ट्रेंन में नॉनवेज खाना परोसने पर रेलवे को नोटिस:NHRC बोला- यात्रियों को पता होना चाहिए मीट हलाल है या झटका; चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ट्रेन में परोसे जाने वाले नॉनवेज फूड को लेकर रेलवे बोर्ड और पर्यटन मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया है। NHRC ने सोमवार (12 जनवरी) को लेटर जारी किया। जिसमें कहा गया कि ट्रेनों में परोसे जा रहे नॉनवेज फूड को लेकर रेलवे से मांगी गई रिपोर्ट अधूरी है। कई जरूरी जानकारी साफ नहीं की गई हैं। रेलवे बोर्ड से नई रिपोर्ट मांगी है। चार हफ्ते के भीतर जवाब देना होगा। दरअसल, सिख संगठनों की ओर से NHRC को शिकायत मिली थी कि ट्रेनों में मिलने वाले मांसाहारी खाने में केवल हलाल तरीके से तैयार मांस परोसा जाता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इससे यात्रियों के साथ भेदभाव होता है। इसी शिकायत के बाद NHRC ने रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया था। NHRC नोटीस की 4 बड़ी बातें NHRC ने तीन जानकारी मांगीं 1. सभी फूड वेंडरों और ठेकेदारों की पूरी सूची दी जाए? 2. साफ बताए कि हर ठेकेदार किस तरह का मांस (हलाल, झटका या दोनों) देता है? 3. यह फूड किन ट्रेनों या स्टेशनों में परोसा जा रहा है? आयोग ने रेलवे बोर्ड से यह भी पूछा है कि NHRC की इन बातों को रेलवे के गुणवत्ता और मानकों में कैसे शामिल किया जाएगा, इस पर अलग से रिपोर्ट दी जाए। रेलवे का जवाब- हलाल पर कोई आधिकारिक नियम नहीं रेलवे बोर्ड ने इससे पहले अपने रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय रेलवे और IRCTC, FSSAI के नियमों का पालन करते हैं। बोर्ड ने कहा कि ट्रेनों में हलाल प्रमाणित भोजन परोसने को लेकर कोई आधिकारिक नीति या व्यवस्था नहीं है। यह मुद्दा पहले मुख्य सूचना आयोग (CIC) के सामने भी उठा था, जहां यह सामने आया कि हलाल भोजन से जुड़ी किसी नीति, मंजूरी प्रक्रिया या यात्रियों की सहमति का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। होटल नियमों पर पर्यटन मंत्रालय से जवाब मांगा NHRC ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय की होटल रेटिंग और कैटेगगरी के नियमों में यह बताने की कोई व्यवस्था नहीं है कि मांस किस तरीके से तैयार किया गया है। आयोग ने पर्यटन मंत्रालय के सचिव से इस पर विचार कर चार हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। --------- ये खबर भी पढ़ें… जिस निशान को देखकर मुस्लिम सामान खरीद रहे वो फर्जी:5 हजार में मिल रहा फर्जी हलाल सर्टिफिकेट, कैमरे पर पर्दाफाश बिना जांच और बिना किसी तय प्रक्रिया के 5 हजार से 15 हजार रुपए में हलाल सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। न कोई वैरिफिकेशन, न दस्तावेजी पड़ताल, सिर्फ पैसे देकर ‘हलाल’ का ठप्पा लगवाइए और बेफिक्र व्यापार करिए। पूरी खबर पढ़ें…

Jan 14, 2026 - 21:34
 0
ट्रेंन में नॉनवेज खाना परोसने पर रेलवे को नोटिस:NHRC बोला- यात्रियों को पता होना चाहिए मीट हलाल है या झटका; चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ट्रेन में परोसे जाने वाले नॉनवेज फूड को लेकर रेलवे बोर्ड और पर्यटन मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया है। NHRC ने सोमवार (12 जनवरी) को लेटर जारी किया। जिसमें कहा गया कि ट्रेनों में परोसे जा रहे नॉनवेज फूड को लेकर रेलवे से मांगी गई रिपोर्ट अधूरी है। कई जरूरी जानकारी साफ नहीं की गई हैं। रेलवे बोर्ड से नई रिपोर्ट मांगी है। चार हफ्ते के भीतर जवाब देना होगा। दरअसल, सिख संगठनों की ओर से NHRC को शिकायत मिली थी कि ट्रेनों में मिलने वाले मांसाहारी खाने में केवल हलाल तरीके से तैयार मांस परोसा जाता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इससे यात्रियों के साथ भेदभाव होता है। इसी शिकायत के बाद NHRC ने रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया था। NHRC नोटीस की 4 बड़ी बातें NHRC ने तीन जानकारी मांगीं 1. सभी फूड वेंडरों और ठेकेदारों की पूरी सूची दी जाए? 2. साफ बताए कि हर ठेकेदार किस तरह का मांस (हलाल, झटका या दोनों) देता है? 3. यह फूड किन ट्रेनों या स्टेशनों में परोसा जा रहा है? आयोग ने रेलवे बोर्ड से यह भी पूछा है कि NHRC की इन बातों को रेलवे के गुणवत्ता और मानकों में कैसे शामिल किया जाएगा, इस पर अलग से रिपोर्ट दी जाए। रेलवे का जवाब- हलाल पर कोई आधिकारिक नियम नहीं रेलवे बोर्ड ने इससे पहले अपने रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय रेलवे और IRCTC, FSSAI के नियमों का पालन करते हैं। बोर्ड ने कहा कि ट्रेनों में हलाल प्रमाणित भोजन परोसने को लेकर कोई आधिकारिक नीति या व्यवस्था नहीं है। यह मुद्दा पहले मुख्य सूचना आयोग (CIC) के सामने भी उठा था, जहां यह सामने आया कि हलाल भोजन से जुड़ी किसी नीति, मंजूरी प्रक्रिया या यात्रियों की सहमति का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। होटल नियमों पर पर्यटन मंत्रालय से जवाब मांगा NHRC ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय की होटल रेटिंग और कैटेगगरी के नियमों में यह बताने की कोई व्यवस्था नहीं है कि मांस किस तरीके से तैयार किया गया है। आयोग ने पर्यटन मंत्रालय के सचिव से इस पर विचार कर चार हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। --------- ये खबर भी पढ़ें… जिस निशान को देखकर मुस्लिम सामान खरीद रहे वो फर्जी:5 हजार में मिल रहा फर्जी हलाल सर्टिफिकेट, कैमरे पर पर्दाफाश बिना जांच और बिना किसी तय प्रक्रिया के 5 हजार से 15 हजार रुपए में हलाल सर्टिफिकेट बनाए जा रहे हैं। न कोई वैरिफिकेशन, न दस्तावेजी पड़ताल, सिर्फ पैसे देकर ‘हलाल’ का ठप्पा लगवाइए और बेफिक्र व्यापार करिए। पूरी खबर पढ़ें…