पूर्व कांग्रेस विधायक ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल:फरीदाबाद में नीरज शर्मा बोले- सुरक्षा ड्यूटी से 700 पुलिसकर्मी थानों में लौटाए जाएं
फरीदाबाद के एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा में धमकी मिलने वाले लोगों की सुरक्षा में तैनात करीब 700 पुलिसकर्मियों को वापस बुलाने और थाने और चौकियों में लगाने की मांग की है। शर्मा का कहना है कि प्रदेश के कई थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की कमी है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है और पुलिस से जुड़े काम करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और रंगदारी का डर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही है। रंगदारी से व्यापारी परेशान नीरज शर्मा ने कहा कि गैंगस्टरों की धमकियों और रंगदारी मांगने की घटनाओं से व्यापारी और उद्योगपति डर के माहौल में हैं। अगर कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा तो दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगपति हरियाणा में निवेश करने से भी पीछे हट सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधानसभा के जवाब का हवाला पूर्व विधायक ने कहा कि, कांग्रेस की मुलाना विधायक पूजा द्वारा विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 85 के जवाब में सरकार के आंकड़ों से प्रदेश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की तस्वीर सामने आती है। उनके मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों ने पूर्व जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और आम लोगों को धमकियां दीं। कई मामलों में जान से मारने की धमकी तक दी गई। आरटीआई से जुटाई जानकारी नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिस विभाग और पंचकुला पुलिस मुख्यालय से आरटीआई के जरिए धमकियों, सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मियों और उस पर हुए सरकारी खर्च की जानकारी मांगी थी। उनका आरोप है कि कई जिलों से अधूरी जानकारी दी गई। इससे उन्हें लगता है कि सरकार प्रदेश की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह सामने नहीं आने देना चाहती। जनता की सुरक्षा पर उठाया सवाल पूर्व विधायक ने कहा कि जिन लोगों को वास्तव में खतरा है, उनकी सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रदेश के थानों और चौकियों को कमजोर नहीं किया जा सकता। करीब 700 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा ड्यूटी और दूसरी तरफ थानों में स्टाफ की कमी पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस बल की समीक्षा कर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए लगाया जाए।
फरीदाबाद के एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा में धमकी मिलने वाले लोगों की सुरक्षा में तैनात करीब 700 पुलिसकर्मियों को वापस बुलाने और थाने और चौकियों में लगाने की मांग की है। शर्मा का कहना है कि प्रदेश के कई थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की कमी है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है और पुलिस से जुड़े काम करवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और रंगदारी का डर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही है। रंगदारी से व्यापारी परेशान नीरज शर्मा ने कहा कि गैंगस्टरों की धमकियों और रंगदारी मांगने की घटनाओं से व्यापारी और उद्योगपति डर के माहौल में हैं। अगर कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा तो दूसरे राज्यों से आने वाले उद्योगपति हरियाणा में निवेश करने से भी पीछे हट सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधानसभा के जवाब का हवाला पूर्व विधायक ने कहा कि, कांग्रेस की मुलाना विधायक पूजा द्वारा विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 85 के जवाब में सरकार के आंकड़ों से प्रदेश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की तस्वीर सामने आती है। उनके मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों ने पूर्व जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और आम लोगों को धमकियां दीं। कई मामलों में जान से मारने की धमकी तक दी गई। आरटीआई से जुटाई जानकारी नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने पुलिस विभाग और पंचकुला पुलिस मुख्यालय से आरटीआई के जरिए धमकियों, सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मियों और उस पर हुए सरकारी खर्च की जानकारी मांगी थी। उनका आरोप है कि कई जिलों से अधूरी जानकारी दी गई। इससे उन्हें लगता है कि सरकार प्रदेश की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह सामने नहीं आने देना चाहती। जनता की सुरक्षा पर उठाया सवाल पूर्व विधायक ने कहा कि जिन लोगों को वास्तव में खतरा है, उनकी सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसके लिए प्रदेश के थानों और चौकियों को कमजोर नहीं किया जा सकता। करीब 700 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा ड्यूटी और दूसरी तरफ थानों में स्टाफ की कमी पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस बल की समीक्षा कर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए लगाया जाए।