नालंदा में सीएम आज दही-लस्सी प्लांट का करेंगे शिलान्यास:20 मीट्रिक टन रोज प्रोडक्शन करने की होगी क्षमता, 300 खुदरा विक्रेताओं को डीप फ्रीजर भी बांटेंगे
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज नालंदा आ रहे हैं। दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इस प्लांट से 20 मीट्रिक टन रोज प्रोडक्शन होना है। इसके अलावा सीएम 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर का वितरण भी करेंगे। राज्य के पशुपालकों के लिए भी राहत भरी खबर है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से बीमार, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को सुरक्षित रूप से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए राज्य में ‘पशु उठाव एवं परिवहन सेवा’ की शुरुआत भी होने जा रही है। इन सभी सेवाओं का शुभारंभ नालंदा डेयरी परिसर में मुख्यमंत्री करेंगे। सुबह 11 बजे पहुंचेंगे सीएम डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से नालांद डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में आज कार्यक्रम होना है। सीएम सुबह 11 बजे पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पहले 17 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन किसी कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। उस समय कार्यक्रम स्थगित होने से शिलान्यास की तिथियां आगे बढ़ गई थीं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां जारी थी। किसानों को दूध बेचने के लिए होगी आसानी नालंदा डेयरी परिसर के बगल में ही दूध-लस्सी के प्लांट का शिलान्यास होना है। प्लांट के शुरू होने से नालंदा डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता में इजाफा होगा। स्थानीय किसानों का दूध आसानी से खपेगा और बाजार में सुधा के दही-लस्सी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चा दूध जल्दी खराब हो जाता है, लेकिन जब उसे दही, लस्सी या अन्य उत्पादों में बदला जाता है, तो न केवल उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है, बल्कि बाजार में उसकी कीमत भी बेहतर मिलती है।
पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का भी होगा शिलान्यास डेयरी उद्योग को सिर्फ दूध-दही तक सीमित नहीं रखा जाएगा। बल्कि कॉम्फेड की ओर से संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप का भी शिलान्यास किया जाएगा। डेयरी परिसर के पास पेट्रोल पंप होने से दुग्ध परिवहन में लगे वाहनों को पेट्रोल-डीजल के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिससे लॉजिस्टिक लागत और समय की बचत होगी। इसके साथ ही, 'सुधा कैफेटेरिया' की भी शुरुआत की जाएगी। यह कैफेटेरिया स्थानीय लोगों, राहगीरों और किसानों के लिए एक बेहतरीन केंद्र होगा, जहां ताजे और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे। पशुपालकों को होगी सुविधा वहीं, पशु उठाव एवं परिवहन सेवा की शुरुआत होने से पशुपालकों को भी राहत मिलेगी। ऐसे पशु, जिन्हें किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण पशु चिकित्सालय तक ले जाना संभव नहीं हो पाता था, उन्हें विभाग की ओर से उपलब्ध विशेष वाहन से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इससे पहले मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की हुई थी शुरुआत बिहार सरकार पशुपालकों के द्वार तक बेहतरीन पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे पहले शुरू मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU), 24×7 कॉल सेंटर (1962) और अब यह 'पशु उठाव एवं परिवहन सेवा', राज्य में पशु कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी। प्रशिक्षित महिलाएं किसानों की मदद करेंगी महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 'जीविका पशु सखी' प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए जीविका समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में जाकर किसानों की मदद करेंगी। दोनों डिप्टी सीएम भी रहेंगे मौजूद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच साझा करेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होने के कारण ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नन्द किशोर राम करेंगे। इसके अलावा जिले के सांसद, बिहार विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान और विभिन्न सहकारी समितियों के सदस्य मौजूद होंगे। अधिकारियों ने तैयारी का लिया जायजा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने नालंदा डेयरी पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ और तय समय पर पूरी की जाएं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज नालंदा आ रहे हैं। दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इस प्लांट से 20 मीट्रिक टन रोज प्रोडक्शन होना है। इसके अलावा सीएम 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर का वितरण भी करेंगे। राज्य के पशुपालकों के लिए भी राहत भरी खबर है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से बीमार, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं को सुरक्षित रूप से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए राज्य में ‘पशु उठाव एवं परिवहन सेवा’ की शुरुआत भी होने जा रही है। इन सभी सेवाओं का शुभारंभ नालंदा डेयरी परिसर में मुख्यमंत्री करेंगे। सुबह 11 बजे पहुंचेंगे सीएम डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से नालांद डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में आज कार्यक्रम होना है। सीएम सुबह 11 बजे पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पहले 17 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन किसी कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। उस समय कार्यक्रम स्थगित होने से शिलान्यास की तिथियां आगे बढ़ गई थीं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां जारी थी। किसानों को दूध बेचने के लिए होगी आसानी नालंदा डेयरी परिसर के बगल में ही दूध-लस्सी के प्लांट का शिलान्यास होना है। प्लांट के शुरू होने से नालंदा डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता में इजाफा होगा। स्थानीय किसानों का दूध आसानी से खपेगा और बाजार में सुधा के दही-लस्सी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चा दूध जल्दी खराब हो जाता है, लेकिन जब उसे दही, लस्सी या अन्य उत्पादों में बदला जाता है, तो न केवल उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है, बल्कि बाजार में उसकी कीमत भी बेहतर मिलती है।
पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का भी होगा शिलान्यास डेयरी उद्योग को सिर्फ दूध-दही तक सीमित नहीं रखा जाएगा। बल्कि कॉम्फेड की ओर से संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप का भी शिलान्यास किया जाएगा। डेयरी परिसर के पास पेट्रोल पंप होने से दुग्ध परिवहन में लगे वाहनों को पेट्रोल-डीजल के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जिससे लॉजिस्टिक लागत और समय की बचत होगी। इसके साथ ही, 'सुधा कैफेटेरिया' की भी शुरुआत की जाएगी। यह कैफेटेरिया स्थानीय लोगों, राहगीरों और किसानों के लिए एक बेहतरीन केंद्र होगा, जहां ताजे और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे। पशुपालकों को होगी सुविधा वहीं, पशु उठाव एवं परिवहन सेवा की शुरुआत होने से पशुपालकों को भी राहत मिलेगी। ऐसे पशु, जिन्हें किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण पशु चिकित्सालय तक ले जाना संभव नहीं हो पाता था, उन्हें विभाग की ओर से उपलब्ध विशेष वाहन से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इससे पहले मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई की हुई थी शुरुआत बिहार सरकार पशुपालकों के द्वार तक बेहतरीन पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे पहले शुरू मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU), 24×7 कॉल सेंटर (1962) और अब यह 'पशु उठाव एवं परिवहन सेवा', राज्य में पशु कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी। प्रशिक्षित महिलाएं किसानों की मदद करेंगी महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 'जीविका पशु सखी' प्रशिक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। इसके जरिए जीविका समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, प्राथमिक चिकित्सा और डेयरी प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में जाकर किसानों की मदद करेंगी। दोनों डिप्टी सीएम भी रहेंगे मौजूद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र प्रसाद यादव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच साझा करेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होने के कारण ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नन्द किशोर राम करेंगे। इसके अलावा जिले के सांसद, बिहार विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान और विभिन्न सहकारी समितियों के सदस्य मौजूद होंगे। अधिकारियों ने तैयारी का लिया जायजा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने नालंदा डेयरी पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ और तय समय पर पूरी की जाएं।