करनाल में फर्जी दस्तावेजों से बेची जमीन:असल मालिक के सामने आने के बाद खुला राज, आरोपी ने खेत में की तोड़फोड़

करनाल जिले के इन्द्री थाना क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त के एक पुराने सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कई वर्षों से जिस जमीन पर खेती की जा रही थी, वह किसी और की निकली। शिकायतकर्ता के अनुसार सौदा करने वाले व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेच दी। मामला सामने आने पर खेत में तोड़फोड़, फसल को नुकसान और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2012 में हुआ था जमीन का सौदा गांव सयैद छपरा के विक्रम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2012 में गांव चोरपुरा के उधम सिंह से कमालपुर गड़िरयान क्षेत्र में 71 कनाल 12 मरले जमीन खरीदी थी। इसमें से 27 कनाल 12 मरले जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई थी, जबकि 44 कनाल जमीन गिरदावरी के आधार पर ली गई थी। गिरदावरी वाली जमीन के बारे में कहा गया था कि जैसे ही नाम दर्ज हो जाएगा, दो महीने बाद पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। गिरदावरी के नाम पर ली राशि शिकायत के अनुसार 44 कनाल जमीन के लिए उधम सिंह ने 6 लाख रुपए लिए थे। इसके बावजूद बार-बार कहने पर भी गिरदावरी शिकायतकर्ता के नाम नहीं करवाई गई। उधम सिंह ने मौके पर जमीन का कब्जा दे दिया था, जिसके बाद विक्रम सिंह लगातार उसी जमीन पर खेती करता रहा। असल मालिक ने खोला फर्जीवाड़े का भेद विवाद तब सामने आया जब असल मालिक मौके पर पहुंचा और बताया कि 44 कनाल जमीन उसी की है। असल मालिक ने आरोप लगाया कि उधम सिंह ने जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन बेच दी। जब इस बारे में उधम सिंह से बात की गई, तो उसने जमीन बेचने से ही इनकार कर दिया। रात में खेत में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप शिकायत में कहा कि इसके बाद उधम सिंह अपने अन्य साथियों के साथ रात के समय खेत में पहुंचा और खेत की पाइपलाइन तोड़ दी। इस तोड़फोड़ से जीरी की फसल को भारी नुकसान हुआ। साथ ही शिकायतकर्ता के पिता को जान से मारने की धमकी दी गई और डराने की कोशिश की गई। ट्रैक्टर चोरी केस में जा चुका जेल विक्रम सिंह ने शिकायत में यह भी बताया कि उधम सिंह पहले भी ट्रैक्टर चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। उसके बारे में कहा कि वह झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है और अपने साथियों के साथ मिलकर जमीनों पर कब्जा करने की घटनाओं में शामिल रहा है। शिकायत के साथ बयाना से जुड़े कागजात भी पुलिस को सौंपे गए हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ब्याना चौकी से मामला इंद्री थाने में पहुंचा। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच एसआई राजाराम को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दस्तावेजों और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Dec 29, 2025 - 12:59
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करनाल में फर्जी दस्तावेजों से बेची जमीन:असल मालिक के सामने आने के बाद खुला राज, आरोपी ने खेत में की तोड़फोड़
करनाल जिले के इन्द्री थाना क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त के एक पुराने सौदे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कई वर्षों से जिस जमीन पर खेती की जा रही थी, वह किसी और की निकली। शिकायतकर्ता के अनुसार सौदा करने वाले व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेच दी। मामला सामने आने पर खेत में तोड़फोड़, फसल को नुकसान और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2012 में हुआ था जमीन का सौदा गांव सयैद छपरा के विक्रम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2012 में गांव चोरपुरा के उधम सिंह से कमालपुर गड़िरयान क्षेत्र में 71 कनाल 12 मरले जमीन खरीदी थी। इसमें से 27 कनाल 12 मरले जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई थी, जबकि 44 कनाल जमीन गिरदावरी के आधार पर ली गई थी। गिरदावरी वाली जमीन के बारे में कहा गया था कि जैसे ही नाम दर्ज हो जाएगा, दो महीने बाद पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। गिरदावरी के नाम पर ली राशि शिकायत के अनुसार 44 कनाल जमीन के लिए उधम सिंह ने 6 लाख रुपए लिए थे। इसके बावजूद बार-बार कहने पर भी गिरदावरी शिकायतकर्ता के नाम नहीं करवाई गई। उधम सिंह ने मौके पर जमीन का कब्जा दे दिया था, जिसके बाद विक्रम सिंह लगातार उसी जमीन पर खेती करता रहा। असल मालिक ने खोला फर्जीवाड़े का भेद विवाद तब सामने आया जब असल मालिक मौके पर पहुंचा और बताया कि 44 कनाल जमीन उसी की है। असल मालिक ने आरोप लगाया कि उधम सिंह ने जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन बेच दी। जब इस बारे में उधम सिंह से बात की गई, तो उसने जमीन बेचने से ही इनकार कर दिया। रात में खेत में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप शिकायत में कहा कि इसके बाद उधम सिंह अपने अन्य साथियों के साथ रात के समय खेत में पहुंचा और खेत की पाइपलाइन तोड़ दी। इस तोड़फोड़ से जीरी की फसल को भारी नुकसान हुआ। साथ ही शिकायतकर्ता के पिता को जान से मारने की धमकी दी गई और डराने की कोशिश की गई। ट्रैक्टर चोरी केस में जा चुका जेल विक्रम सिंह ने शिकायत में यह भी बताया कि उधम सिंह पहले भी ट्रैक्टर चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। उसके बारे में कहा कि वह झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है और अपने साथियों के साथ मिलकर जमीनों पर कब्जा करने की घटनाओं में शामिल रहा है। शिकायत के साथ बयाना से जुड़े कागजात भी पुलिस को सौंपे गए हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ब्याना चौकी से मामला इंद्री थाने में पहुंचा। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई शुरू की। मामले की जांच एसआई राजाराम को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दस्तावेजों और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।