'कॉकरोच जनता पार्टी कोई राजनीतिक दल नहीं, एक डिजिटल अभियान':मुजफ्फरपुर पहुंचे प्रशांत किशोर, कहा- सरकार के लिए भ्रष्टाचार-महंगाई के खिलाफ एक संकेत है CJP
मुजफ्फरपुर पहुंचे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक डिजिटल अभियान है। अगर करोड़ों लोग किसी मंच से जुड़ रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि समाज में भ्रष्टाचार, महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। रविवार को बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत प्रशांत किशोर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। माधोपुर सुस्ता में आयोजित जन सुराज की जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक में जिले भर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज संगठन को और मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास किया था। उसी दौरान यह निर्णय लिया गया था कि नई सरकार के छह महीने पूरे होने तक संगठन के पुनर्गठन का काम किया जाएगा। संगठन को नए सिरे से मजबूत किया पीके ने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत जिला और राज्य इकाइयों को भंग कर संगठन को नए सिरे से मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षा, भ्रष्टाचार, पलायन, बेरोजगारी और बिहार में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच मजबूती से अपनी बात रखेगा। जन सुराज पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा। उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाड़ियों की संख्या कम करने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि देश की जनता महंगाई से परेशान है। ऐसे में ‘विश्व गुरु’ का दावा सिर्फ जुमला बनकर रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘पेट्रोल बचाओ’ है या ‘पेट्रोल खपाओ’, यह तो मोदी जी ही बता सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, तो फिर आम लोगों को गैस, तेल और जरूरी संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
मुजफ्फरपुर पहुंचे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक डिजिटल अभियान है। अगर करोड़ों लोग किसी मंच से जुड़ रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि समाज में भ्रष्टाचार, महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। रविवार को बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत प्रशांत किशोर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। माधोपुर सुस्ता में आयोजित जन सुराज की जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक में जिले भर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज संगठन को और मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास किया था। उसी दौरान यह निर्णय लिया गया था कि नई सरकार के छह महीने पूरे होने तक संगठन के पुनर्गठन का काम किया जाएगा। संगठन को नए सिरे से मजबूत किया पीके ने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत जिला और राज्य इकाइयों को भंग कर संगठन को नए सिरे से मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षा, भ्रष्टाचार, पलायन, बेरोजगारी और बिहार में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच मजबूती से अपनी बात रखेगा। जन सुराज पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा। उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाड़ियों की संख्या कम करने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि देश की जनता महंगाई से परेशान है। ऐसे में ‘विश्व गुरु’ का दावा सिर्फ जुमला बनकर रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘पेट्रोल बचाओ’ है या ‘पेट्रोल खपाओ’, यह तो मोदी जी ही बता सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, तो फिर आम लोगों को गैस, तेल और जरूरी संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना क्यों करना पड़ रहा है।