दरभंगा में संभावित बाढ़-सुखाड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट:जिले में कुल 13 बाढ़ आश्रय स्थल चिन्हित; डीएम ने तैयारियों की समीक्षा की, तटबंधों की निगरानी के निर्देश दिये
जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन विभाग की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से तटबंधों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों और सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किया जाए। विशेष रूप से वर्षा के दौरान रेनकट (Rain Cut) वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी अंचलों में प्लास्टिक की शीट भेजी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया कि सभी संबंधित अंचलों में पॉलीथिन शीट भेज दी गई हैं। इस पर डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को शीघ्र सत्यापन कर सुरक्षित भंडारण और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित वितरण की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर और घनश्यामपुर अंचलों में 1500 से 2000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने को कहा। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अंचलाधिकारी क्विक रिस्पांस टाइम के साथ कार्य करें, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता सह प्रभारी, आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नाविकों के साथ बैठक करने तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में 13 बाढ़ राहत आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को राहत केंद्रों और सामुदायिक भवनों का भौतिक निरीक्षण कर पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में पशु चारा, जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण, आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि के समय पर भुगतान तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, सदर एसडीओ, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, बीडीओ, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन विभाग की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से तटबंधों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों और सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किया जाए। विशेष रूप से वर्षा के दौरान रेनकट (Rain Cut) वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी अंचलों में प्लास्टिक की शीट भेजी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया कि सभी संबंधित अंचलों में पॉलीथिन शीट भेज दी गई हैं। इस पर डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को शीघ्र सत्यापन कर सुरक्षित भंडारण और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित वितरण की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर और घनश्यामपुर अंचलों में 1500 से 2000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने को कहा। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अंचलाधिकारी क्विक रिस्पांस टाइम के साथ कार्य करें, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता सह प्रभारी, आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नाविकों के साथ बैठक करने तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में 13 बाढ़ राहत आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को राहत केंद्रों और सामुदायिक भवनों का भौतिक निरीक्षण कर पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में पशु चारा, जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण, आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि के समय पर भुगतान तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, सदर एसडीओ, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, बीडीओ, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।