गयाजी में मरीज की मौत के बाद हंगामा:प्राइवेट अस्पताल में तोड़फोड़; डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार, इलाज में लापरवाही का आरोप

गयाजी शहर में प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजन उग्र हो गए। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ भी की गई है। आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज देवकी नंदर की जान चली गई। इस बीच डॉक्टर और स्टाफ फरार हो गए। घटना रामपुर थाना क्षेत्र के परमार न्यूरो स्पाइन एंड डेंटल नर्सिंग होम की है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉक्टर की लापरवाही से मौत मृतक के साढ़ू राजेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले देवकी यादव(50) का एक्सीडेंट हुआ था। गर्दन की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए परमार नर्सिंग होम से संपर्क किया गया। डॉक्टर परमार ने नॉर्मल ऑपरेशन की बात कही थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सब ठीक हो जाएगा। ऑपरेशन का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपए बताया। 50 हजार रुपए जमा भी करा दिया था। बुधवार शाम करीब छह बजे देवकी यादव को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद घंटों तक मरीज की स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। दबाव बनाने पर डॉक्टर ने एक वीडियो क्लिप दिखाया। बताया गया कि गर्दन में दो रॉड और तीन क्लिप लगाए गए हैं। इसके बाद भी मरीज से मिलने या बातचीत करने नहीं दिया गया। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने की मांग परिजन आयुष चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि रात के बाद से ही मरीज की हालत बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी नहीं दी। गुरुवार सुबह बताया कि कार्डियक अरेस्ट आने से मरीज की मौत हो गई। लापरवाही से ही जान गई है। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बचाने के लिए हर संभव कोशिश किया वहीं, डॉक्टर कनिष्क परमार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। गर्दन में कई जगह फ्रैक्चर थे। सभी जरूरी जांच के बाद ऑपरेशन किया गया। जो सफल रहा, लेकिन बाद में मरीज कार्डियक अरेस्ट में चला गया। सीपीआर सहित सभी मेडिकल स्टेप उठाए गए, इसके बावजूद बचाया नहीं जा सका। इसे लापरवाही कहना गलत है। आवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी इस संबंध में रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही जांच शुरू की जाएगी। घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नर्सिंग होम से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।

Jan 15, 2026 - 12:10
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गयाजी में मरीज की मौत के बाद हंगामा:प्राइवेट अस्पताल में तोड़फोड़; डॉक्टर और स्टाफ मौके से फरार, इलाज में लापरवाही का आरोप
गयाजी शहर में प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिजन उग्र हो गए। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ भी की गई है। आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज देवकी नंदर की जान चली गई। इस बीच डॉक्टर और स्टाफ फरार हो गए। घटना रामपुर थाना क्षेत्र के परमार न्यूरो स्पाइन एंड डेंटल नर्सिंग होम की है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को काबू में करने की कोशिश की। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉक्टर की लापरवाही से मौत मृतक के साढ़ू राजेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले देवकी यादव(50) का एक्सीडेंट हुआ था। गर्दन की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए परमार नर्सिंग होम से संपर्क किया गया। डॉक्टर परमार ने नॉर्मल ऑपरेशन की बात कही थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सब ठीक हो जाएगा। ऑपरेशन का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपए बताया। 50 हजार रुपए जमा भी करा दिया था। बुधवार शाम करीब छह बजे देवकी यादव को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद घंटों तक मरीज की स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। दबाव बनाने पर डॉक्टर ने एक वीडियो क्लिप दिखाया। बताया गया कि गर्दन में दो रॉड और तीन क्लिप लगाए गए हैं। इसके बाद भी मरीज से मिलने या बातचीत करने नहीं दिया गया। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने की मांग परिजन आयुष चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि रात के बाद से ही मरीज की हालत बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी नहीं दी। गुरुवार सुबह बताया कि कार्डियक अरेस्ट आने से मरीज की मौत हो गई। लापरवाही से ही जान गई है। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बचाने के लिए हर संभव कोशिश किया वहीं, डॉक्टर कनिष्क परमार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। गर्दन में कई जगह फ्रैक्चर थे। सभी जरूरी जांच के बाद ऑपरेशन किया गया। जो सफल रहा, लेकिन बाद में मरीज कार्डियक अरेस्ट में चला गया। सीपीआर सहित सभी मेडिकल स्टेप उठाए गए, इसके बावजूद बचाया नहीं जा सका। इसे लापरवाही कहना गलत है। आवेदन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी इस संबंध में रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही जांच शुरू की जाएगी। घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नर्सिंग होम से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।