कुरुक्षेत्र में मीरी-पीरी संस्थान को लेकर हाई अलर्ट:टेकओवर की तैयारी में HSGMC, हाईकोर्ट पर SGPC की नजर; फैसला आज

कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को लेकर चल रहे विवाद में आज सोमवार का दिन अहम होगा। एक ओर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) आज संस्थान को टेकओवर करने की कोशिश करेगी, तो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है। असल में HSGMC का SGPC को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम कल रविवार को खत्म हो गया। अब HSGMC ने दावा किया है कि आज संस्थान परिसर जाकर सेवा अपने हाथ में लेगी। दूसरी तरफ, SGPC की ओर से संस्थान का संचालन दोबारा अपने हाथ में लेने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की रिट-पिटीशन पर सुनवाई भी आज होनी है। पुलिस बल तैनात करने की मांग किसी भी हालात से निपटने के लिए HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने DC और SP को पत्र लिखकर मीरी-पीरी परिसर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। झींडा ने सेवा संभालने की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के दायरे करने की मांग की है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट जिला प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलर्ट है। संस्थान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पंजाब और हरियाणा कमेटियों के पदाधिकारियों और समर्थकों के संस्थान आने की संभावना को देखते हुए पुलिस सतर्क है। हालांकि पंजाब कमेटी के प्रधान हरजिंद्र सिंह धामी ने संस्थान के हरियाणा कमेटी के पास जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। 20 मार्च से चल रहा विवाद मीरी-पीरी संस्थान की सेवा-संभाल को लेकर 20 मार्च से HSGMC और SGPC की कमेटियां आमने-सामने हैं। 12 मई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने HSGMC के पक्ष में अपना फैसला दिया था। इसके बाद भी संस्थान के संचालन को लेकर दोनों कमेटियों के बीच विवाद चल रहा है। स्टाफ की 4 महीने की सैलरी रुकी इस विवाद के बीच 4 महीने की सैलरी नहीं मिलने पर स्टाफ ने 3 जुलाई को संस्थान के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। स्टाफ ने दोनों कमेटी से सैलरी देने की गुहार लगाई, लेकिन कोई बंदोबस्त नहीं हो पाया। अब 24 जुलाई को संस्थान HSGMC के संस्थान को टेकओवर करने और सैलरी देने के ऐलान के बाद स्टाफ ने धरना समाप्त कर दिया। आज के दिन पर सबकी नजर आज HSGMC संस्थान की सेवा अपने हाथ में ले पाएगी या फिर SGPC की रिट-पिटीशन पर हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद कोई नया मोड़ आएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई है। पूरे घटनाक्रम पर संगत, प्रशासन और दोनों कमेटियों की नजर बनी हुई है। उधर, HSGMC के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल तुरंत सेवा संभाल करने की मांग कर रहे हैं।

Jul 27, 2026 - 08:11
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कुरुक्षेत्र में मीरी-पीरी संस्थान को लेकर हाई अलर्ट:टेकओवर की तैयारी में HSGMC, हाईकोर्ट पर SGPC की नजर; फैसला आज
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को लेकर चल रहे विवाद में आज सोमवार का दिन अहम होगा। एक ओर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) आज संस्थान को टेकओवर करने की कोशिश करेगी, तो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है। असल में HSGMC का SGPC को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम कल रविवार को खत्म हो गया। अब HSGMC ने दावा किया है कि आज संस्थान परिसर जाकर सेवा अपने हाथ में लेगी। दूसरी तरफ, SGPC की ओर से संस्थान का संचालन दोबारा अपने हाथ में लेने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की रिट-पिटीशन पर सुनवाई भी आज होनी है। पुलिस बल तैनात करने की मांग किसी भी हालात से निपटने के लिए HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने DC और SP को पत्र लिखकर मीरी-पीरी परिसर में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। झींडा ने सेवा संभालने की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के दायरे करने की मांग की है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट जिला प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलर्ट है। संस्थान परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पंजाब और हरियाणा कमेटियों के पदाधिकारियों और समर्थकों के संस्थान आने की संभावना को देखते हुए पुलिस सतर्क है। हालांकि पंजाब कमेटी के प्रधान हरजिंद्र सिंह धामी ने संस्थान के हरियाणा कमेटी के पास जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। 20 मार्च से चल रहा विवाद मीरी-पीरी संस्थान की सेवा-संभाल को लेकर 20 मार्च से HSGMC और SGPC की कमेटियां आमने-सामने हैं। 12 मई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने HSGMC के पक्ष में अपना फैसला दिया था। इसके बाद भी संस्थान के संचालन को लेकर दोनों कमेटियों के बीच विवाद चल रहा है। स्टाफ की 4 महीने की सैलरी रुकी इस विवाद के बीच 4 महीने की सैलरी नहीं मिलने पर स्टाफ ने 3 जुलाई को संस्थान के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। स्टाफ ने दोनों कमेटी से सैलरी देने की गुहार लगाई, लेकिन कोई बंदोबस्त नहीं हो पाया। अब 24 जुलाई को संस्थान HSGMC के संस्थान को टेकओवर करने और सैलरी देने के ऐलान के बाद स्टाफ ने धरना समाप्त कर दिया। आज के दिन पर सबकी नजर आज HSGMC संस्थान की सेवा अपने हाथ में ले पाएगी या फिर SGPC की रिट-पिटीशन पर हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद कोई नया मोड़ आएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई है। पूरे घटनाक्रम पर संगत, प्रशासन और दोनों कमेटियों की नजर बनी हुई है। उधर, HSGMC के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल तुरंत सेवा संभाल करने की मांग कर रहे हैं।