नशामुक्ति केन्द्र, तपस्थली द्वारा उडाई जा रही नियमों की धज्जियां*
नशामुक्ति केन्द्र, तपस्थली द्वारा उडाई जा रही नियमों की धज्जियां*
*नशामुक्ति केन्द्र, तपस्थली द्वारा उडाई जा रही नियमों की धज्जियां*
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल जी के निर्देशानुसार आज दिनांक 08 जनवरी 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा तपस्थली कॉउन्सिलिंग पुनर्वास एवं नशामुक्ति केन्द्र (Tapasthali Counselling Rehabilitation and De-Addiction Centre) रांझावाला रोड, निकट सेन्ट्रल बैंक, डी०एन०एस० कॉम्प्लेक्स, रायपुर, देहरादून का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री प्रदीप राणा, डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून, डॉक्टर विनय शर्मा, मनोचिकित्सक, राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, सेलाकुई, श्री प्रशांत लैब टेक्निशियन, सी०एस०सी० सहसपुर और ए०एन०टी०एफ० की टीम से उपनिरीक्षक सुश्री प्रेरणा चौधरी एवं आरक्षी मोहित राठी उपस्थित रहें।
नशामुक्ति केन्द्र में प्रवेश करते ही वहां के संचालक श्रेष्ठ पुण्डीर मिलें। उनके द्वारा बताया गया कि नशामुक्ति केन्द्र का रजिस्ट्रेशन उनके और लक्की राम के नाम पर है। उक्त नशामुक्ति केन्द्र का निरीक्षण दो घंटे से अधिक चला, किन्तु संचालक लक्की राम बार-बार बुलाने पर भी उपस्थित नहीं हुए और ए०एन०टी०एफ० टीम द्वारा बताया गया कि पूर्व में उनके द्वारा इसी नशामुक्ति केन्द्र का दो-तीन बार निरीक्षण किया गया था, किन्तु संचालक लक्की राम अनुपस्थित पाये गए। उसके बाद नशामुक्ति केन्द्र का रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए किन्तु श्रेष्ठ पुण्डीर द्वारा जो रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, उसमें मात्र एक ही संचालक लक्की राम का नाम दर्ज है और वह दिनांक 05.12.2024 तक ही वैध था। निरीक्षण टीम द्वारा रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण के सम्बंध में पूछताछ की गयी, जो संचालक द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। संचालक द्वारा बताया गया कि उनके नशामुक्ति केन्द्र में वर्तमान में 35 मरीज निवासरत है।
नशामुक्ति केन्द्र में वहां उपस्थित सभी नशे से ग्रसित मरीजों से बातचीत कर उनकी कॉउन्सिलिंग की गयी। सभी से उनकी समस्याओं के बारे में भी पूछताछ की गयी। साथ ही नशामुक्ति केन्द्र में उनके दैनिक दिनचर्या, खान-पान, उपचार आदि के बारे में भी जानकारी ली गयी।
नशामुक्ति केन्द्र में बुनियादी आवश्यकताएं जैसे मनोचिकित्सक, कॉउन्सलर, मेडिकल ऑफिसर, स्टॉफ नर्स, योगा प्रशिक्षक, ऑक्सीजन सिलेन्डर, लैब आदि नहीं पाए गये और न ही उनके सम्बंध में कोई संतोषजनक जवाब उका नशामुक्ति केन्द्र द्वारा निरीक्षण टीम को दिया गया। मरीजों के रिकॉर्ड भी पूर्ण नहीं मिली, कई दाखिले फॉर्म में अभिभावक के सहमति पत्र नहीं मिले। अधिकतर मरीज स्थानीय निवासी है. कुछ ही बाहर के राज्यों के मरीज भी पाये गए। निरीक्षण में पाया गया कि अनेक मरीज 06 माह से अधिक का समय होने पर भी नशामुक्ति केन्द्र में इलाज करा रहे है और वहीं स्टॉफ की तरह कार्य भी कर रहें है। नशामुक्ति केन्द्र में कोई भी बाहरी वेतन पर कर्मचारी नियुका नहीं मिला। सभी कर्मचारी/स्टॉफ पूर्व के इलाजरत मरीज पाये गए, जिनके द्वारा खाना बनाना, साफ-सफाई, नशे पर क्लासेस, योगा सिखाना आदि कार्य किये जाते हैं। अनेक मरीजों द्वारा बताया गया कि उनका उनके परिजनो या घरवालों से नियमित बातचीत भी नहीं हो पाती है. जिसपर निरीक्षण टीम द्वारा एक मरीज की उसकी मां से तत्काल बातचीत कराई गयी।
संचालक श्रेष्ठ पुण्डीर द्वारा बताया गया कि उनका नशामुक्ति केन्द्र किराये पर है, किन्तु उनके द्वारा किरायानामा और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गए और न ही कोई संतोषजनक जवाब निरीक्षण टीम को दिया गया। साथ ही नशामुक्ति केन्द्र में मौजूद व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन भी नहीं पाया गया।
ए०एन०टी०एफ० टीम द्वारा बताया गया कि उक्त नशामुक्ति केन्द्र में नियमों की अनदेखी पर पूर्व में दो बार पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत चालान किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए थे, किन्तु आज दिन तक उन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया और आज मिले गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर आज भी अधिक से अधिक चालान किया गया है।
तपस्थली में दर्शित उक्त गंभीर अनियमितताओं पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा श्रीमान जिलाधिकारी देहरादून को रांझावाला रोड, निकट सेन्ट्रल बैंक, डी०एन०एस० कॉम्प्लेक्स, रायपुर देहरादून स्थित तपस्थली कॉउन्सिलिंग पुनर्वास एवं नशामुक्ति केन्द्र (Tapasthali Counselling Rehabilitation and De-Addiction Centre) पर आवश्यक एवं कड़ी कार्यवाही करने की मांग कर रिपोर्ट प्रेषित की गई है।



