कंपनी में हिस्सेदारी का झांसा देकर 17.67 लाख ठगे:नारनौंद में रुपए देने से किया इनकार, पीड़ित ने लगाई पुलिस से न्याय की गुहार

हिसार जिले के नारनौंद में कंपनी में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर 17 लाख 67 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांव माजरा के रहने वाले राजबीर सिंह की शिकायत पर नारनौंद थाने में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 2019 की धारा 21(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी में भागीदार बनाने के नाम पर ठगी शिकायतकर्ता राजबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में बरवाला के रहने वाले कुलदीप सिंह और कालीरावण के लीला उर्फ कृष्ण उनके पास आए थे। आरोपियों ने उन्हें बताया कि उन्होंने 'एल पे इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी बनाई है और राजबीर को इसमें भागीदार बनने का प्रस्ताव दिया। बहला-फुसलाकर कर हड़पी राशि राजबीर के मना करने के बावजूद, आरोपियों ने लगातार दबाव बनाया और उन्हें बहला-फुसलाकर बड़ी रकम ले ली।राजबीर सिंह के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के बैंक खाते में 15 लाख 52 हजार 571 रुपए जमा करवाए और 2 लाख 15 हजार रुपए नकद लिए। इस तरह कुल 17 लाख 67 हजार 571 रुपए की राशि हड़प ली गई। आरोपियों ने राशि देने से किया इनकार रकम लेने के बाद जब राजबीर ने कंपनी में साझेदारी के बारे में बात की, तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और बाद में उनसे बात करने से भी इनकार कर दिया।पीड़ित का आरोप है कि लगातार दबाव बनाने पर आरोपियों ने काफी समय बाद किश्तों में केवल 8 लाख 33 हजार रुपए लौटाए, लेकिन शेष राशि देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार इसके बाद उन्होंने राजबीर के फोन उठाना भी बंद कर दिया। पंचायत स्तर पर समझौते के कई प्रयास किए गए, लेकिन हर बार आरोपी आश्वासन देकर गायब हो जाते थे।राजबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी। हांसी की विशेष जांच इकाई को सौंपी गई जांच यह मामला पहले नारनौंद थाने भेजा गया था, फिर हांसी स्थित अपराध जांच इकाई को सौंपा गया, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब नारनौंद थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच हांसी की विशेष जांच इकाई को सौंपी गई है।

Jan 6, 2026 - 16:13
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कंपनी में हिस्सेदारी का झांसा देकर 17.67 लाख ठगे:नारनौंद में रुपए देने से किया इनकार, पीड़ित ने लगाई पुलिस से न्याय की गुहार
हिसार जिले के नारनौंद में कंपनी में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर 17 लाख 67 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांव माजरा के रहने वाले राजबीर सिंह की शिकायत पर नारनौंद थाने में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 2019 की धारा 21(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपनी में भागीदार बनाने के नाम पर ठगी शिकायतकर्ता राजबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में बरवाला के रहने वाले कुलदीप सिंह और कालीरावण के लीला उर्फ कृष्ण उनके पास आए थे। आरोपियों ने उन्हें बताया कि उन्होंने 'एल पे इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी बनाई है और राजबीर को इसमें भागीदार बनने का प्रस्ताव दिया। बहला-फुसलाकर कर हड़पी राशि राजबीर के मना करने के बावजूद, आरोपियों ने लगातार दबाव बनाया और उन्हें बहला-फुसलाकर बड़ी रकम ले ली।राजबीर सिंह के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के बैंक खाते में 15 लाख 52 हजार 571 रुपए जमा करवाए और 2 लाख 15 हजार रुपए नकद लिए। इस तरह कुल 17 लाख 67 हजार 571 रुपए की राशि हड़प ली गई। आरोपियों ने राशि देने से किया इनकार रकम लेने के बाद जब राजबीर ने कंपनी में साझेदारी के बारे में बात की, तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और बाद में उनसे बात करने से भी इनकार कर दिया।पीड़ित का आरोप है कि लगातार दबाव बनाने पर आरोपियों ने काफी समय बाद किश्तों में केवल 8 लाख 33 हजार रुपए लौटाए, लेकिन शेष राशि देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार इसके बाद उन्होंने राजबीर के फोन उठाना भी बंद कर दिया। पंचायत स्तर पर समझौते के कई प्रयास किए गए, लेकिन हर बार आरोपी आश्वासन देकर गायब हो जाते थे।राजबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी। हांसी की विशेष जांच इकाई को सौंपी गई जांच यह मामला पहले नारनौंद थाने भेजा गया था, फिर हांसी स्थित अपराध जांच इकाई को सौंपा गया, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब नारनौंद थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच हांसी की विशेष जांच इकाई को सौंपी गई है।