रेवाड़ी में आज फिर हड़ताल पर बैठेंगे अधिवक्ता:मुंशी और क्लर्क भी हो सकते हैं शामिल; SDM के ट्रांसफर की मांग

रेवाड़ी में अधिवक्ता सोमवार को छठे दिन हड़ताल पर रहेंगे। वकीलों के साथ मुंशी और क्लर्क भी धरने पर बैठ सकते हैं। जिससे पेशी पर आने वालों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एसडीएम की ट्रांसफर की मांग को लेकर वकीलों ने 20 जुलाई से हड़ताल शुरू की थी। सरकार ने वीरवार को एसडीएम को छुट्‌टी पर भेज दिया था। इसके बावजूद वकीलों की हड़ताल जारी है। आज धरना स्थल पर आंदोलन की नई रणनीति बन सकती है। अप्रैल से चला आ रहा विवाद एसडीएम और वकीलों के बीच अप्रैल माह से विवाद चला आ रहा है। वकीलों ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने और मनमाने ढंग से केसों के फैसले सुनने के आरोप लगाए थे। 16 अप्रैल को सांकेतिक हड़ताल कर डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें एसडीएम के ट्रांसफर की मांग की गई थी। इसके बाद ही जिला बार एसोसिएशन ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया हुआ है। मंत्री- विधायकों से कर चुके मांग 20 जुलाई को अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने से पहले अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, सांसद राव इंद्रजीत सिंह, तीनों विधायकों को अपना मांगपत्र सौंप चुके हैं। जिला बार प्रधान विश्वमित्र स्पष्ट कर चुके हैं कि एसडीएम का ट्रांसफर होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। बार को जवाब दे चुके एसडीएम एसडीएम सुरेश कुमार ने कहा कि जिला बार के आरोपों को निरधार बताया है। उनका कहना है कि एसडीएम कोर्ट में लंबे समय से लंबित पड़े फैसले निपटाने से वकीलों परेशान है। लंबे समय तक फैसलों को लंबित रखने का दबाव बनाने के लिए उन पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

Jul 27, 2026 - 08:11
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रेवाड़ी में आज फिर हड़ताल पर बैठेंगे अधिवक्ता:मुंशी और क्लर्क भी हो सकते हैं शामिल; SDM के ट्रांसफर की मांग
रेवाड़ी में अधिवक्ता सोमवार को छठे दिन हड़ताल पर रहेंगे। वकीलों के साथ मुंशी और क्लर्क भी धरने पर बैठ सकते हैं। जिससे पेशी पर आने वालों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एसडीएम की ट्रांसफर की मांग को लेकर वकीलों ने 20 जुलाई से हड़ताल शुरू की थी। सरकार ने वीरवार को एसडीएम को छुट्‌टी पर भेज दिया था। इसके बावजूद वकीलों की हड़ताल जारी है। आज धरना स्थल पर आंदोलन की नई रणनीति बन सकती है। अप्रैल से चला आ रहा विवाद एसडीएम और वकीलों के बीच अप्रैल माह से विवाद चला आ रहा है। वकीलों ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने और मनमाने ढंग से केसों के फैसले सुनने के आरोप लगाए थे। 16 अप्रैल को सांकेतिक हड़ताल कर डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें एसडीएम के ट्रांसफर की मांग की गई थी। इसके बाद ही जिला बार एसोसिएशन ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया हुआ है। मंत्री- विधायकों से कर चुके मांग 20 जुलाई को अनिश्चिकालीन हड़ताल पर जाने से पहले अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, सांसद राव इंद्रजीत सिंह, तीनों विधायकों को अपना मांगपत्र सौंप चुके हैं। जिला बार प्रधान विश्वमित्र स्पष्ट कर चुके हैं कि एसडीएम का ट्रांसफर होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। बार को जवाब दे चुके एसडीएम एसडीएम सुरेश कुमार ने कहा कि जिला बार के आरोपों को निरधार बताया है। उनका कहना है कि एसडीएम कोर्ट में लंबे समय से लंबित पड़े फैसले निपटाने से वकीलों परेशान है। लंबे समय तक फैसलों को लंबित रखने का दबाव बनाने के लिए उन पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।