CJI बोले– कार स्टेटस सिंबल, इसे रोक नहीं सकते:लोग पैसा बचाकर कार खरीदते हैं; वकील ने कहा था– कारों पर रोक लगाकर प्रदूषण रोकें
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा- कार एक स्टेटस सिंबल बन गई है। इसे नहीं रोक सकते। लोग कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं और उन्होंने साइकिल का इस्तेमाल बंद कर दिया है। सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील राकेश द्विवेदी ने सुझाव दिया था कि कार रखने वाले लोगों की संख्या कम करके वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान किया जा सकता है। कोर्ट ने आगे कहा कि CAQM विफल है। कोर्ट ने पूछा कि जब AQI लगातार गिरता जा रहा है तो आप कर क्या रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने मामले पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने CAQM को आदेश दिया कि वह दिल्ली की खराब होती हवा के असल कारणों की पहचान करें और दो हफ्तों के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाकर पूरी रिपोर्ट पेश करें। 17 दिसंबर, 2025 के अपने आदेश का जिक्र करते हुए, कोर्ट ने कहा कि CAQM से विशेष रूप से लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन पर फिर से विचार करने के लिए कहा गया था। लेकिन केवल एक स्टेटस नोट दायर किया गया जिसमें कोई गंभीरता नहीं दिखाती। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा- 17 दिसंबर: कोर्ट ने कहा- सरकार लॉन्गटर्म प्लान बनाएं सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुनवाई की। कोर्ट ने NHAI और MCD को आदेश दिए कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा थोड़े समय के लिए बंद किए जाएं या किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पॉल्यूशन पर कंट्रोल होगा। कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते में अपना फैसला लेने का समय दिया। पूरी खबर पढ़ें... पर्यावरण मंत्री बोले- वायु प्रदूषण के लिए योजनाओं की हर महीने समीक्षा होगी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्यों द्वारा बनाई गई योजनाओं की मासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया। मंत्री ने राजस्थान और पंजाब सरकारों के साथ एक बैठक में कई निर्देश जारी किए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सेक्टर-वार कार्य योजनाएं तैयार की जाएं, जिसमें संबंधित विभागों पर कार्यान्वयन की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए।



