बागपत में व्हाट्सऐप हैक कर ठगी करने वाला गिरफ्तार:भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद, पुलिस जांच में जुटी
बागपत साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सऐप हैक कर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त की पहचान सावेज पुत्र साकिव हसन निवासी ग्राम असर, थाना रावड़ा, जनपद बागपत के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त व्हाट्सऐप अकाउंट हैक करके लोगों के परिचितों को संदेश भेजता था और उनसे पैसों की मांग कर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। इस संबंध में कई शिकायतें मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई है। इनमें एक मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, छह पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी कार्ड, चार बैंक पासबुक, एक चेक और बारह डेबिट कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अभियुक्त विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी करता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह लोगों की निजी जानकारी जुटाकर उनके सोशल मीडिया और मैसेजिंग अकाउंट्स को निशाना बनाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में कोई और सदस्य भी शामिल है या नहीं और कितने लोगों को अब तक ठगी का शिकार बनाया गया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ओटीपी या कॉल को साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने दोहराया है कि ऐसी कार्रवाइयों से साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बागपत साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सऐप हैक कर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त की पहचान सावेज पुत्र साकिव हसन निवासी ग्राम असर, थाना रावड़ा, जनपद बागपत के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त व्हाट्सऐप अकाउंट हैक करके लोगों के परिचितों को संदेश भेजता था और उनसे पैसों की मांग कर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। इस संबंध में कई शिकायतें मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई है। इनमें एक मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, छह पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी कार्ड, चार बैंक पासबुक, एक चेक और बारह डेबिट कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अभियुक्त विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी करता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह लोगों की निजी जानकारी जुटाकर उनके सोशल मीडिया और मैसेजिंग अकाउंट्स को निशाना बनाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में कोई और सदस्य भी शामिल है या नहीं और कितने लोगों को अब तक ठगी का शिकार बनाया गया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, ओटीपी या कॉल को साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने दोहराया है कि ऐसी कार्रवाइयों से साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।