करनाल के युवक से 16.82 लाख ठगे:ट्रेडिंग के नाम पर निवेश का झांसा, वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, फर्जी ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल कराया

करनाल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से 16.82 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर पहले निवेश के लिए प्रेरित किया गया, फिर एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कई बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगी का एहसास होने पर युवक ने साइबर क्राइम पोर्टल और थाना साइबर क्राइम करनाल में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वॉट्सऐप पर जोड़ा गया शेयर मार्केट ग्रुप करनाल के नेवल निवासी अमन को बीती 7 नवंबर को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप का नाम JIOZ ARES लर्निंग ग्रुप था, जिसे शेयर मार्केट से जुड़ा ग्रुप बताया गया। इसके बाद वॉट्सऐप के माध्यम से लगातार शेयर ट्रेडिंग को लेकर बातचीत होती रही और मुनाफे का लालच दिया गया। लिंक भेजकर मोबाइल में ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल 03 दिसंबर को एक लिंक भेजकर अमन कुमार के मोबाइल में ARES DIVERSIFIED कंपनी के नाम से ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। ऐप के जरिए निवेश दिखाया गया और अलग-अलग खातों में पैसे डालने के लिए कहा गया। एक्सिस बैंक खाते से शुरू हुआ निवेश 10 दिसंबर को अमन ने अपने एक्सिस बैंक खाते से 50 हजार रुपए एक खाते में आईएमपीएस के जरिए ट्रांसफर किए। रिसीवर का नाम XEHAAN कैपिटल सर्विस बताया गया। 11 दिसंबर को इसी खाते में फिर 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपए किए ट्रांसफर 12 दिसंबर को 1 लाख रुपए एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर किए गए। 15 दिसंबर को 5 लाख रुपए एनईएफटी से भेजे गए। इसी दिन 1 लाख रुपए और भेजे गए। 19 दिसंबर को 1 लाख रुपए यूपीआई आईडी बालाजी ट्रेडर्स पर भेजे गए। उसी दिन 50 हजार रुपए एक्सिस बैंक राठ, उत्तर प्रदेश के खाते में ट्रांसफर किए गए। अन्य बैंकों के खातों में भी डाली गई रकम 24 दिसंबर को 2.50 लाख रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, वीकेआई जयपुर स्थित उमेश क्रॉकरी लिमिटेड के खाते में डाले गए। इसके बाद 29 दिसंबर को 58 हजार रुपए निकलवाए गए। 01 जनवरी को फिर से 5.40 लाख रुपए इसी एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुल 16.82 लाख की ठगी, शिकायत दर्ज इन सभी लेनदेन में कुल 16.82 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित ने 02 जनवरी को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाना साइबर क्राइम करनाल में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर अभियोग दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।

Jan 6, 2026 - 16:13
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करनाल के युवक से 16.82 लाख ठगे:ट्रेडिंग के नाम पर निवेश का झांसा, वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा, फर्जी ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल कराया
करनाल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से 16.82 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर पहले निवेश के लिए प्रेरित किया गया, फिर एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कई बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगी का एहसास होने पर युवक ने साइबर क्राइम पोर्टल और थाना साइबर क्राइम करनाल में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वॉट्सऐप पर जोड़ा गया शेयर मार्केट ग्रुप करनाल के नेवल निवासी अमन को बीती 7 नवंबर को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप का नाम JIOZ ARES लर्निंग ग्रुप था, जिसे शेयर मार्केट से जुड़ा ग्रुप बताया गया। इसके बाद वॉट्सऐप के माध्यम से लगातार शेयर ट्रेडिंग को लेकर बातचीत होती रही और मुनाफे का लालच दिया गया। लिंक भेजकर मोबाइल में ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल 03 दिसंबर को एक लिंक भेजकर अमन कुमार के मोबाइल में ARES DIVERSIFIED कंपनी के नाम से ट्रेडिंग एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाई गई। ऐप के जरिए निवेश दिखाया गया और अलग-अलग खातों में पैसे डालने के लिए कहा गया। एक्सिस बैंक खाते से शुरू हुआ निवेश 10 दिसंबर को अमन ने अपने एक्सिस बैंक खाते से 50 हजार रुपए एक खाते में आईएमपीएस के जरिए ट्रांसफर किए। रिसीवर का नाम XEHAAN कैपिटल सर्विस बताया गया। 11 दिसंबर को इसी खाते में फिर 50 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपए किए ट्रांसफर 12 दिसंबर को 1 लाख रुपए एनईएफटी के जरिए ट्रांसफर किए गए। 15 दिसंबर को 5 लाख रुपए एनईएफटी से भेजे गए। इसी दिन 1 लाख रुपए और भेजे गए। 19 दिसंबर को 1 लाख रुपए यूपीआई आईडी बालाजी ट्रेडर्स पर भेजे गए। उसी दिन 50 हजार रुपए एक्सिस बैंक राठ, उत्तर प्रदेश के खाते में ट्रांसफर किए गए। अन्य बैंकों के खातों में भी डाली गई रकम 24 दिसंबर को 2.50 लाख रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, वीकेआई जयपुर स्थित उमेश क्रॉकरी लिमिटेड के खाते में डाले गए। इसके बाद 29 दिसंबर को 58 हजार रुपए निकलवाए गए। 01 जनवरी को फिर से 5.40 लाख रुपए इसी एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। कुल 16.82 लाख की ठगी, शिकायत दर्ज इन सभी लेनदेन में कुल 16.82 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित ने 02 जनवरी को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाना साइबर क्राइम करनाल में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर अभियोग दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।