सोनीपत में देवेंद्र गौतम के समर्थन में उतरीं कांग्रेस-इनेलो:BJP नेताओं पर तानाशाही, सत्ता के दुरुपयोग के आरोप, FIR पर सियासी घमासान
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में पूर्व आम आदमी पार्टी लोकसभा अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गौतम के खिलाफ थाना सेक्टर-27 में दर्ज FIR के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल खुलकर देवेंद्र गौतम के समर्थन में सामने आ गए हैं। सोनीपत के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों ने इस FIR को सत्ता के दबाव में दर्ज किया गया मनगढ़ंत मामला बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, इनेलो और देवेंद्र गौतम संयुक्त रूप से मौजूद रहे। इस दौरान वक्ताओं ने भाजपा पर जमकर आरोप लगाए और कहा कि स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता मिलकर तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उनका कहना था कि सामाजिक कार्यकर्ता एवं न्याय युद्ध मंच के संस्थापक देवेंद्र गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमा पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है। देवेंद्र गौतम ने बताया पूरा घटनाक्रम
देवेंद्र गौतम ने कहा कि जिस घटना को आधार बनाकर थाना सेक्टर-27 में मुकदमा दर्ज किया गया है, उसका पूरा घटनाक्रम वीडियो रिकॉर्डिंग में सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि मौके पर नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन लेकर आई थी, जो सार्वजनिक सड़क पर खड़ी थी। न तो मशीन पर नंबर प्लेट लगी थी और न ही ड्राइवर के पास लाइसेंस मौजूद था। जनहित में पूछे गए सवाल बने विवाद की वजह देवेंद्र गौतम ने कहा कि उन्होंने केवल जनहित में निगम अधिकारियों से सवाल पूछे थे। उन्होंने पूछा था कि क्या जेसीबी ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस है, क्या मशीन के सभी दस्तावेज पूरे हैं और यदि सार्वजनिक सड़क पर खड़ी मशीन से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। यह सभी सवाल मौके पर मौजूद पुलिस और वरिष्ठ निगम अधिकारियों की मौजूदगी में पूछे गए थे। 24 दिन बाद राजनीतिक दबाव में दर्ज हुआ मुकदमा देवेंद्र ने आरोप लगाया कि इन सवालों के 24 दिन बाद राजनीतिक दबाव में नगर निगम के सहायक अभियंता द्वारा थाना सेक्टर-27 में झूठी शिकायत दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना समुचित जांच किए ही मुकदमा दर्ज कर लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। देवेंद्र गौतम ने कहा कि आज देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि जनता की आवाज उठाने वालों को अपराधी साबित किया जा रहा है। गौतम ने स्पष्ट किया कि उनका कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं है। वे एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जनता की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान की आवाज उठाते रहे हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल दीवान का बयान कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन आज उसी संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार देशभर में इसी तानाशाही सोच के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। देवेंद्र गौतम पर दर्ज मुकदमा इसी संविधान-विरोधी मानसिकता का परिणाम है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार का बयान सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार ने कहा कि यह मामला केवल देवेंद्र गौतम का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का है जो सरकार से सवाल पूछने का साहस करता है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र गौतम ने शनि मंदिर अंडरपास, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं को उठाया, लेकिन बदले में उन्हें एफआईआर थमा दी गई। विपक्ष एकजुट होकर इस अन्याय का विरोध करेगा। INLD जिलाध्यक्ष कुणाल गहलोत बोले इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलोत ने कहा कि न्याय युद्ध मंच के संयोजक देवेंद्र गौतम की सभी मांगें पूरी तरह जनहित से जुड़ी हैं। इनमें किसी तरह का निजी, राजनीतिक या आर्थिक स्वार्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों से डर रही है जो बिना सत्ता के जनता की आवाज बन रहे हैं और INLD इस लोकतांत्रिक संघर्ष को हर मंच पर उठाएगी। प्रेस वार्ता में कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान, इनेलो जिला अध्यक्ष कुणाल गहलोत, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और नागरिक भी उपस्थित रहे। संयुक्त चेतावनी और आंदोलन की घोषणा सभी दलों ने संयुक्त रूप से देवेंद्र गौतम को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इसे सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति के तहत धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। देवेंद्र गौतम ने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने की लड़ाई है।
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में पूर्व आम आदमी पार्टी लोकसभा अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र गौतम के खिलाफ थाना सेक्टर-27 में दर्ज FIR के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल खुलकर देवेंद्र गौतम के समर्थन में सामने आ गए हैं। सोनीपत के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों ने इस FIR को सत्ता के दबाव में दर्ज किया गया मनगढ़ंत मामला बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, इनेलो और देवेंद्र गौतम संयुक्त रूप से मौजूद रहे। इस दौरान वक्ताओं ने भाजपा पर जमकर आरोप लगाए और कहा कि स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता मिलकर तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उनका कहना था कि सामाजिक कार्यकर्ता एवं न्याय युद्ध मंच के संस्थापक देवेंद्र गौतम के खिलाफ दर्ज मुकदमा पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है। देवेंद्र गौतम ने बताया पूरा घटनाक्रम
देवेंद्र गौतम ने कहा कि जिस घटना को आधार बनाकर थाना सेक्टर-27 में मुकदमा दर्ज किया गया है, उसका पूरा घटनाक्रम वीडियो रिकॉर्डिंग में सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि मौके पर नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन लेकर आई थी, जो सार्वजनिक सड़क पर खड़ी थी। न तो मशीन पर नंबर प्लेट लगी थी और न ही ड्राइवर के पास लाइसेंस मौजूद था। जनहित में पूछे गए सवाल बने विवाद की वजह देवेंद्र गौतम ने कहा कि उन्होंने केवल जनहित में निगम अधिकारियों से सवाल पूछे थे। उन्होंने पूछा था कि क्या जेसीबी ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस है, क्या मशीन के सभी दस्तावेज पूरे हैं और यदि सार्वजनिक सड़क पर खड़ी मशीन से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। यह सभी सवाल मौके पर मौजूद पुलिस और वरिष्ठ निगम अधिकारियों की मौजूदगी में पूछे गए थे। 24 दिन बाद राजनीतिक दबाव में दर्ज हुआ मुकदमा देवेंद्र ने आरोप लगाया कि इन सवालों के 24 दिन बाद राजनीतिक दबाव में नगर निगम के सहायक अभियंता द्वारा थाना सेक्टर-27 में झूठी शिकायत दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना समुचित जांच किए ही मुकदमा दर्ज कर लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। देवेंद्र गौतम ने कहा कि आज देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं कि जनता की आवाज उठाने वालों को अपराधी साबित किया जा रहा है। गौतम ने स्पष्ट किया कि उनका कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं है। वे एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जनता की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान की आवाज उठाते रहे हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल दीवान का बयान कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन आज उसी संविधान को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार देशभर में इसी तानाशाही सोच के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। देवेंद्र गौतम पर दर्ज मुकदमा इसी संविधान-विरोधी मानसिकता का परिणाम है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार का बयान सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार ने कहा कि यह मामला केवल देवेंद्र गौतम का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक का है जो सरकार से सवाल पूछने का साहस करता है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र गौतम ने शनि मंदिर अंडरपास, जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं को उठाया, लेकिन बदले में उन्हें एफआईआर थमा दी गई। विपक्ष एकजुट होकर इस अन्याय का विरोध करेगा। INLD जिलाध्यक्ष कुणाल गहलोत बोले इंडियन नेशनल लोकदल के जिला अध्यक्ष कुणाल गहलोत ने कहा कि न्याय युद्ध मंच के संयोजक देवेंद्र गौतम की सभी मांगें पूरी तरह जनहित से जुड़ी हैं। इनमें किसी तरह का निजी, राजनीतिक या आर्थिक स्वार्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों से डर रही है जो बिना सत्ता के जनता की आवाज बन रहे हैं और INLD इस लोकतांत्रिक संघर्ष को हर मंच पर उठाएगी। प्रेस वार्ता में कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान, इनेलो जिला अध्यक्ष कुणाल गहलोत, पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और नागरिक भी उपस्थित रहे। संयुक्त चेतावनी और आंदोलन की घोषणा सभी दलों ने संयुक्त रूप से देवेंद्र गौतम को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इसे सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति के तहत धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। देवेंद्र गौतम ने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने की लड़ाई है।