इतिहास में पहली बार इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में बैठकर पत्रकारों पर एक होश उड़ाने वाला ऐलान किया है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डेनी डेनिन ने दुनिया को बताया है कि कैसे फिलिस्तीन पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार सुबह तो कैमरा पकड़ते हैं लेकिन रात में बंदूक उठा लेते हैं। इजराइल ने दो चैनल्स के पत्रकारों की तस्वीर दिखाकर सबूत दिए हैं कि यह दोनों पत्रकार दरअसल आतंकी हैं। जिन्हें फिलिस्तीन पर झूठी खबरें दिखाने के लिए हायर किया गया था। डेनी डेनन ने बताया कि मोहम्मद नासेर नाम का यह आतंकी अल इस्तकलाल चैनल का पत्रकार था और अहमद विशा नाम का यह आतंकी अल जजीरा के लिए पत्रकारिता कर रहा था।
इजराइल ने जिस तरह से इन दोनों पत्रकारों की तस्वीरें पलट-पलट कर दिखाई है, वह आपको हैरान कर देंगी। बता दें कि अलजजीरा भारत के खिलाफ भी खूब जहर उगलता है। बहरहाल पत्रकार की आड़ में काम कर रहे इन आतंकियों को एक्सपोज करने के बाद इजराइल ने गाजा में काम कर रही यूएन की एक एजेंसी के वर्कर को भी बेनकाब कर दिया है। इसका नाम मोहम्मद अबू इताबी था। यह इजराइल के हमले में मारा गया था। जिस समय यह मरा था उस समय संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि इजराइल ने हमारे वर्कर को मार दिया है। लेकिन इजराइल ने अब सबूत देकर बताया है कि संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करने वाला यह व्यक्ति असल में हमास का आतंकी था। वैसे बताया जाता है कि भारत में भी ऐसे कई पत्रकार हैं जो पाकिस्तान, चीन और अमेरिकी डीप स्टेट से पैसा लेकर भारत को ही गालियां देते हैं। भारत में फेक न्यूज़ फैलाते हैं। इन्हें हमेशा आतंकियों के ह्यूमन राइट्स दिखते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति भारत के खिलाफ काम करता है, उसे भी ऐसे ही एक्सपोज करना चाहिए। इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में जिस तरह से पत्रकारों को बेनकाब किया है, उसे देखकर बताइएगा कि इजराइल ने सही किया या नहीं।