हरियाणा में फिर से भीड़ जुटा रहा रामपाल:देशद्रोह मामले में जेल में बंद; हाईकोर्ट में 15 दिन बाद है सुनवाई, सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी
हरियाणा में जेल में बंद रामपाल एक बार फिर जन समर्थन जुटाने में जुट गया है। इसके लिए वह अपने आपको सम्मानित करवाने में लगा है। एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक रामपाल ने इसके लिए एक विशेष टीम बनाई है, जो सब मैनेज कर रही है। कार्यक्रम करवाने के लिए जगह-जगह से डिमांड आ रही है। शर्त यही रखी जा रही है कि रामपाल महाराज को सम्मानित करना है। बदले में नेताओं की इमेज चमकाने का काम रामपाल की पीआर करती है। इसके लिए उन नेताओं को टारगेट पर लिया जा रहा है जो 2029 में हरियाणा में चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और हरियाणा के 2024 विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। रामपाल को एक के बाद एक अलग-अलग सम्मानों से सम्मानित किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां सरकार तक चंदा देने वालों से लेकर सम्मानित करने और कार्यक्रम में आने वाले लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। बता दें कि 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम कांड के बाद से रामपाल जेल में बंद है और उस पर देशद्रोह के आरोप में मुकद्दमा चल रहा है। ऐसे में रामपाल का बाहर सम्मानित होना और भीड़ जुटाने से एजेंसियों को फिर से चिंता सताने लगी है। हिसार से जमानत खारिज होने के बाद समारोह बढ़े
हिसार में कोर्ट ने देशद्रोह मामले में सितंबर में रामपाल की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। देशद्रोह के मामले में 980 से अधिक आरोपी हैं। इनमें रामपाल और हाल ही में गिरफ्तार एक आरोपी जेल में है। रामपाल की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसके सम्मान समारोह अचानक बढ़ गए हैं। रामपाल की बेवसाइट और उसके सोशल मीडिया पेज के अनुसार उसे नवंबर से अब तक हरियाणा में 4 बड़े सम्मान मिल चुके हैं। इसमें जन सेवक रत्न सम्मान, किसान जीवन रक्षक सम्मान, किसान रत्न सम्मान, भारत गौरव सम्मान दिए गए हैं। क्या था सतलोक आश्रम कांड
दरअसल, हरियाणा में नवंबर 2014 में रामपाल के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में उपद्रव हुआ था, जिसमें आश्रम के 6 अनुयायियों की मौत हुई थी। मरने वालों में मध्य प्रदेश के जिला रीवा के अंबा गांव निवासी आदर्श सिंह, दिल्ली की लखपत कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय सरिता देवी, रोहतक जिले के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष, पंजाब के संगरूर के गांव शेखपुरा निवासी 50 वर्षीय मलकीत कौर, उत्तर प्रदेश के तहसील लाल बेहर की जाखोद निवासी रजनी व यूपी के ही रामपुर वास की निवासी 70 वर्षीय राजबाला शामिल थे। इस विवाद को लेकर सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, सरकारी ड्यूटी में बाधा, ज्यादा मात्रा में दवाइयां रखने, गैस सिलेंडर आदि के स्टॉक से जुड़े केस दर्ज किए गए थे। रामपाल को हत्या से जुड़े मामले में कोर्ट आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुना चुकी है।
इस तरह सुर्खियों में आया था रामपाल... अब 14 में से 11 केसों में बरी हो चुका रामपाल
वहीं रामपाल के वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने वाले हिसार के एडवोकेट कुलदीप का कहना है कि रामपाल महाराज 2014 से जेल में बंद हैं। उन पर कुल 14 केस लगे थे। उनमें से 11 केस में वे बरी हो चुके हैं। 2 केस जिनका मुकद्दमा नंबर 429 और 430 है, उनमें हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। अभी देशद्रोह का मुकद्दमा नंबर 428 है। इसमें 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे। बता दें कि देशद्रोह मामले में 17 जनवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई है उससे पहले रामपाल की छवि सुधारी जा रही है। कॉल सेंटरों के जरिए नाम दीक्षा दी जा रही
जेल में बंद होने के बावजूद रामपाल का साम्राज्य फैल रहा है। सतलोक आश्रम के कॉल सेंटर चल रहे हैं। जगत गुरु के नाम से एक वेबसाइट बनी है। कॉल सेंटर पर विश्वासपात्र लोगों के नंबर दिए गए हैं, जो भारत में कहीं भी रामपाल से नाम दीक्षा दिलाने का दावा करते हैं। इन कॉल सेंटर के नंबर पर ऑप्शन दिए जाते हैं, जिसको जैसी जानकारी रामपाल व उसके कामों के बारे में चाहिए, वो सब बताई जाती है। नाम दीक्षा भी रामपाल के सामने दिलवाने का दावा किया जाता है। रामपाल की नाम दीक्षा की रिकॉर्डिंग इन कॉल सेंटरों के एजेंटों के पास मौजूद है। इनके पास हर जिले और उसके आसपास के संगतों की एक सूची है। इनके पास एक सीरीज के नंबर हैं। यह नाम दीक्षा लेने वाले व्यक्ति को एक निश्चित जगह पर ले जाते हैं और रामपाल महाराज की वीडियो चलाकर उसे नाम दीक्षा दिलवा देते हैं। दावा है कि हजारों लोग नाम दीक्षा ले चुके हैं। 11 साल में 11 आश्रम बना चुका रामपाल
रामपाल साल 2014 से देशद्रोह के मामले में हिसार की सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। रामपाल के 2014 में हरियाणा में रोहतक के करौंथा और हिसार के बरवाला में 2 आश्रम थे। तीसरा मध्यप्रदेश में बन रहा था। अब आश्रमों की संख्या 11 हो गई है। करौंथा और बरवाला आश्रम सरकार के अधीन हैं। रामपाल के सोनीपत के धनाना, भिवानी और कुरुक्षेत्र में भी बड़े आश्रम खड़े कर लिए हैं। इनके संचालन को तीन स्तरीय कमेटियां बनी हैं। राष्ट्रीय कमेटी सीधे रामपाल के अधीन काम करती है और संपर्क में रहती है। आगे राज्य व जिला स्तरीय कमेटियां हैं।
हरियाणा में जेल में बंद रामपाल एक बार फिर जन समर्थन जुटाने में जुट गया है। इसके लिए वह अपने आपको सम्मानित करवाने में लगा है। एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक रामपाल ने इसके लिए एक विशेष टीम बनाई है, जो सब मैनेज कर रही है। कार्यक्रम करवाने के लिए जगह-जगह से डिमांड आ रही है। शर्त यही रखी जा रही है कि रामपाल महाराज को सम्मानित करना है। बदले में नेताओं की इमेज चमकाने का काम रामपाल की पीआर करती है। इसके लिए उन नेताओं को टारगेट पर लिया जा रहा है जो 2029 में हरियाणा में चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और हरियाणा के 2024 विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं। रामपाल को एक के बाद एक अलग-अलग सम्मानों से सम्मानित किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां सरकार तक चंदा देने वालों से लेकर सम्मानित करने और कार्यक्रम में आने वाले लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। बता दें कि 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम कांड के बाद से रामपाल जेल में बंद है और उस पर देशद्रोह के आरोप में मुकद्दमा चल रहा है। ऐसे में रामपाल का बाहर सम्मानित होना और भीड़ जुटाने से एजेंसियों को फिर से चिंता सताने लगी है। हिसार से जमानत खारिज होने के बाद समारोह बढ़े
हिसार में कोर्ट ने देशद्रोह मामले में सितंबर में रामपाल की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। देशद्रोह के मामले में 980 से अधिक आरोपी हैं। इनमें रामपाल और हाल ही में गिरफ्तार एक आरोपी जेल में है। रामपाल की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसके सम्मान समारोह अचानक बढ़ गए हैं। रामपाल की बेवसाइट और उसके सोशल मीडिया पेज के अनुसार उसे नवंबर से अब तक हरियाणा में 4 बड़े सम्मान मिल चुके हैं। इसमें जन सेवक रत्न सम्मान, किसान जीवन रक्षक सम्मान, किसान रत्न सम्मान, भारत गौरव सम्मान दिए गए हैं। क्या था सतलोक आश्रम कांड
दरअसल, हरियाणा में नवंबर 2014 में रामपाल के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में उपद्रव हुआ था, जिसमें आश्रम के 6 अनुयायियों की मौत हुई थी। मरने वालों में मध्य प्रदेश के जिला रीवा के अंबा गांव निवासी आदर्श सिंह, दिल्ली की लखपत कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय सरिता देवी, रोहतक जिले के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष, पंजाब के संगरूर के गांव शेखपुरा निवासी 50 वर्षीय मलकीत कौर, उत्तर प्रदेश के तहसील लाल बेहर की जाखोद निवासी रजनी व यूपी के ही रामपुर वास की निवासी 70 वर्षीय राजबाला शामिल थे। इस विवाद को लेकर सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, सरकारी ड्यूटी में बाधा, ज्यादा मात्रा में दवाइयां रखने, गैस सिलेंडर आदि के स्टॉक से जुड़े केस दर्ज किए गए थे। रामपाल को हत्या से जुड़े मामले में कोर्ट आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुना चुकी है।
इस तरह सुर्खियों में आया था रामपाल... अब 14 में से 11 केसों में बरी हो चुका रामपाल
वहीं रामपाल के वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने वाले हिसार के एडवोकेट कुलदीप का कहना है कि रामपाल महाराज 2014 से जेल में बंद हैं। उन पर कुल 14 केस लगे थे। उनमें से 11 केस में वे बरी हो चुके हैं। 2 केस जिनका मुकद्दमा नंबर 429 और 430 है, उनमें हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। अभी देशद्रोह का मुकद्दमा नंबर 428 है। इसमें 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे। बता दें कि देशद्रोह मामले में 17 जनवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई है उससे पहले रामपाल की छवि सुधारी जा रही है। कॉल सेंटरों के जरिए नाम दीक्षा दी जा रही
जेल में बंद होने के बावजूद रामपाल का साम्राज्य फैल रहा है। सतलोक आश्रम के कॉल सेंटर चल रहे हैं। जगत गुरु के नाम से एक वेबसाइट बनी है। कॉल सेंटर पर विश्वासपात्र लोगों के नंबर दिए गए हैं, जो भारत में कहीं भी रामपाल से नाम दीक्षा दिलाने का दावा करते हैं। इन कॉल सेंटर के नंबर पर ऑप्शन दिए जाते हैं, जिसको जैसी जानकारी रामपाल व उसके कामों के बारे में चाहिए, वो सब बताई जाती है। नाम दीक्षा भी रामपाल के सामने दिलवाने का दावा किया जाता है। रामपाल की नाम दीक्षा की रिकॉर्डिंग इन कॉल सेंटरों के एजेंटों के पास मौजूद है। इनके पास हर जिले और उसके आसपास के संगतों की एक सूची है। इनके पास एक सीरीज के नंबर हैं। यह नाम दीक्षा लेने वाले व्यक्ति को एक निश्चित जगह पर ले जाते हैं और रामपाल महाराज की वीडियो चलाकर उसे नाम दीक्षा दिलवा देते हैं। दावा है कि हजारों लोग नाम दीक्षा ले चुके हैं। 11 साल में 11 आश्रम बना चुका रामपाल
रामपाल साल 2014 से देशद्रोह के मामले में हिसार की सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। रामपाल के 2014 में हरियाणा में रोहतक के करौंथा और हिसार के बरवाला में 2 आश्रम थे। तीसरा मध्यप्रदेश में बन रहा था। अब आश्रमों की संख्या 11 हो गई है। करौंथा और बरवाला आश्रम सरकार के अधीन हैं। रामपाल के सोनीपत के धनाना, भिवानी और कुरुक्षेत्र में भी बड़े आश्रम खड़े कर लिए हैं। इनके संचालन को तीन स्तरीय कमेटियां बनी हैं। राष्ट्रीय कमेटी सीधे रामपाल के अधीन काम करती है और संपर्क में रहती है। आगे राज्य व जिला स्तरीय कमेटियां हैं।