झज्जर की टीचर बबीता अहलावत को मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार:7 लाख रुपए जुटाकर बदली स्कूल की तस्वीर, 28 साल से शिक्षा के क्षेत्र में दे रहीं सेवाएं
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में झज्जर जिले के बेरी स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका बबीता अहलावत को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। बबीता अहलावत का कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके विद्यार्थियों और अभिभावकों के विश्वास का परिणाम है। विद्यार्थियों को परिवार का हिस्सा मानकर पढ़ाया बबीता अहलावत पिछले 9 वर्षों से बेरी के सरकारी प्राथमिक स्कूल में सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए और प्रवासी परिवारों के बच्चों को भी स्कूल से जोड़ने पर जोर दिया। बारिश में स्कूल परिसर में भर जाता था पानी बबीता अहलावत ने बताया कि जब उन्होंने बेरी के स्कूल में कार्यभार संभाला था, तब बारिश के दौरान स्कूल परिसर में करीब 4 फीट तक पानी भर जाता था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने स्थानीय दानदाताओं के सहयोग से करीब 7 लाख रुपये जुटाए। इस राशि से स्कूल परिसर में मिट्टी भरवाई गई और टाइल्स लगवाई गईं, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान हुआ। 28 साल से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं बबीता अहलावत करीब 28 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। उनके समर्पण और प्रयासों से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाने की दिशा में काम हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार का हिस्सा मानकर उनके भविष्य को संवारना है। उनके अनुसार बच्चों को सिर्फ छात्र नहीं समझना चाहिए, बल्कि उनके अभिभावकों के विश्वास को भी अपनी जिम्मेदारी मानना चाहिए। सम्मान को बताया टीम की मेहनत का परिणाम राज्य पुरस्कार मिलने पर बबीता अहलावत ने कहा कि यह सम्मान उनके अकेले का नहीं है। यह स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोग करने वाले लोगों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उनकी इस उपलब्धि पर बेरी क्षेत्र में खुशी का माहौल है और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में झज्जर जिले के बेरी स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका बबीता अहलावत को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। बबीता अहलावत का कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके विद्यार्थियों और अभिभावकों के विश्वास का परिणाम है। विद्यार्थियों को परिवार का हिस्सा मानकर पढ़ाया बबीता अहलावत पिछले 9 वर्षों से बेरी के सरकारी प्राथमिक स्कूल में सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए और प्रवासी परिवारों के बच्चों को भी स्कूल से जोड़ने पर जोर दिया। बारिश में स्कूल परिसर में भर जाता था पानी बबीता अहलावत ने बताया कि जब उन्होंने बेरी के स्कूल में कार्यभार संभाला था, तब बारिश के दौरान स्कूल परिसर में करीब 4 फीट तक पानी भर जाता था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने स्थानीय दानदाताओं के सहयोग से करीब 7 लाख रुपये जुटाए। इस राशि से स्कूल परिसर में मिट्टी भरवाई गई और टाइल्स लगवाई गईं, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान हुआ। 28 साल से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं बबीता अहलावत करीब 28 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। उनके समर्पण और प्रयासों से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाने की दिशा में काम हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार का हिस्सा मानकर उनके भविष्य को संवारना है। उनके अनुसार बच्चों को सिर्फ छात्र नहीं समझना चाहिए, बल्कि उनके अभिभावकों के विश्वास को भी अपनी जिम्मेदारी मानना चाहिए। सम्मान को बताया टीम की मेहनत का परिणाम राज्य पुरस्कार मिलने पर बबीता अहलावत ने कहा कि यह सम्मान उनके अकेले का नहीं है। यह स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, अभिभावकों और सहयोग करने वाले लोगों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उनकी इस उपलब्धि पर बेरी क्षेत्र में खुशी का माहौल है और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है।