झज्जर में कुत्तों की नसबंदी पर उठाए सवाल:जिस संस्था को काम सौंपा, उसके पास सुविधाएं नहीं, एनिमल लवर्स ने डीसी को दिया ज्ञापन

झज्जर जिले में कुत्तों की नसबंदी मामले को लेकर एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर मंगलवार को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन की ओर से कुत्तों नसबंदी करने वाली संस्था पर सवाल उठाए गए हैं। वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी का काम जिस संस्था को बहादुरगढ़ में दिया गया है, उसके पास पूरी सुविधाएं नहीं हैं। एसोसिएशन की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि जो संस्था कुत्तों की नसबंदी कर रही है उसके पास पर्याप्त जगह नहीं है और न ही ऑपरेशन की कोई व्यवस्था है। वहीं व्यवस्था करने की बजाय संस्था कुत्तों को रोहतक लेकर जा रही है जो कि सरासर गलत है। दरअसल झज्जर जिले में कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर परिषद की ओर से संस्था को टेंडर दिया गया है। कुत्तों की नसबंदी के लिए ले जा रहे बहादुरगढ़ से बाहर एसोसिएशन के पदाधिकारी मंजीत सहरावत ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी करना कोई गलत काम नहीं है और इंसान और जानवर दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि हम बोलकर अपनी पीड़ा जाहिर कर सकते हैं लेकिन कुत्ते तो बोल भी नहीं सकते। ऐसे में कुत्तों को टेरेटरी से बाहर लेकर जाना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी जानवर को संस्था नगर परिषद या शहर से 15 किलोमीटर दूर नहीं लेकर जा सकती। जानवर जिस क्षेत्र का है वहीं उसी नगर परिषद या क्षेत्र के 15 किलोमीटर के दायरे में ही उसके लिए सारी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मांग की गई है कि बहादुरगढ़ के जानवरों को बाहर न ले जाया जाएं उनके लिए बहादुरगढ़ में ही नसबंदी के लिए व्यवस्थाएं कराई जाएं।

Dec 30, 2025 - 18:08
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झज्जर में कुत्तों की नसबंदी पर उठाए सवाल:जिस संस्था को काम सौंपा, उसके पास सुविधाएं नहीं, एनिमल लवर्स ने डीसी को दिया ज्ञापन
झज्जर जिले में कुत्तों की नसबंदी मामले को लेकर एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर मंगलवार को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन की ओर से कुत्तों नसबंदी करने वाली संस्था पर सवाल उठाए गए हैं। वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी का काम जिस संस्था को बहादुरगढ़ में दिया गया है, उसके पास पूरी सुविधाएं नहीं हैं। एसोसिएशन की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि जो संस्था कुत्तों की नसबंदी कर रही है उसके पास पर्याप्त जगह नहीं है और न ही ऑपरेशन की कोई व्यवस्था है। वहीं व्यवस्था करने की बजाय संस्था कुत्तों को रोहतक लेकर जा रही है जो कि सरासर गलत है। दरअसल झज्जर जिले में कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर परिषद की ओर से संस्था को टेंडर दिया गया है। कुत्तों की नसबंदी के लिए ले जा रहे बहादुरगढ़ से बाहर एसोसिएशन के पदाधिकारी मंजीत सहरावत ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी करना कोई गलत काम नहीं है और इंसान और जानवर दोनों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि हम बोलकर अपनी पीड़ा जाहिर कर सकते हैं लेकिन कुत्ते तो बोल भी नहीं सकते। ऐसे में कुत्तों को टेरेटरी से बाहर लेकर जाना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी जानवर को संस्था नगर परिषद या शहर से 15 किलोमीटर दूर नहीं लेकर जा सकती। जानवर जिस क्षेत्र का है वहीं उसी नगर परिषद या क्षेत्र के 15 किलोमीटर के दायरे में ही उसके लिए सारी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मांग की गई है कि बहादुरगढ़ के जानवरों को बाहर न ले जाया जाएं उनके लिए बहादुरगढ़ में ही नसबंदी के लिए व्यवस्थाएं कराई जाएं।