साइबर अपराधी सक्रिय, APK से खाली कर सकते हैं अकाउंट:अमेठी पुलिस चला रही जागरूकता अभियान, नए साल पर रहें सतर्क

नए साल के अवसर पर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। अमेठी पुलिस ने लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात एपीके (APK) फाइल को न खोलें, भले ही वह किसी परिचित या रिश्तेदार के नाम से आई हो। दरअसल, नए साल के जश्न के दौरान साइबर अपराधी बधाई संदेशों के बहाने एपीके फाइलें भेजकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़प सकते हैं। जिले का पुलिस महकमा इसी खतरे से बचने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन फाइलों के माध्यम से धोखेबाज लोगों के बैंक खातों को खाली कर सकते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लोग नए साल पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भेजते हैं। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर एपीके फाइल या अन्य लिंक तैयार कर परिवार या रिश्तेदारों के नाम पर भेजते हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी भी बधाई संदेश को तुरंत डिलीट कर दें और उसे खोलने से बचें। जैसे ही कोई व्यक्ति इन शुभकामना संदेशों को खोलता है, उसके खाते की सारी गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि पलक झपकते ही व्यक्ति की गाढ़ी कमाई चली जाती है। पुलिस ने लोगों से सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है और साइबर अपराध से बचाव के लिए लगातार अभियान चला रही है।

Dec 31, 2025 - 15:18
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साइबर अपराधी सक्रिय, APK से खाली कर सकते हैं अकाउंट:अमेठी पुलिस चला रही जागरूकता अभियान, नए साल पर रहें सतर्क
नए साल के अवसर पर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। अमेठी पुलिस ने लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात एपीके (APK) फाइल को न खोलें, भले ही वह किसी परिचित या रिश्तेदार के नाम से आई हो। दरअसल, नए साल के जश्न के दौरान साइबर अपराधी बधाई संदेशों के बहाने एपीके फाइलें भेजकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़प सकते हैं। जिले का पुलिस महकमा इसी खतरे से बचने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन फाइलों के माध्यम से धोखेबाज लोगों के बैंक खातों को खाली कर सकते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लोग नए साल पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को शुभकामना संदेश भेजते हैं। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर एपीके फाइल या अन्य लिंक तैयार कर परिवार या रिश्तेदारों के नाम पर भेजते हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी भी बधाई संदेश को तुरंत डिलीट कर दें और उसे खोलने से बचें। जैसे ही कोई व्यक्ति इन शुभकामना संदेशों को खोलता है, उसके खाते की सारी गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि पलक झपकते ही व्यक्ति की गाढ़ी कमाई चली जाती है। पुलिस ने लोगों से सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है और साइबर अपराध से बचाव के लिए लगातार अभियान चला रही है।