रोहतक में सांसद को ज्ञापन देने गए मजदूरों से विवाद:पुलिस ने रोका तो नारेबाजी; कल्याण बोर्ड पोर्टल बंद होने से परेशानी

हरियाणा के रोहतक जिले के महम में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के सदस्यों और पुलिस के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया, जब प्रदर्शनकारी राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के आवास पर ज्ञापन देने पहुंचे। पुलिस द्वारा अंदर जाने से रोके जाने पर मजदूरों ने सांसद के गेट के सामने ही डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की। अंततः तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया गया। सांसद आवास पर हाई वोल्टेज ड्रामा मजदूरों का जत्था जैसे ही सांसद रामचंद्र जांगड़ा के आवास पर पहुँचा, पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़ गए कि वे ज्ञापन केवल सांसद को ही सौंपेंगे। पुलिस और मजदूरों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सांसद मजदूरों की आवाज को अनसुना कर रहे हैं और पुलिस का सहारा लेकर उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। पोर्टल बंद होने से 6 लाख मजदूर प्रभावित मोर्चा के सदस्य कामरेड विनोद ने मजदूरों की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि: सरकार और अधिकारियों पर तीखा हमला मजदूर नेताओं ने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें रजिस्टर्ड मजदूरों को 'फर्जी' बताया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि मजदूर फर्जी हैं, तो उन्हें वेरीफाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मजदूरों के हक छीनने का प्रयास कर रही है। मनरेगा का नाम बदलने पर जताया विरोध कामरेड विनोद ने मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर 'वीबी जी राम जी' किए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा: फरवरी में बड़े आंदोलन की चेतावनी संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो फरवरी माह में प्रदेश स्तरीय बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने दो-टूक कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए स्वयं प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।

Jan 17, 2026 - 22:02
 0
रोहतक में सांसद को ज्ञापन देने गए मजदूरों से विवाद:पुलिस ने रोका तो नारेबाजी; कल्याण बोर्ड पोर्टल बंद होने से परेशानी
हरियाणा के रोहतक जिले के महम में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के सदस्यों और पुलिस के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया, जब प्रदर्शनकारी राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के आवास पर ज्ञापन देने पहुंचे। पुलिस द्वारा अंदर जाने से रोके जाने पर मजदूरों ने सांसद के गेट के सामने ही डेरा डाल दिया और जमकर नारेबाजी की। अंततः तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया गया। सांसद आवास पर हाई वोल्टेज ड्रामा मजदूरों का जत्था जैसे ही सांसद रामचंद्र जांगड़ा के आवास पर पहुँचा, पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़ गए कि वे ज्ञापन केवल सांसद को ही सौंपेंगे। पुलिस और मजदूरों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सांसद मजदूरों की आवाज को अनसुना कर रहे हैं और पुलिस का सहारा लेकर उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। पोर्टल बंद होने से 6 लाख मजदूर प्रभावित मोर्चा के सदस्य कामरेड विनोद ने मजदूरों की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि: सरकार और अधिकारियों पर तीखा हमला मजदूर नेताओं ने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें रजिस्टर्ड मजदूरों को 'फर्जी' बताया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि मजदूर फर्जी हैं, तो उन्हें वेरीफाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल मजदूरों के हक छीनने का प्रयास कर रही है। मनरेगा का नाम बदलने पर जताया विरोध कामरेड विनोद ने मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर 'वीबी जी राम जी' किए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा: फरवरी में बड़े आंदोलन की चेतावनी संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो फरवरी माह में प्रदेश स्तरीय बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने दो-टूक कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए स्वयं प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।