ठगी के शिकार युवक के 99,998 रुपये सुरक्षित लौटाए:खगड़िया साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, राशि को कराया फ्रीज
खगड़िया साइबर थाना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए एक युवक के खाते से निकाली गई 99,998 रुपये की पूरी राशि सुरक्षित वापस करा दी है। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अलौली थाना क्षेत्र के संझौती गांव निवासी नागेश्वर साह (पिता: स्वर्गीय सुखदेव साह) साइबर ठगों का निशाना बने। ठगों ने विभिन्न माध्यमों से धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 99,998 रुपये निकाल लिए थे। अचानक खाते से रकम गायब होने से पीड़ित आर्थिक संकट में आ गया था। पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद खगड़िया साइबर थाना ने मामले को गंभीरता से लिया और कांड संख्या 11/25 दर्ज किया। साइबर थाना की विशेष तकनीकी टीम ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित बैंकों से संपर्क कर ठगी की गई राशि को फ्रीज कराया। समय पर शिकायत करने पर बच सकती है रकम लगातार तकनीकी निगरानी, बैंक समन्वय और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद साइबर ठगों द्वारा ट्रांसफर की गई पूरी राशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। पुलिस की इस तत्परता ने यह साबित किया कि समय पर शिकायत करने से साइबर ठगी की रकम वापस पाना संभव है। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नागेश्वर साह ने राहत की सांस ली। उन्होंने खगड़िया पुलिस और साइबर थाना की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें न्याय मिला है। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप से बचें की सलाह इस मामले को लेकर साइबर डीएसपी निशान गौरव ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप या ओटीपी साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देर किए नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।समय पर सूचना देने से ठगी की राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
खगड़िया साइबर थाना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए एक युवक के खाते से निकाली गई 99,998 रुपये की पूरी राशि सुरक्षित वापस करा दी है। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अलौली थाना क्षेत्र के संझौती गांव निवासी नागेश्वर साह (पिता: स्वर्गीय सुखदेव साह) साइबर ठगों का निशाना बने। ठगों ने विभिन्न माध्यमों से धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 99,998 रुपये निकाल लिए थे। अचानक खाते से रकम गायब होने से पीड़ित आर्थिक संकट में आ गया था। पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद खगड़िया साइबर थाना ने मामले को गंभीरता से लिया और कांड संख्या 11/25 दर्ज किया। साइबर थाना की विशेष तकनीकी टीम ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित बैंकों से संपर्क कर ठगी की गई राशि को फ्रीज कराया। समय पर शिकायत करने पर बच सकती है रकम लगातार तकनीकी निगरानी, बैंक समन्वय और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद साइबर ठगों द्वारा ट्रांसफर की गई पूरी राशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। पुलिस की इस तत्परता ने यह साबित किया कि समय पर शिकायत करने से साइबर ठगी की रकम वापस पाना संभव है। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नागेश्वर साह ने राहत की सांस ली। उन्होंने खगड़िया पुलिस और साइबर थाना की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें न्याय मिला है। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप से बचें की सलाह इस मामले को लेकर साइबर डीएसपी निशान गौरव ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, अनजान ऐप या ओटीपी साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देर किए नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।समय पर सूचना देने से ठगी की राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।