चंडीगढ़ मेयर चुनाव, AAP में बगावत:पार्षद रामचंद्र ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर नॉमिनेशन भरा, कांग्रेस ने साथ दिया; BJP की जीत तय

चंडीगढ़ में मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी के पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि वो कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी ने चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा की। इसके बाद AAP के पार्षद रामचंद्र यादव बागी हो गए हैं। उन्होंने डिप्टी मेयर पद के लिए आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की थी। पार्टी को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब हर पार्षद को चोर नजर से पार्टी के भीतर देखा जा रहा है। रामचंद्र यादव के नामांकन पत्र पर कवरिंग पार्षद के तौर पर कांग्रेस के सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी और पार्षद दर्शन ने साइन किए हैं। बताया जा रहा है कि वह और एक महिला पार्षद आम आदमी पार्टी के अन्य पार्षदों के साथ रोपड़ भी नहीं गए थे। वहीं, कांग्रेस ने भी तीनों पदों पर उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। नामांकन के लिए एक ही दिन मिलेगा। चुनाव के लिए आज शाम 5 बजे तक नामांकन का टाइम तय किया गया है। AAP को इस चुनाव में पार्षदों की दलबदली का शक है, इसलिए पार्षदों को रोपड़ के एक होटल में ले जाया गया है। उनके मोबाइल भी बंद करा दिए गए हैं। आज दोपहर के समय महज उन पार्षदों को ही लाया जाएगा, जिनकी तरफ से नामांकन या फिर प्रस्तावित पार्षदों को लाया जाएगा। चुनाव तक इन सभी को शहर से बाहर रखने की तैयारी है। पहली बार मेयर का चुनाव हाथ खड़े कर होगा। अब तक सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होती थी। हालांकि हाथ हाउस में खड़े कराए जाएंगे या बंद कमरे में, इसको लेकर अभी स्थिति क्लियर नहीं है। कांग्रेस-AAP ने ये उम्मीदवार उतारे AAP ने मेयर पद के लिए योगेश ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए मुन्नवर खान और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस की तरफ से मेयर के लिए गुरप्रीत गाबी और सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सचिन गालिब और निर्मला देवी डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। कांग्रेस बोली- उम्मीदवार घोषित किए, हम भी गठजोड़ नहीं चाहते चंडीगढ़ कांग्रेस प्रधान एचएस लक्की ने कहा हमने सबसे पहले उम्मीदवार घोषित किए हैं। हमने ऐलान किया है कि हम गठजोड़ नहीं करेंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी के पास नंबर पूरे नहीं हो रहे थे। पहले इनके दो पार्षद चले गए थे। जबकि 11 में से नौ ही पार्षद किसी रिजॉर्ट में गए हैं। जबकि दो पार्षद इनके साथ नहीं है। ऐसे में साफ है कि हम बीजेपी को नहीं रोक पाएंगे। हमारी सारी वोट साथ है। हमारी पार्टी एकजुट है। वहीं, उन्होंने दावा किया है कि हमारे साथ और लोग जुड़ेंगे। हालांकि, लक्की ने कहा कि हमने बीजेपी को रोकने के लिए प्रयास किया। दोनों पार्टियों के नेताओं ने कोशिश भी की। हालांकि, हमारे पंजाब कांग्रेस के नेता इसके पक्ष में नहीं थे। वहीं, पता यह भी चला है कि AAP पार्षद राम चंद्र अलग नामिनेशन करने जा रहे हे। पंजाब BJP ने AAP और कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल उठाए थे इससे पहले चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की संभावना पर पंजाब भाजपा ने सवाल खड़े किए थे। भाजपा के पंजाब के वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा- कांग्रेस के करप्शन काे AAP का समर्थन। क्या पंजाब कांग्रेस के नेताओं को आज जल्दबाजी में दिल्ली आप पार्टी से गठजोड़ की जरूरत समझाने के लिए बुलाया गया है?। चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का खुला गठजोड़ यह साबित करेगा कि ये दल केवल दिखावे के लिए एक-दूसरे को विरोधी हैं, जबकि पर्दे के पीछे पूरी तरह मिले हुए हैं। निगम में मेयर चुनाव का गणित क्या? नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए कुल 35 पार्षदों और 1 सांसद की वोट मान्य होती है। मेयर बनाने के लिए 19 पार्षदों का समर्थन चाहिए। मौजूदा वक्त में भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। वहीं AAP के पास 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं जबकि सांसद भी कांग्रेस का है। ऐसे में अगर AAP और कांग्रेस साथ आए तो दोनों तरफ की वोटें 18-18 यानी बराबर हो जांएगी। इसी वजह से ये चुनाव दिलचस्प बना हुआ है। भाजपा कैसे बना सकती है मेयर, 3 सिनेरियो... 1. भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, अभी भी भाजपा विपक्षी दलों के पार्षदों से संपर्क कर रही है। अगर कोई पार्षद उनके साथ आता है तो भाजपा के वोट 19 और विपक्ष के 17 रह जाएंगे, ऐसे में भाजपा मेयर बना सकती है। 2. दूसरा सिनेरियो ये है कि अगर विपक्ष का कोई पार्षद वोटिंग के वक्त गैरहाजिर हो जाता है और भाजपा के सभी पार्षद वोटिंग करते हैं तो फिर इससे भी भाजपा का मेयर बन सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद भी भाजपा कब्जा सकती है। 3. कांग्रेस में खींचतान चल रही है। कांग्रेस के पास अभी 6 पार्षद बचे हैं। जिनमें सभी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। अगर उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाता तो वह बगावत कर सकते हैं। वह भाजपा के हक में वोटिंग कर सकते हैं या वोटिंग से गैरहाजिर भी रह सकते हैं। निगम में अब तक 4 मेयर कैसे बने? चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद चुनाव की टर्म 5 साल की होती है। हालांकि मेयर का चुनाव हर साल होता है। इस लिहाज से 5 साल में 5 मेयर बनते हैं। लेकिन पार्षद वही रहते हैं। निगम में कुल 35 पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को एक्स ऑफिशियो मेंबर माना जाता है। उन्हें मेयर चुनाव में वोटिंग का भी अधिकार होता है। पहले चुनाव गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट से होता था। जिसमें अक्सर क्रॉस-वोटिंग या विवाद होते हैं। इसलिए इस बार वोटिंग हाथ खड़े करवाकर होगी।

Jan 22, 2026 - 15:48
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव, AAP में बगावत:पार्षद रामचंद्र ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर नॉमिनेशन भरा, कांग्रेस ने साथ दिया; BJP की जीत तय
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी के पंजाब प्रभारी जरनैल सिंह ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि वो कांग्रेस से कोई गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी ने चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा की। इसके बाद AAP के पार्षद रामचंद्र यादव बागी हो गए हैं। उन्होंने डिप्टी मेयर पद के लिए आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार तीन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की थी। पार्टी को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब हर पार्षद को चोर नजर से पार्टी के भीतर देखा जा रहा है। रामचंद्र यादव के नामांकन पत्र पर कवरिंग पार्षद के तौर पर कांग्रेस के सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी और पार्षद दर्शन ने साइन किए हैं। बताया जा रहा है कि वह और एक महिला पार्षद आम आदमी पार्टी के अन्य पार्षदों के साथ रोपड़ भी नहीं गए थे। वहीं, कांग्रेस ने भी तीनों पदों पर उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। नामांकन के लिए एक ही दिन मिलेगा। चुनाव के लिए आज शाम 5 बजे तक नामांकन का टाइम तय किया गया है। AAP को इस चुनाव में पार्षदों की दलबदली का शक है, इसलिए पार्षदों को रोपड़ के एक होटल में ले जाया गया है। उनके मोबाइल भी बंद करा दिए गए हैं। आज दोपहर के समय महज उन पार्षदों को ही लाया जाएगा, जिनकी तरफ से नामांकन या फिर प्रस्तावित पार्षदों को लाया जाएगा। चुनाव तक इन सभी को शहर से बाहर रखने की तैयारी है। पहली बार मेयर का चुनाव हाथ खड़े कर होगा। अब तक सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होती थी। हालांकि हाथ हाउस में खड़े कराए जाएंगे या बंद कमरे में, इसको लेकर अभी स्थिति क्लियर नहीं है। कांग्रेस-AAP ने ये उम्मीदवार उतारे AAP ने मेयर पद के लिए योगेश ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए मुन्नवर खान और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर के नाम का ऐलान किया। कांग्रेस की तरफ से मेयर के लिए गुरप्रीत गाबी और सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सचिन गालिब और निर्मला देवी डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। कांग्रेस बोली- उम्मीदवार घोषित किए, हम भी गठजोड़ नहीं चाहते चंडीगढ़ कांग्रेस प्रधान एचएस लक्की ने कहा हमने सबसे पहले उम्मीदवार घोषित किए हैं। हमने ऐलान किया है कि हम गठजोड़ नहीं करेंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी के पास नंबर पूरे नहीं हो रहे थे। पहले इनके दो पार्षद चले गए थे। जबकि 11 में से नौ ही पार्षद किसी रिजॉर्ट में गए हैं। जबकि दो पार्षद इनके साथ नहीं है। ऐसे में साफ है कि हम बीजेपी को नहीं रोक पाएंगे। हमारी सारी वोट साथ है। हमारी पार्टी एकजुट है। वहीं, उन्होंने दावा किया है कि हमारे साथ और लोग जुड़ेंगे। हालांकि, लक्की ने कहा कि हमने बीजेपी को रोकने के लिए प्रयास किया। दोनों पार्टियों के नेताओं ने कोशिश भी की। हालांकि, हमारे पंजाब कांग्रेस के नेता इसके पक्ष में नहीं थे। वहीं, पता यह भी चला है कि AAP पार्षद राम चंद्र अलग नामिनेशन करने जा रहे हे। पंजाब BJP ने AAP और कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल उठाए थे इससे पहले चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की संभावना पर पंजाब भाजपा ने सवाल खड़े किए थे। भाजपा के पंजाब के वर्किंग प्रधान अश्वनी शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा- कांग्रेस के करप्शन काे AAP का समर्थन। क्या पंजाब कांग्रेस के नेताओं को आज जल्दबाजी में दिल्ली आप पार्टी से गठजोड़ की जरूरत समझाने के लिए बुलाया गया है?। चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का खुला गठजोड़ यह साबित करेगा कि ये दल केवल दिखावे के लिए एक-दूसरे को विरोधी हैं, जबकि पर्दे के पीछे पूरी तरह मिले हुए हैं। निगम में मेयर चुनाव का गणित क्या? नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए कुल 35 पार्षदों और 1 सांसद की वोट मान्य होती है। मेयर बनाने के लिए 19 पार्षदों का समर्थन चाहिए। मौजूदा वक्त में भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। वहीं AAP के पास 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं जबकि सांसद भी कांग्रेस का है। ऐसे में अगर AAP और कांग्रेस साथ आए तो दोनों तरफ की वोटें 18-18 यानी बराबर हो जांएगी। इसी वजह से ये चुनाव दिलचस्प बना हुआ है। भाजपा कैसे बना सकती है मेयर, 3 सिनेरियो... 1. भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, अभी भी भाजपा विपक्षी दलों के पार्षदों से संपर्क कर रही है। अगर कोई पार्षद उनके साथ आता है तो भाजपा के वोट 19 और विपक्ष के 17 रह जाएंगे, ऐसे में भाजपा मेयर बना सकती है। 2. दूसरा सिनेरियो ये है कि अगर विपक्ष का कोई पार्षद वोटिंग के वक्त गैरहाजिर हो जाता है और भाजपा के सभी पार्षद वोटिंग करते हैं तो फिर इससे भी भाजपा का मेयर बन सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद भी भाजपा कब्जा सकती है। 3. कांग्रेस में खींचतान चल रही है। कांग्रेस के पास अभी 6 पार्षद बचे हैं। जिनमें सभी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। अगर उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाता तो वह बगावत कर सकते हैं। वह भाजपा के हक में वोटिंग कर सकते हैं या वोटिंग से गैरहाजिर भी रह सकते हैं। निगम में अब तक 4 मेयर कैसे बने? चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद चुनाव की टर्म 5 साल की होती है। हालांकि मेयर का चुनाव हर साल होता है। इस लिहाज से 5 साल में 5 मेयर बनते हैं। लेकिन पार्षद वही रहते हैं। निगम में कुल 35 पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को एक्स ऑफिशियो मेंबर माना जाता है। उन्हें मेयर चुनाव में वोटिंग का भी अधिकार होता है। पहले चुनाव गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट से होता था। जिसमें अक्सर क्रॉस-वोटिंग या विवाद होते हैं। इसलिए इस बार वोटिंग हाथ खड़े करवाकर होगी।