प्राथमिक शिक्षा में मार्च 2026 तक रोहतक बनेगा पूर्ण निपुण:शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश, जीरो पीरियड मॉडल पूरे प्रदेश में लागू

रोहतक जिला मार्च 2026 तक प्राथमिक शिक्षा में 100 प्रतिशत निपुण दर्जा हासिल कर लेगा। मार्च 2026 तक पूर्ण निपुण जिला बनकर समावेशी, परिणामोन्मुखी एवं समग्र शिक्षा का एक मानक स्थापित करेगा। डीसी सचिन गुप्ता ने निपुण जिला बनाने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए। डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन मोड में कार्य करते हुए गति बनाए रखें, ताकि कक्षा पहली से 5वीं तक के सभी बच्चे आयु के अनुरूप पठन, लेखन एवं बुनियादी गणितीय दक्षता प्राप्त कर सकें। आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ है और रोहतक की यह पहल शिक्षा सुधार का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। निपुण रोहतक के तहत मजबूत प्रगति जिला मूल्यांकन आंकड़ों के अनुसार पिछली समीक्षा में निर्धारित लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से प्राप्त कर लिया गया है। एक माह के दौरान 1 हजार 14 विद्यार्थियों ने निर्धारित समय-सीमा में दक्षता के एक स्तर से अगले उच्च स्तर तक प्रगति करते हुए निपुण मानकों को प्राप्त किया है। 1 हजार 888 विद्यार्थी वर्तमान में केंद्रित सुधारात्मक शिक्षण के अंतर्गत हैं और अगले चरण में उनकी दक्षता में अपेक्षित सुधार होने की संभावना है। जीरो पीरियड - रोहतक की नवाचार पहल अब पूरे प्रदेश में लागू जीरो पीरियड पहल के अंतर्गत सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन 40 मिनट का विशेष शिक्षण समय निर्धारित किया गया है, जिसमें केवल पठन दक्षता और संख्यात्मक कौशल पर ध्यान दिया जाता है। इसकी प्रभावशीलता को देखते हुए अब रोहतक का यह मॉडल पूरे राज्य में लागू किया गया है। प्रत्येक बच्चे की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी डिजिटल स्किल पासबुक के माध्यम से की जा रही है। शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम डीसी सचिन गुप्ता ने डाइट मदीना के सहयोग से संचालित शिक्षक प्रशिक्षण पहलों की समीक्षा की तथा प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। नींव कार्यक्रम के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों में विज्ञान विषय की दक्षता बढ़ाने हेतु डिजिटल होमवर्क और विषय आधारित वीडियो सहायता प्रदान की जा रही है। शैक्षणिक समृद्धि एवं प्रतिभा विकास डीसी ने निर्देश दिए कि सुपर-40 कार्यक्रम (सुपर-100 मॉडल पर आधारित) के तहत कक्षाएं एक माह के भीतर शुरू की जाएं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री, टेस्ट एवं मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी।

Jan 6, 2026 - 20:05
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प्राथमिक शिक्षा में मार्च 2026 तक रोहतक बनेगा पूर्ण निपुण:शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश, जीरो पीरियड मॉडल पूरे प्रदेश में लागू
रोहतक जिला मार्च 2026 तक प्राथमिक शिक्षा में 100 प्रतिशत निपुण दर्जा हासिल कर लेगा। मार्च 2026 तक पूर्ण निपुण जिला बनकर समावेशी, परिणामोन्मुखी एवं समग्र शिक्षा का एक मानक स्थापित करेगा। डीसी सचिन गुप्ता ने निपुण जिला बनाने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए। डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन मोड में कार्य करते हुए गति बनाए रखें, ताकि कक्षा पहली से 5वीं तक के सभी बच्चे आयु के अनुरूप पठन, लेखन एवं बुनियादी गणितीय दक्षता प्राप्त कर सकें। आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ है और रोहतक की यह पहल शिक्षा सुधार का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। निपुण रोहतक के तहत मजबूत प्रगति जिला मूल्यांकन आंकड़ों के अनुसार पिछली समीक्षा में निर्धारित लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से प्राप्त कर लिया गया है। एक माह के दौरान 1 हजार 14 विद्यार्थियों ने निर्धारित समय-सीमा में दक्षता के एक स्तर से अगले उच्च स्तर तक प्रगति करते हुए निपुण मानकों को प्राप्त किया है। 1 हजार 888 विद्यार्थी वर्तमान में केंद्रित सुधारात्मक शिक्षण के अंतर्गत हैं और अगले चरण में उनकी दक्षता में अपेक्षित सुधार होने की संभावना है। जीरो पीरियड - रोहतक की नवाचार पहल अब पूरे प्रदेश में लागू जीरो पीरियड पहल के अंतर्गत सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन 40 मिनट का विशेष शिक्षण समय निर्धारित किया गया है, जिसमें केवल पठन दक्षता और संख्यात्मक कौशल पर ध्यान दिया जाता है। इसकी प्रभावशीलता को देखते हुए अब रोहतक का यह मॉडल पूरे राज्य में लागू किया गया है। प्रत्येक बच्चे की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी डिजिटल स्किल पासबुक के माध्यम से की जा रही है। शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम डीसी सचिन गुप्ता ने डाइट मदीना के सहयोग से संचालित शिक्षक प्रशिक्षण पहलों की समीक्षा की तथा प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। नींव कार्यक्रम के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों में विज्ञान विषय की दक्षता बढ़ाने हेतु डिजिटल होमवर्क और विषय आधारित वीडियो सहायता प्रदान की जा रही है। शैक्षणिक समृद्धि एवं प्रतिभा विकास डीसी ने निर्देश दिए कि सुपर-40 कार्यक्रम (सुपर-100 मॉडल पर आधारित) के तहत कक्षाएं एक माह के भीतर शुरू की जाएं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री, टेस्ट एवं मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी।