पटना जहरीली शराब कांड में CBI जांच की मांग:ग्रामीण बोले- स्थानीय पुलिस जांच को भटका रही है, न्याय के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी

पटना के बाढ़ अनुमंडल के बेढ़ना गांव में शराब पार्टी के दौरान चार युवकों की मौत के मामले में अब ग्रामीणों ने CBI जांच की मांग की है। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण एसपी की ओर से गठित SIT की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। इसलिए इस घटना की CBI जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़ते हुए दावा किया था कि मृतक के गोतिया लाली ने ही शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर हत्या की साजिश रची। उनका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती जांच में एक आरोपी के बयान के आधार पर पूरे मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़ दिया, जिससे गांव और समाज की बदनामी हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस लड़की से प्रेम प्रसंग की बात पुलिस ने जोड़ी है, वह रिश्ते में मृतक की बुआ है और उसकी शादी इसी साल मई में हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीण प्रेम प्रसंग के एंगल को गलत और अपमानजनक बता रहे हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार का तबादला प्रशासन विभाग में कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसे लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, तबादले और जांच के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मृतक के पिता बोले- पुलिस के कहने पर आवेदन लिखा मृतक निशु के पिता राजू सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उन्हें एक वीडियो दिखाया था। इसके बाद पुलिस ने खुद लाली से फोन पर बात की और फोन पर लाली ने जो बातें कहीं, पुलिस के कहने पर उसी आधार पर आवेदन लिखवाया गया। राजू सिंह ने कहा कि अब उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है। नीरज कुमार ने कहा कि चार युवकों की मौत हुई है और वे पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप- हिरासत में बंद आरोपी से फोन पर कराई बात ग्रामीणों ने बाढ़ थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में बंद आरोपी लाली से फोन पर उनकी बात कराई गई। इसके बाद उसी बातचीत के आधार पर FIR दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, चार लोगों की मौत के बाद जब पूरा गांव आक्रोशित था और करीब पांच घंटे तक फोरलेन जाम किया गया था, उस समय किसी ने भी FIR के लिए दिए जाने वाले लिखित आवेदन पर ध्यान नहीं दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का पक्ष इस संबंध में सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का दावा- लाली की बहन से निशु का अफेयर, इसलिए मारा पटना में 30 अगस्त को शराब पीने के बाद 4 युवकों की मौत अफेयर में हुई थी। मंगलवार को पटना के ग्रामीण SP कुंदन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। ग्रामीण SP कुंदन कुमार ने बताया कि बेढ़ना गांव में 30 अगस्त को 4 लोगों की 4 लोगों की संदिग्ध स्थिति में तबीयत खराब हुई थी, जिनकी बाद में मौत हो गई। इस घटना में 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपी लाली कुमार ने बताया कि चारों को शराब पिलाई गई थी। इससे पहले शराब में जहर मिलाया गया था। लाली ने बताया कि निशु का अफेयर लाली की बहन के साथ था। बाकी तीन युवकों का लाली से विवाद था। तीनों लाली को चिढ़ाया करते थे। इस वजह से लाली बाजार से खरीदकर जहर लाया और शराब में मिला दिया। लाली रुदल से शराब लाया था। रुदल आलू-प्याज का धंधा करता है। इसमें 2 लोग लाली और रुदल की गिरफ्तारी हो गई है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। हत्या की वजह प्रेस प्रसंग था। जहर किस तरह का था ये जांच के बाद पता चल पाएगा। परिजनों का दावा- चाचा पंकज की गवाही थी, इसलिए मारा इधर, पुलिस के इस खुलासे को मृतकों के परिजनों ने गलत बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 50 की संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले में एक मृतक के परिवार का यह भी कहना है कि 2009 में मेरे पिता की हत्या की गई थी। शव को बोरे में बंदकर गांव के पास सड़क किनारे फेंक दिया था। इस मामले में 5 तारीख को चाचा पंकज की गवाही थी। जिसने पिता की हत्या की, वो बार-बार धमकी देते थे। मेरे चाचा ने कंप्रोमाइज नहीं किया। इसी वजह से साजिश के तहत चाचा की हत्या करा दी। भतीजी बोली- पिता की हत्या का आरोपी धमकाता था मृतक पंकज की भतीजी अनु कुमारी ने भास्कर को बताया कि मेरी मां दो हजार रुपए की सैलरी पर स्कूल में बर्तन साफ करती हैं। चार बहनों में से तीन की शादी हो चुकी है। हमलोगों को अक्सर पिता की हत्या के आरोपी धमकी देते थे। 5 तारीख को गवाही होनी थी। इसकी वजह से किसी ने साजिश के तहत मेरे चाचा की हत्या कर दी। अभी मैं प्राइवेट स्कूल में पढ़ती हूं। वहां भी मुझे लगातार धमकी मिलती रहती है। चाचा पंकज को केस में कंप्रोमाइज करने की धमकी मिलती रहती थी। उन्होंने केस में कंप्रोमाइज नहीं किया, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई। पड़ोसी ने बताया- सभी पहले भी शराब पार्टी करते थे मृतक के पड़ोसी के अनुसार, करीब 11 बजे निशु और शशि ने गांव के बाहर बगीचे में दो फ्रूटी शराब पी। इसके बाद दोनों घर के पास पहुंचे, जहां पंकज सिंह के साथ मछली बनाने की बात हुई। मछली बनाने के लिए विकास राम को फोन कर बुलाया गया। इसके बाद चारों ने मिलकर मछली बनाई। इसी दौरान एक पांचवां युवक भी वहां पहुंचा। उसका घर भी चारों के घर के पास ही है। सभी पहले भी साथ बैठकर शराब पीते थे। बिल्ली ने भी खाई थी मछली-रोटी ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर मछली-रोटी रखी थी। इसे एक बिल्ली ने भी खाया था, लेकिन वह ठीक है। घटनास्थल से शराब की बोतल, टेट्रा पैक, ग्लास और मछली-रोटी मिली है। रविवार दोपहर 1 बजकर 9 मिनट पर चारों ने पहला पैग पिया। करीब 9 मिनट बाद यानी 1 बजकर 18 मिनट पर उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। 10-15 मिनट के अंदर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को पटना रेफर किया गया। पटना के NMCH में इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद दोनों की मौत हो गई। अब जानिए पो

Sep 6, 2026 - 11:07
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पटना जहरीली शराब कांड में CBI जांच की मांग:ग्रामीण बोले- स्थानीय पुलिस जांच को भटका रही है, न्याय के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी
पटना के बाढ़ अनुमंडल के बेढ़ना गांव में शराब पार्टी के दौरान चार युवकों की मौत के मामले में अब ग्रामीणों ने CBI जांच की मांग की है। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण एसपी की ओर से गठित SIT की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। इसलिए इस घटना की CBI जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़ते हुए दावा किया था कि मृतक के गोतिया लाली ने ही शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर हत्या की साजिश रची। उनका आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती जांच में एक आरोपी के बयान के आधार पर पूरे मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़ दिया, जिससे गांव और समाज की बदनामी हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस लड़की से प्रेम प्रसंग की बात पुलिस ने जोड़ी है, वह रिश्ते में मृतक की बुआ है और उसकी शादी इसी साल मई में हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीण प्रेम प्रसंग के एंगल को गलत और अपमानजनक बता रहे हैं। इसके कुछ दिनों बाद ही ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार का तबादला प्रशासन विभाग में कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसे लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, तबादले और जांच के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मृतक के पिता बोले- पुलिस के कहने पर आवेदन लिखा मृतक निशु के पिता राजू सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उन्हें एक वीडियो दिखाया था। इसके बाद पुलिस ने खुद लाली से फोन पर बात की और फोन पर लाली ने जो बातें कहीं, पुलिस के कहने पर उसी आधार पर आवेदन लिखवाया गया। राजू सिंह ने कहा कि अब उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है। नीरज कुमार ने कहा कि चार युवकों की मौत हुई है और वे पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप- हिरासत में बंद आरोपी से फोन पर कराई बात ग्रामीणों ने बाढ़ थाने की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में बंद आरोपी लाली से फोन पर उनकी बात कराई गई। इसके बाद उसी बातचीत के आधार पर FIR दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, चार लोगों की मौत के बाद जब पूरा गांव आक्रोशित था और करीब पांच घंटे तक फोरलेन जाम किया गया था, उस समय किसी ने भी FIR के लिए दिए जाने वाले लिखित आवेदन पर ध्यान नहीं दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का पक्ष इस संबंध में सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का दावा- लाली की बहन से निशु का अफेयर, इसलिए मारा पटना में 30 अगस्त को शराब पीने के बाद 4 युवकों की मौत अफेयर में हुई थी। मंगलवार को पटना के ग्रामीण SP कुंदन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। ग्रामीण SP कुंदन कुमार ने बताया कि बेढ़ना गांव में 30 अगस्त को 4 लोगों की 4 लोगों की संदिग्ध स्थिति में तबीयत खराब हुई थी, जिनकी बाद में मौत हो गई। इस घटना में 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपी लाली कुमार ने बताया कि चारों को शराब पिलाई गई थी। इससे पहले शराब में जहर मिलाया गया था। लाली ने बताया कि निशु का अफेयर लाली की बहन के साथ था। बाकी तीन युवकों का लाली से विवाद था। तीनों लाली को चिढ़ाया करते थे। इस वजह से लाली बाजार से खरीदकर जहर लाया और शराब में मिला दिया। लाली रुदल से शराब लाया था। रुदल आलू-प्याज का धंधा करता है। इसमें 2 लोग लाली और रुदल की गिरफ्तारी हो गई है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। हत्या की वजह प्रेस प्रसंग था। जहर किस तरह का था ये जांच के बाद पता चल पाएगा। परिजनों का दावा- चाचा पंकज की गवाही थी, इसलिए मारा इधर, पुलिस के इस खुलासे को मृतकों के परिजनों ने गलत बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 50 की संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले में एक मृतक के परिवार का यह भी कहना है कि 2009 में मेरे पिता की हत्या की गई थी। शव को बोरे में बंदकर गांव के पास सड़क किनारे फेंक दिया था। इस मामले में 5 तारीख को चाचा पंकज की गवाही थी। जिसने पिता की हत्या की, वो बार-बार धमकी देते थे। मेरे चाचा ने कंप्रोमाइज नहीं किया। इसी वजह से साजिश के तहत चाचा की हत्या करा दी। भतीजी बोली- पिता की हत्या का आरोपी धमकाता था मृतक पंकज की भतीजी अनु कुमारी ने भास्कर को बताया कि मेरी मां दो हजार रुपए की सैलरी पर स्कूल में बर्तन साफ करती हैं। चार बहनों में से तीन की शादी हो चुकी है। हमलोगों को अक्सर पिता की हत्या के आरोपी धमकी देते थे। 5 तारीख को गवाही होनी थी। इसकी वजह से किसी ने साजिश के तहत मेरे चाचा की हत्या कर दी। अभी मैं प्राइवेट स्कूल में पढ़ती हूं। वहां भी मुझे लगातार धमकी मिलती रहती है। चाचा पंकज को केस में कंप्रोमाइज करने की धमकी मिलती रहती थी। उन्होंने केस में कंप्रोमाइज नहीं किया, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई। पड़ोसी ने बताया- सभी पहले भी शराब पार्टी करते थे मृतक के पड़ोसी के अनुसार, करीब 11 बजे निशु और शशि ने गांव के बाहर बगीचे में दो फ्रूटी शराब पी। इसके बाद दोनों घर के पास पहुंचे, जहां पंकज सिंह के साथ मछली बनाने की बात हुई। मछली बनाने के लिए विकास राम को फोन कर बुलाया गया। इसके बाद चारों ने मिलकर मछली बनाई। इसी दौरान एक पांचवां युवक भी वहां पहुंचा। उसका घर भी चारों के घर के पास ही है। सभी पहले भी साथ बैठकर शराब पीते थे। बिल्ली ने भी खाई थी मछली-रोटी ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर मछली-रोटी रखी थी। इसे एक बिल्ली ने भी खाया था, लेकिन वह ठीक है। घटनास्थल से शराब की बोतल, टेट्रा पैक, ग्लास और मछली-रोटी मिली है। रविवार दोपहर 1 बजकर 9 मिनट पर चारों ने पहला पैग पिया। करीब 9 मिनट बाद यानी 1 बजकर 18 मिनट पर उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। 10-15 मिनट के अंदर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को पटना रेफर किया गया। पटना के NMCH में इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद दोनों की मौत हो गई। अब जानिए पोस्टमार्टम में क्या मिला पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार ने कहा, “चारों युवकों की मौत जहर से हुई है, लेकिन किस प्रकार का जहर था, यह FSL जांच के बाद स्पष्ट होगा। जहर शराब, पानी या खाने में था, इसकी भी FSL जांच के बाद पुष्टि होगी। शवों का बिसरा FSL को भेजा जा रहा है। जहरीली शराब से इतनी जल्दी मौत नहीं होती है। उसमें पेट फूलना, आंखों की रोशनी चले जाना जैसे कई लक्षण होते हैं, लेकिन इन चारों में ऐसे लक्षण नहीं थे।” जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक युवक के लिए पांचवां पैग भी बनाया गया था। घटना के समय वह पांचवां युवक सिगरेट पीने चला गया था। जब वह वापस लौटा तो चारों बेहोश पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। मोकामा विधायक अनंत सिंह परिजन से मिले मंगलवार शाम मोकामा विधायक अनंत सिंह ने मृतक युवकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने हर परिवार को पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए की आर्थिक मदद भी दी। बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू परिजनों से मिलने पहुंचे, जिसके बाद बख्तियारपुर के लोजपा विधायक अरुण कुमार शाह ने भी परिजन से मुलाकात की। उन्हें न्याय का भरोसा दिया। मृतक पंकज की भतीजी बख्तियारपुर विधायक की पैर पड़कर रोने लगी और न्याय की मांग की। गांववालों ने विधायक को भगाया इससे पहले सोमवार को उमानाथ सती स्थान में स्थानीय बाढ़ विधायक डॉ सियाराम सिंह सती स्थान पहुंचे थे, जहां दाह संस्कार हुआ। गांव के लोगों ने उनको खदेड़ दिया। लोगों में इस बात की नाराजगी थी कि जब वह बाढ़ में ही थे तो वह मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित मृतक के परिजन से मिलने नहीं पहुंचे। 24 घंटे बीत जाने के बाद वह उमानाथ सती स्थान पहुंचे हैं। लोगों ने वहां उनसे अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। जिससे स्थानीय विधायक तुरंत उठकर वहां से निकल गए। अब तक इन सवालों के जवाब का इंतजार ग्रामीणों का कहना है कि जांच में अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शराब बाढ़ में ही तैयार की गई थी या किसी दूसरे राज्य से लाई गई थी। इसके अलावा शराब सप्लाई करने वाले नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे? शराब में मिलाया गया जहरीला पदार्थ कहां से खरीदा गया, इन सवालों का जवाब भी सामने नहीं आया है। ग्रामीणों की मांग है कि स्थानीय पुलिस की जांच से अलग किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से मामले की जांच कराई जाए, ताकि चारों मौतों की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों का पता चल सके।