कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम को GDCA को लीज पर देने का सांसद भारत सिंह कुशवाह ने किया विरोध, महापौर-निगम सभापति को लिखा पत्र

ग्वालियर के ऐतिहासिक कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम को ग्वालियर डिवीजनल क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) को दोबारा लीज पर दिए जाने पर सियासत गरमा गई है। शुक्रवार को ग्वालियर नगर निगम की बैठक में भाजपा पार्षदों ने स्टेडियम को लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध ...

Jan 17, 2026 - 14:44
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कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम को GDCA को लीज पर देने का सांसद भारत सिंह कुशवाह ने किया विरोध, महापौर-निगम सभापति को लिखा पत्र

ग्वालियर। ग्वालियर के ऐतिहासिक कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम को ग्वालियर डिवीजनल क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) को दोबारा लीज पर दिए जाने पर सियासत गरमा गई है। शुक्रवार को ग्वालियर नगर निगम की बैठक में भाजपा पार्षदों ने स्टेडियम को लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया और सदन में धरना दिया। वहीं इससे पहले ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने महापौर और निगम सभापति को पत्र लिखकर स्टेडियम को GDCA को दिए जाने पर अपना विरोध जताया।

 

ग्वालियर के युवाओं की बात रखते हुए सांसद भारत सिंह कुशवाह ने महापौर शोभा सिकरवार और सभापति मनोज तोमर सहित परिषद के सभी सदस्यों को पत्र लिखकर कर आग्रह किया कि रूप सिंह क्रिकेट स्टेडियम को नगर निगम स्वयं संचालित करें। भाजपा सांसद ने अपने पत्र में क्रिकेट के भगवान कहे जाने जाने सचिन तेंदुलकर की कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में खेली गई दोहरा शतक की ऐतिहासिक पारी का भी जिक्र किया है।

 

ग्वालियर महापौर और निगम सभापति को लिखे पत्र में सांसद भारत सिंह कुशवाह ने स्टेडियम को GDCA को सौंपने के बजाय नगर निगम द्वारा ही संचालित करने की बात कही। उन्होने कहा कि जब GDCA के पास पहले ही शंकरपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम है, तो स्थानीय खिलाडियों को बेहतर खेल सुविधाएं देने  के लिए कैप्टन रुप सिंह स्टेडियम का संचालन खुद नगर निगम ही करें।

 

गौरतलब है कि ग्वालियर के शंकरपुर में पिछले वर्ष अंतरार्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनकर तैयार हो चुका है और ग्वालियर क्रिकेट एसोसिएशन उसका संचालन कर रहा है। ऐसे में ग्वालियर के स्थानीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए कैप्टन रूप स्टेडियम को नगर निगम द्वारा संचालित किए जाने की मांग उठ रही है। भाजपा सांसंद ने अपने पत्र में लिखा कि ग्वालियर की जनता अपने बच्चों के लिए उचित खेल सुविधाएं चाहते है, इसलिए निगम को स्टेडियम का संचालन करना चाहिए।