रामपुर स्टेशन पर लाखों के टॉयलेट पर ताला बंद:असम की महिला यात्री परेशान, अधिकारी मौन

रामपुर रेलवे स्टेशन परिसर में लाखों रुपए की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय पर ताला लगा हुआ है। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। असम से आई महिला यात्रियों ने शौचालय की इस दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, यह शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। रखरखाव के अभाव में इसके भीतर घास उग आई है, जो इसके अनुपयोग को दर्शाता है। शौचालय के ठीक सामने साइकिल स्टैंड का अवैध कब्जा भी आवागमन में बाधा डाल रहा है। रोजाना स्टेशन पर आने वाली महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शौचालय सुविधा न मिलने के कारण परेशान हैं। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे स्वच्छता और सुरक्षा दोनों पर प्रश्नचिह्न लगता है। इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। न तो शौचालय के ताले खोलने की कोई व्यवस्था की गई है और न ही अवैध कब्जे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई की जा रही है। यात्री सवाल उठा रहे हैं कि लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए शौचालय को जनता के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है। यात्रियों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

Dec 28, 2025 - 12:03
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रामपुर स्टेशन पर लाखों के टॉयलेट पर ताला बंद:असम की महिला यात्री परेशान, अधिकारी मौन
रामपुर रेलवे स्टेशन परिसर में लाखों रुपए की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय पर ताला लगा हुआ है। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। असम से आई महिला यात्रियों ने शौचालय की इस दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, यह शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। रखरखाव के अभाव में इसके भीतर घास उग आई है, जो इसके अनुपयोग को दर्शाता है। शौचालय के ठीक सामने साइकिल स्टैंड का अवैध कब्जा भी आवागमन में बाधा डाल रहा है। रोजाना स्टेशन पर आने वाली महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शौचालय सुविधा न मिलने के कारण परेशान हैं। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे स्वच्छता और सुरक्षा दोनों पर प्रश्नचिह्न लगता है। इस पूरे मामले पर संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। न तो शौचालय के ताले खोलने की कोई व्यवस्था की गई है और न ही अवैध कब्जे को हटाने के लिए कोई कार्रवाई की जा रही है। यात्री सवाल उठा रहे हैं कि लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए शौचालय को जनता के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है। यात्रियों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।