेकी, फिर सुबह 4 बजे बोला धावा पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी 20 मई को बिहार के पूर्णिया से ट्रेन पकड़कर फरीदाबाद पहुंचे थे। यहाँ आकर उन्होंने दो दिनों तक लगातार योगेश की दिनचर्या और उसके आने-जाने की रेकी की। इसके बाद 22 मई की सुबह करीब 4 बजे, जब वर्कशॉप में पूरी तरह सन्नाटा था, आरोपी चुपके से गाजीपुर स्थित वर्कशॉप में घुसे और गहरी नींद में सो रहे योगेश पर गोलियां चला दीं। गोली सीधे योगेश के शरीर के नाजुक हिस्सों में लगी, जिससे मौके पर ही तड़प-तड़प कर उनकी मौत हो गई। अदालत से रिमांड पर लेगी पुलिस, फरार साथियों की तलाश जारी वारदात के बाद वर्कशॉप के मालिक राजेश कुमार की शिकायत पर थाना डबुआ में हत्या (मर्डर) और आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस की तकनीकी सेल (CCTV व मोबाइल लोकेशन) और लगातार दी गई दबिश के बाद दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा सकें और इस हत्याकांड में शामिल उनके अन्य तीन फरार साथियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
फरीदाबाद के डबुआ थाना क्षेत्र के गाजीपुर स्थित एक वर्कशॉप में लेबर ठेकेदार योगेश कुमार की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में फरीदाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल दो शातिर शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खौफनाक वारदात शुक्रवार 22 मई की सुबह उस समय हुई थी, जब योगेश कुमार वर्कशॉप के भीतर सो रहे थे। आरोपियों ने सोते हुए योगेश पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुन्ना कुमार (निवासी पश्चिम भलसारा, जिला मधेपुरा, बिहार) और जुलेश कुमार (निवासी लक्ष्मीपुर लालचंद चायटोला, जिला मधेपुरा, बिहार) के रूप में हुई है। डबुआ थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दोनों को दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड से उस समय दबोचा, जब वे वारदात को अंजाम देकर बस के जरिए दिल्ली से दूर भागने की फिराक में थे। ठेकेदारी के काम का पुराना विवाद, 3 साथियों संग रची थी साजिश पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने हत्याकांड के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों का मृतक योगेश के साथ लेबर ठेकेदारी के काम और पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। पहले ये दोनों आरोपी योगेश के साथ ही काम करते थे, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और मन में रंजिश पाल ली। इसी खुन्नस का बदला लेने के लिए आरोपियों ने बिहार में बैठे अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर योगेश की हत्या की पूरी साजिश रची। पूर्णिया से आकर 2 दिन तक की रेकी, फिर सुबह 4 बजे बोला धावा पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी 20 मई को बिहार के पूर्णिया से ट्रेन पकड़कर फरीदाबाद पहुंचे थे। यहाँ आकर उन्होंने दो दिनों तक लगातार योगेश की दिनचर्या और उसके आने-जाने की रेकी की। इसके बाद 22 मई की सुबह करीब 4 बजे, जब वर्कशॉप में पूरी तरह सन्नाटा था, आरोपी चुपके से गाजीपुर स्थित वर्कशॉप में घुसे और गहरी नींद में सो रहे योगेश पर गोलियां चला दीं। गोली सीधे योगेश के शरीर के नाजुक हिस्सों में लगी, जिससे मौके पर ही तड़प-तड़प कर उनकी मौत हो गई। अदालत से रिमांड पर लेगी पुलिस, फरार साथियों की तलाश जारी वारदात के बाद वर्कशॉप के मालिक राजेश कुमार की शिकायत पर थाना डबुआ में हत्या (मर्डर) और आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस की तकनीकी सेल (CCTV व मोबाइल लोकेशन) और लगातार दी गई दबिश के बाद दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा सकें और इस हत्याकांड में शामिल उनके अन्य तीन फरार साथियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।