आंगनबाड़ी निर्माण काम दो दिन में शुरू करने का आदेश:दरभंगा में ऑयल मिल के लिए 43 आवेदन, 17 योग्य, शीघ्र कार्रवाई का डीएम ने दिया निर्देश

दरभंगा समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में मीटिंग हुई। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित आईसीडीएस की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के अंदर सुधार लाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं का नियमित और प्रभावी अनुश्रवण करें। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन व ऊंचाई की नियमित जांच, पोषण स्तर का आकलन और लाभार्थियों के बीच होम विजिट सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण काम की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित व स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण काम दो दिनों के भीतर प्रारंभ करने का स्पष्ट आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि आईसीडीएस योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 43 आवेदनों में 17 योग्य, शीघ्र कार्रवाई का निर्देश जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिला तेलहन मिशन समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में ऑयल मिल स्थापना से संबंधित हासिल आवेदनों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श करना था। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी की ओर से बताया गया कि ऑयल मिल स्थापना के लिए कुल 43 आवेदन मिले हुए हैं, जिनमें से निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद 17 आवेदकों को योग्य पाया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि योग्य पाए गए आवेदनों पर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऑयल मिल स्थापना से जिले में तेलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होगा और किसानों व उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दरभंगा में मकर संक्रांति महोत्सव का भव्य शुभारंभ कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन दरभंगा के संयुक्त देखरेख में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का शुभारंभ दरभंगा प्रेक्षागृह में किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आपसी सौहार्द, उल्लास और लोक संस्कृति का पर्व बताया।

Jan 14, 2026 - 21:34
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आंगनबाड़ी निर्माण काम दो दिन में शुरू करने का आदेश:दरभंगा में ऑयल मिल के लिए 43 आवेदन, 17 योग्य, शीघ्र कार्रवाई का डीएम ने दिया निर्देश
दरभंगा समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में मीटिंग हुई। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित आईसीडीएस की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के अंदर सुधार लाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं का नियमित और प्रभावी अनुश्रवण करें। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन व ऊंचाई की नियमित जांच, पोषण स्तर का आकलन और लाभार्थियों के बीच होम विजिट सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण काम की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी लंबित व स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण काम दो दिनों के भीतर प्रारंभ करने का स्पष्ट आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि आईसीडीएस योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 43 आवेदनों में 17 योग्य, शीघ्र कार्रवाई का निर्देश जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिला तेलहन मिशन समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में ऑयल मिल स्थापना से संबंधित हासिल आवेदनों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श करना था। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी की ओर से बताया गया कि ऑयल मिल स्थापना के लिए कुल 43 आवेदन मिले हुए हैं, जिनमें से निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद 17 आवेदकों को योग्य पाया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि योग्य पाए गए आवेदनों पर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऑयल मिल स्थापना से जिले में तेलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होगा और किसानों व उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दरभंगा में मकर संक्रांति महोत्सव का भव्य शुभारंभ कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन दरभंगा के संयुक्त देखरेख में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का शुभारंभ दरभंगा प्रेक्षागृह में किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आपसी सौहार्द, उल्लास और लोक संस्कृति का पर्व बताया।