गुरुग्राम में 2004 से पहले के कब्जों को मिलेगा मालिकाना:गुरुग्राम में सरकारी-शामलात जमीन पर बने घरों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

हरियाणा सरकार ने ‘मालिकाना हक योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत वर्ष 2004 से पहले सरकारी या शामलात जमीनों पर बने मकानों के मालिकों को अब उनका पूर्ण स्वामित्व मिलेगा। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को अपने घरों की रजिस्ट्री करवाने का अवसर दिया जा रहा है। 17 जनवरी 2025 को हुआ योजना का प्रकाशन गुरुग्राम में बीडीपीओ नरेश कुमार और सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सरपंच धर्मपाल हाजीपुर ने बताया कि इस योजना का प्रकाशन सरकार द्वारा 17 जनवरी 2025 को किया गया था। प्रकाशन की तिथि से अगले 12 माह तक पात्र आवेदक अपने मूल दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन सरपंच, बीडीपीओ या एसडीएम को दिए जा सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से इन्हें सरपंच के पास जमा करना होगा। आवेदन के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अनिवार्य हैं... 500 वर्ग गज तक की सीमा तय, 25% अतिरिक्त जमीन का हक सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 500 वर्ग गज की सीमा निर्धारित की है। कब्जाधारक को उसके निर्मित मकान (कवर्ड एरिया) के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त खाली जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी का मकान 100 वर्ग गज में बना है, तो उसे कुल 125 वर्ग गज जमीन की ही रजिस्ट्री मिलेगी, भले ही उसकी बाउंड्री 500 वर्ग गज तक फैली हो। ग्राम सभा की बैठक से लेकर अंतिम मंजूरी तक की प्रक्रिया आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी के बाद पंचायत की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होना अनिवार्य होगा। इसके बाद ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार की हिदायत के अनुसार, पहली बैठक में ग्राम सभा के 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि यह संख्या पूरी नहीं होती, तो दूसरी बैठक रखी जाएगी, जिसमें 30 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी। यदि दूसरी बैठक में भी उपस्थिति पूरी नहीं होती, तो तीसरी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कम से कम 20 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम उपस्थिति या सहमति मान्य नहीं होगी। फाइल जाएगी बीडीपीओ से डीसी तक, फिर चंडीगढ़ से अंतिम स्वीकृति ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद फाइल बीडीपीओ कार्यालय, फिर एसडीएम और उसके बाद डीडीपीओ (DDPO) के माध्यम से डीसी कार्यालय भेजी जाएगी। डीसी स्तर से इसे अंतिम मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा। डेढ़ गुना सर्कल रेट पर होगी रजिस्ट्री अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, आवेदक को वर्ष 2004 के सर्कल रेट से डेढ़ गुना (1.5 गुना) राशि पंचायत में जमा करानी होगी। इसके पश्चात सरपंच द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। सरकार की अपील हरियाणा सरकार ने सभी पात्र निवासियों से अपील की है कि वे 16 जनवरी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों के साथ सरपंच, बीडीपीओ या एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।

Jan 10, 2026 - 12:59
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गुरुग्राम में 2004 से पहले के कब्जों को मिलेगा मालिकाना:गुरुग्राम में सरकारी-शामलात जमीन पर बने घरों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
हरियाणा सरकार ने ‘मालिकाना हक योजना’ की शुरुआत की है, जिसके तहत वर्ष 2004 से पहले सरकारी या शामलात जमीनों पर बने मकानों के मालिकों को अब उनका पूर्ण स्वामित्व मिलेगा। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को अपने घरों की रजिस्ट्री करवाने का अवसर दिया जा रहा है। 17 जनवरी 2025 को हुआ योजना का प्रकाशन गुरुग्राम में बीडीपीओ नरेश कुमार और सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सरपंच धर्मपाल हाजीपुर ने बताया कि इस योजना का प्रकाशन सरकार द्वारा 17 जनवरी 2025 को किया गया था। प्रकाशन की तिथि से अगले 12 माह तक पात्र आवेदक अपने मूल दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन सरपंच, बीडीपीओ या एसडीएम को दिए जा सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से इन्हें सरपंच के पास जमा करना होगा। आवेदन के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अनिवार्य हैं... 500 वर्ग गज तक की सीमा तय, 25% अतिरिक्त जमीन का हक सरकार ने इस योजना के तहत अधिकतम 500 वर्ग गज की सीमा निर्धारित की है। कब्जाधारक को उसके निर्मित मकान (कवर्ड एरिया) के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त खाली जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी का मकान 100 वर्ग गज में बना है, तो उसे कुल 125 वर्ग गज जमीन की ही रजिस्ट्री मिलेगी, भले ही उसकी बाउंड्री 500 वर्ग गज तक फैली हो। ग्राम सभा की बैठक से लेकर अंतिम मंजूरी तक की प्रक्रिया आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी के बाद पंचायत की बैठक में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होना अनिवार्य होगा। इसके बाद ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार की हिदायत के अनुसार, पहली बैठक में ग्राम सभा के 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि यह संख्या पूरी नहीं होती, तो दूसरी बैठक रखी जाएगी, जिसमें 30 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक होगी। यदि दूसरी बैठक में भी उपस्थिति पूरी नहीं होती, तो तीसरी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कम से कम 20 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम उपस्थिति या सहमति मान्य नहीं होगी। फाइल जाएगी बीडीपीओ से डीसी तक, फिर चंडीगढ़ से अंतिम स्वीकृति ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद फाइल बीडीपीओ कार्यालय, फिर एसडीएम और उसके बाद डीडीपीओ (DDPO) के माध्यम से डीसी कार्यालय भेजी जाएगी। डीसी स्तर से इसे अंतिम मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा। डेढ़ गुना सर्कल रेट पर होगी रजिस्ट्री अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, आवेदक को वर्ष 2004 के सर्कल रेट से डेढ़ गुना (1.5 गुना) राशि पंचायत में जमा करानी होगी। इसके पश्चात सरपंच द्वारा रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा। सरकार की अपील हरियाणा सरकार ने सभी पात्र निवासियों से अपील की है कि वे 16 जनवरी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों के साथ सरपंच, बीडीपीओ या एसडीएम कार्यालय में आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।