कोटा में चंबल सफारी होगी सस्ती:पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास, किराया घटने से मिलेगा ट्रेफिक

कोटा में चंबल नदी और इसकी घाटियों के मनोहारी सीन लोगों को आकर्षित करते है। चंबल में बोट सफारी भी करवाई जाती है। जो कि कोटा के किशोरपुरा से गराडिया तक होती है। लोग इसे पसंद भी करते है लेकिन इसका किराया बहुत ज्यादा होने की वजह से पर्यटक अभी इसका आनंद नहीं ले पा रहे। शहरवासी भी लगातार बोट सफारी का किराया कम करने की मांग करते आ रहे है। ऐसे में अब वन विभाग की ओर से इसका किराया कम करने को लेकर काम किया जा रहा है। प्रस्ताव भी सरकार को भेज दिया गया है। आमजन की सुविधाओं को देखते हुए विभाग ने दो पैकेज तैयार कर प्रस्ताव भेजा है। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर वन विभाग ने चंबल वाटर सफारी का किराया कम करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है। सरकार के स्तर पर इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। जल्द ही दरें संशोधित किए जाने के आदेश जारी होने की संभावना है। कोटा में हाल में आयोजित हुए ट्रैवल मार्ट के बाद से चंबल सफारी का क्रेज बढ़ा है। गत दिनों 2 से 4 जनवरी तक कोटा में ट्रैवल मार्ट का आयोजित किया गया था। जिसमें देशभर से ट्यूर ऑपरेटर, इन्फ्लुएंसर व ब्लॉगर्स आए थे। साथ ही इससे विदेशी पर्यटकों को जोड़ने की दरकार है। कोटा में चंबल सफारी कहां तक करवाते हैं - कोटा की चंबल सफारी किशोरपुरा वन विभाग के ऑफिस के पास जेटी से, चंबल उद्यान के पास से शुरू होकर गरड़िया महादेव मंदिर तक जाती है, जिसमें लगभग 20 किलोमीटर का रास्ता होता है और यह घड़ियाल, मगरमच्छ और पक्षियों को देखने का शानदार अनुभव देती है। अभी चंबल सफारी की क्या दर है -चंबल सफारी की वर्तमान दर दो हजार रूपए प्रति व्यक्ति है। ऐसे में लोग चंबल सफारी का आनंद तो लेना चाहते हैं लेकिन किराया इतना होने के चलते सोचना पड़ता है। सफारी का एक राउंड करीब तीन-चार घंटे का होता है। चंबल सफारी की नई दरें क्या होगी -विभाग की तरफ से दो प्रस्ताव बनाए गए हैं ताकि लोग चंबल सफारी का आनंद ले सके और जेब पर भार न पडे़। इसके लिए किशोरपुरा जेटी से गराडिया तक बोटिंग का 1400 रूपए प्रति व्यक्ति, इसमें बच्चों की काउंटिंग भी प्रति व्यक्ति होगी, और दूसरा रूट कोटा से हैंगिग ब्रिज तक चंबल सफारी के लिए 800 रूपए का शुल्क का प्रस्ताव दिया गया है। कितने लोग एक बार में सफारी में जाएंगे -टूर ऑपरेटर्स के पास मोटर बोटस है। एक बोट में एक रूट पर एक बार में 6 पर्यटकों को ले जाया जाएगा। साथ ही किसी भी तकनीकी खराबी के लिए दूसरी बोट हमेशा तैनात रहेगी, कोई तकनीकी खामी बोट में आती है तो दूसरी बोट को लोकेशन पर भेजा जाएगा।

Jan 15, 2026 - 12:13
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कोटा में चंबल सफारी होगी सस्ती:पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास, किराया घटने से मिलेगा ट्रेफिक
कोटा में चंबल नदी और इसकी घाटियों के मनोहारी सीन लोगों को आकर्षित करते है। चंबल में बोट सफारी भी करवाई जाती है। जो कि कोटा के किशोरपुरा से गराडिया तक होती है। लोग इसे पसंद भी करते है लेकिन इसका किराया बहुत ज्यादा होने की वजह से पर्यटक अभी इसका आनंद नहीं ले पा रहे। शहरवासी भी लगातार बोट सफारी का किराया कम करने की मांग करते आ रहे है। ऐसे में अब वन विभाग की ओर से इसका किराया कम करने को लेकर काम किया जा रहा है। प्रस्ताव भी सरकार को भेज दिया गया है। आमजन की सुविधाओं को देखते हुए विभाग ने दो पैकेज तैयार कर प्रस्ताव भेजा है। इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर वन विभाग ने चंबल वाटर सफारी का किराया कम करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है। सरकार के स्तर पर इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। जल्द ही दरें संशोधित किए जाने के आदेश जारी होने की संभावना है। कोटा में हाल में आयोजित हुए ट्रैवल मार्ट के बाद से चंबल सफारी का क्रेज बढ़ा है। गत दिनों 2 से 4 जनवरी तक कोटा में ट्रैवल मार्ट का आयोजित किया गया था। जिसमें देशभर से ट्यूर ऑपरेटर, इन्फ्लुएंसर व ब्लॉगर्स आए थे। साथ ही इससे विदेशी पर्यटकों को जोड़ने की दरकार है। कोटा में चंबल सफारी कहां तक करवाते हैं - कोटा की चंबल सफारी किशोरपुरा वन विभाग के ऑफिस के पास जेटी से, चंबल उद्यान के पास से शुरू होकर गरड़िया महादेव मंदिर तक जाती है, जिसमें लगभग 20 किलोमीटर का रास्ता होता है और यह घड़ियाल, मगरमच्छ और पक्षियों को देखने का शानदार अनुभव देती है। अभी चंबल सफारी की क्या दर है -चंबल सफारी की वर्तमान दर दो हजार रूपए प्रति व्यक्ति है। ऐसे में लोग चंबल सफारी का आनंद तो लेना चाहते हैं लेकिन किराया इतना होने के चलते सोचना पड़ता है। सफारी का एक राउंड करीब तीन-चार घंटे का होता है। चंबल सफारी की नई दरें क्या होगी -विभाग की तरफ से दो प्रस्ताव बनाए गए हैं ताकि लोग चंबल सफारी का आनंद ले सके और जेब पर भार न पडे़। इसके लिए किशोरपुरा जेटी से गराडिया तक बोटिंग का 1400 रूपए प्रति व्यक्ति, इसमें बच्चों की काउंटिंग भी प्रति व्यक्ति होगी, और दूसरा रूट कोटा से हैंगिग ब्रिज तक चंबल सफारी के लिए 800 रूपए का शुल्क का प्रस्ताव दिया गया है। कितने लोग एक बार में सफारी में जाएंगे -टूर ऑपरेटर्स के पास मोटर बोटस है। एक बोट में एक रूट पर एक बार में 6 पर्यटकों को ले जाया जाएगा। साथ ही किसी भी तकनीकी खराबी के लिए दूसरी बोट हमेशा तैनात रहेगी, कोई तकनीकी खामी बोट में आती है तो दूसरी बोट को लोकेशन पर भेजा जाएगा।