न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

Jan 9, 2026 - 11:41
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न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

मनरेगा की आत्मा को ख़त्म करना चाहती है सरकार। यहाँ एक अंकिता नहीं कई अंकिता का सवाल है न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और हम वो लड़ेंगेः- कुमारी सैलजा

आज उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रेस को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश की राजनैतिक मामलों की समिति की बैठक थी जिसमे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें महत्वपूर्ण रूप से मनरेगा और अंकिता भंडारी प्रकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यहाँ सिर्फ़ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है यहाँ बात अधिकारो को ख़त्म करने की है मनरेगा एक मांग-आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति-आधारित योजना बनाता है, जहाँ काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी, यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को ख़त्म कर देगा, पॉवर का विकेंद्रीकरण का स्वरूप ख़त्म हो जाएगा,मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90ः केंद्र सरकार वहन करती थी। नए कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60रू40 कर दिया गया है (पूर्वाेत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90रू10)। यह बदलाव राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे वे काम उपलब्ध कराने से हतोत्साहित होंगे।नया कानून राज्यों को चरम कृषि मौसम (चमंा ंहतपबनसजनतंस ेमंेवद) के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने की अनुमति देता है, ताकि खेतों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इससे मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कम होगी और वे जमींदारों पर निर्भर होने के लिए मजबूर होंगे। पहले यह एक रोजगार गारंटी योजना थी अब ये रोजगार ना मिलना गारंटी है, उन्होंने बताया की पूरे देश में इन बदलावों को लेकर विरोध किया जाएगा जिसमे हर प्रदेश में ये एक योजना बद्ध तरीके से आयोजित होगा जिसमे एक ड्राफ्ट तैयार होगा पंपलेट जिसमे इसकी कमियां उजागर होगी जो लोकल भाषा में भी ट्रांसलेट होगा और उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, पूरे प्रदेश में १० जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा,११ जनवरी को धरना होगा जो गांधी जी या बाबा साहेब की प्रतिमा के समझ होगा, १२ जनवरी से २९ फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाएगा।

कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड में आए नए खुलासे से पूरा देश स्तब्ध है, आक्रोशित है और जब तक पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराने की घोषणा नहीं होती कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।

पत्रकार वार्ता का संचालन पूर्व मीडिया चेयरमैंन राजीव महर्षि ने किया।

पत्रकार वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेतागण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा, सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, सहप्रभारी मनोज यादव, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत, विधायक ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेन्द्र सिंह पाल, पूर्व मीडिया चेयरमैंन राजीव महर्षि, प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, विधायक फुरकान अहमद, विरेन्द्र जाति, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, सोशल मीडिया के विकास नेगी, नदीम अख्तर एवं अमित मसीह आदि उपस्थित थे।