शक्तिपीठ शाकंभरी माता को चढ़ाई 8000 फीट लंबी चुनरी:ढोल-नगाड़ों-डीजे के साथ 18Km पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु

प्रख्यात शक्तिपीठ शाकंभरी माता के प्राकट्य दिवस पर हजारों श्रद्धालुओं ने सकराय स्थित माता के दरबार में धोक लगाई। उदयपुरवाटी कस्बे से सकराय स्थित मंदिर तक 8000 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकली। ढोल, नगाड़ों, डीजे और जयकारों के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने 18 किमी पैदल चलकर 4-4 हजार फीट की 2 चुनरियां मां शाकंभरी को अर्पित कीं। श्रद्धालुओं की 5 किलोमीटर लंबी कतारों के दोनों ओर पहाड़ियां होने के कारण जयकारे गूंजे, तो माहौल भक्तिमय हो गया। चुनरी यात्रा में राजस्थान के साथ-साथ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचे। चुनरी यात्रा में देवी-देवताओं की सजीव झांकियां, सजे-धजे रथ और घोड़े श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु करीब 8 घंटे में पदयात्रा पूरी कर उदयपुरवाटी से शाकंभरी पहुंचे। झुंझुनूं जिले की सीमा तक थाना इंचार्ज रामपाल मीणा पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। सकराय स्थित शाकंभरी मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने मां शाकंभरी की विशेष आरती की और फिर 8 हजार फीट लंबी चुनरी माता को अर्पित की। प्राकट्य दिवस के अवसर पर शक्तिपीठ मां शाकंभरी में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें नजर आईं। भीड़ के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और लोग घंटों तक दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इससे पहले शुक्रवार की शाम मंगलपाठ हुए, कार्यक्रम संपन्न होने पर भंडारे में प्रसादी बांटी गई। महाआरती और चुनरी चढ़ाने के समय गोकुलपुरा थाना इंचार्ज प्रीति बेनीवाल भी मय पुलिस जाब्ता मौजूद रहीं।

Jan 3, 2026 - 22:40
 0
शक्तिपीठ शाकंभरी माता को चढ़ाई 8000 फीट लंबी चुनरी:ढोल-नगाड़ों-डीजे के साथ 18Km पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु
प्रख्यात शक्तिपीठ शाकंभरी माता के प्राकट्य दिवस पर हजारों श्रद्धालुओं ने सकराय स्थित माता के दरबार में धोक लगाई। उदयपुरवाटी कस्बे से सकराय स्थित मंदिर तक 8000 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकली। ढोल, नगाड़ों, डीजे और जयकारों के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने 18 किमी पैदल चलकर 4-4 हजार फीट की 2 चुनरियां मां शाकंभरी को अर्पित कीं। श्रद्धालुओं की 5 किलोमीटर लंबी कतारों के दोनों ओर पहाड़ियां होने के कारण जयकारे गूंजे, तो माहौल भक्तिमय हो गया। चुनरी यात्रा में राजस्थान के साथ-साथ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचे। चुनरी यात्रा में देवी-देवताओं की सजीव झांकियां, सजे-धजे रथ और घोड़े श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु करीब 8 घंटे में पदयात्रा पूरी कर उदयपुरवाटी से शाकंभरी पहुंचे। झुंझुनूं जिले की सीमा तक थाना इंचार्ज रामपाल मीणा पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। सकराय स्थित शाकंभरी मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने मां शाकंभरी की विशेष आरती की और फिर 8 हजार फीट लंबी चुनरी माता को अर्पित की। प्राकट्य दिवस के अवसर पर शक्तिपीठ मां शाकंभरी में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें नजर आईं। भीड़ के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और लोग घंटों तक दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। इससे पहले शुक्रवार की शाम मंगलपाठ हुए, कार्यक्रम संपन्न होने पर भंडारे में प्रसादी बांटी गई। महाआरती और चुनरी चढ़ाने के समय गोकुलपुरा थाना इंचार्ज प्रीति बेनीवाल भी मय पुलिस जाब्ता मौजूद रहीं।