फरीदाबाद में कास्टिक सोडा खाने से दो छात्राएं बीमार:अंब विद्यालय के बाहर प्रदर्शन; बोले- भंडारे में मिस्री की जगह खिलाया
फरीदाबाद के एनआईटी-5 नंबर केसी रोड स्थित नैब हरियाणा राज्य शाखा अंध विद्यालय के बाहर शनिवार को दृष्टिहीन संघर्ष समिति के सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस घटना के विरोध में किया गया जिसमें प्रसाद की जगह गलती से कास्टिक सोडा खाने से दो दृष्टिहीन लड़कियों की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय स्टाफ पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। दृष्टिहीन संघर्ष समिति के संयोजक हरिंदर मलिक ने बताया कि 27 जनवरी, मंगलवार को विद्यालय परिसर में साप्ताहिक कीर्तन का आयोजन किया गया था। कीर्तन के बाद प्रसाद के रूप में मिश्री बांटी जा रही थी, लेकिन आरोप है कि मिश्री की जगह गलती से कास्टिक सोडा के दाने दे दिए गए। इसे खाने के बाद दो लड़कियों और एक युवक के मुंह के अंदर जलन और घाव हो गए। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हरिंदर मलिक ने बताया कि लगभग 18 घंटे बाद पीड़ित लड़कियों को अस्पताल से छुट्टी देकर वापस विद्यालय ले आया गया, लेकिन उनकी स्थिति और इलाज को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत दो नंबर पुलिस चौकी में दी गई थी, मगर कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर समिति के सदस्य शनिवार को विद्यालय गेट पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पीड़ित महिला रूबी सिंह ने बताया कि प्रसाद खाते ही उनके मुंह में तेज जलन शुरू हो गई। सीता नाम की एक अन्य लड़की का भी मुंह अंदर से जल गया था। सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। रूबी सिंह ने इसे विद्यालय स्टाफ की लापरवाही बताया। विद्यालय से जुड़े अनिल कुमार ने कहा कि यदि स्टाफ से कोई गलती हुई है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि पिछले पांच वर्षों से लंबित मेंबरशिप को जल्द जारी किया जाए। एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि 27-28 जनवरी को सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच की थी। जांच में सामने आया कि किसी ने जानबूझकर कास्टिक सोडा नहीं खिलाया था, बल्कि मिश्री समझकर गलती से खा लिया गया था। पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए थे और उपचार के बाद वे स्वस्थ हैं। जांच पूरी कर मामला बंद कर दिया गया था। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी अन्य मांगों को लेकर विद्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं।
फरीदाबाद के एनआईटी-5 नंबर केसी रोड स्थित नैब हरियाणा राज्य शाखा अंध विद्यालय के बाहर शनिवार को दृष्टिहीन संघर्ष समिति के सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस घटना के विरोध में किया गया जिसमें प्रसाद की जगह गलती से कास्टिक सोडा खाने से दो दृष्टिहीन लड़कियों की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय स्टाफ पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। दृष्टिहीन संघर्ष समिति के संयोजक हरिंदर मलिक ने बताया कि 27 जनवरी, मंगलवार को विद्यालय परिसर में साप्ताहिक कीर्तन का आयोजन किया गया था। कीर्तन के बाद प्रसाद के रूप में मिश्री बांटी जा रही थी, लेकिन आरोप है कि मिश्री की जगह गलती से कास्टिक सोडा के दाने दे दिए गए। इसे खाने के बाद दो लड़कियों और एक युवक के मुंह के अंदर जलन और घाव हो गए। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हरिंदर मलिक ने बताया कि लगभग 18 घंटे बाद पीड़ित लड़कियों को अस्पताल से छुट्टी देकर वापस विद्यालय ले आया गया, लेकिन उनकी स्थिति और इलाज को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत दो नंबर पुलिस चौकी में दी गई थी, मगर कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर समिति के सदस्य शनिवार को विद्यालय गेट पर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पीड़ित महिला रूबी सिंह ने बताया कि प्रसाद खाते ही उनके मुंह में तेज जलन शुरू हो गई। सीता नाम की एक अन्य लड़की का भी मुंह अंदर से जल गया था। सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। रूबी सिंह ने इसे विद्यालय स्टाफ की लापरवाही बताया। विद्यालय से जुड़े अनिल कुमार ने कहा कि यदि स्टाफ से कोई गलती हुई है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि पिछले पांच वर्षों से लंबित मेंबरशिप को जल्द जारी किया जाए। एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि 27-28 जनवरी को सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच की थी। जांच में सामने आया कि किसी ने जानबूझकर कास्टिक सोडा नहीं खिलाया था, बल्कि मिश्री समझकर गलती से खा लिया गया था। पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए थे और उपचार के बाद वे स्वस्थ हैं। जांच पूरी कर मामला बंद कर दिया गया था। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी अन्य मांगों को लेकर विद्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं।