गयाजी- नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति पर सवाल:PMO से जांच की मांग, शिकायकर्ता का आरोप- नियमों की अनदेखी की गई है

गयाजी नगर निगम में अनुकंपा के आधार पर हुई चंद्र मोहन की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। इसे लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। खास बात यह भी कि इस मामले में पीएमओ ऑफिस ने सामान्य एडमिनिस्ट्रेशन शाखा को जांच के लिए आदेश भी दे दिया है। नमो फाउंडेशन के बिहार प्रदेश सचिव और चांदचौरा-दक्षिण दरवाजा निवासी संदीप कुमार मिश्र ने PMO को पत्र भेजा है। इसमें नगर निगम में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप है कि चंद्र मोहन की अनुकंपा नियुक्ति निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों की अनुकंपा नियुक्ति वर्षों से लंबित है। अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, चंद्र मोहन की नियुक्ति उनके पिता की मौत के करीब 10 दिन के अंदर ही कर दी गई। यह कैसे संभव हुआ समझ से परे है। कथित अनियमितताओं की जांच की मांग नमो फाउंडेशन के बिहार प्रदेश सचिव और चांदचौरा-दक्षिण दरवाजा निवासी संदीप कुमार मिश्र ने PMO को पत्र भेजा है। इसमें नगर निगम में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाया सवाल संदीप कुमार मिश्र का आरोप है कि चंद्र मोहन की अनुकंपा नियुक्ति निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों की अनुकंपा नियुक्ति वर्षों से लंबित है। वे अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, चंद्र मोहन की नियुक्ति उनके पिता की मौत के करीब 10 दिन के अंदर ही कर दी गई। यह कैसे सम्भव हुआ समझ से परे है। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि उस समय तक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बैठक भी नहीं हुई थी। उन्होंने समिति की प्रक्रिया और स्वीकृति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पूरे रिकॉर्ड की जांच की मांग शिकायतकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि उस समय तक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बैठक भी नहीं हुई थी। अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी होते हैं। ऐसे में उनकी स्वीकृति और हस्ताक्षर प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए नियुक्ति से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की जांच भी जरूरी है। शिकायत में चंद्र मोहन पर पद के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि नगर निगम की जमीन उनके नाम करा ली गई। इसके अलावा उनके व्यवहार को लेकर भी शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने समान पद पर काम करने वाले कर्मियों और नगर निगम के मेयर के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। फिलहाल यह मामला गयाजी के लोक शिकायत निवारण कार्यालय में निष्पादन की प्रक्रिया में है। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। साथ ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।

Aug 22, 2026 - 09:05
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गयाजी- नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति पर सवाल:PMO से जांच की मांग, शिकायकर्ता का आरोप- नियमों की अनदेखी की गई है
गयाजी नगर निगम में अनुकंपा के आधार पर हुई चंद्र मोहन की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। इसे लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। खास बात यह भी कि इस मामले में पीएमओ ऑफिस ने सामान्य एडमिनिस्ट्रेशन शाखा को जांच के लिए आदेश भी दे दिया है। नमो फाउंडेशन के बिहार प्रदेश सचिव और चांदचौरा-दक्षिण दरवाजा निवासी संदीप कुमार मिश्र ने PMO को पत्र भेजा है। इसमें नगर निगम में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप है कि चंद्र मोहन की अनुकंपा नियुक्ति निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों की अनुकंपा नियुक्ति वर्षों से लंबित है। अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, चंद्र मोहन की नियुक्ति उनके पिता की मौत के करीब 10 दिन के अंदर ही कर दी गई। यह कैसे संभव हुआ समझ से परे है। कथित अनियमितताओं की जांच की मांग नमो फाउंडेशन के बिहार प्रदेश सचिव और चांदचौरा-दक्षिण दरवाजा निवासी संदीप कुमार मिश्र ने PMO को पत्र भेजा है। इसमें नगर निगम में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाया सवाल संदीप कुमार मिश्र का आरोप है कि चंद्र मोहन की अनुकंपा नियुक्ति निर्धारित नियमों की अनदेखी कर की गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों की अनुकंपा नियुक्ति वर्षों से लंबित है। वे अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, चंद्र मोहन की नियुक्ति उनके पिता की मौत के करीब 10 दिन के अंदर ही कर दी गई। यह कैसे सम्भव हुआ समझ से परे है। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि उस समय तक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बैठक भी नहीं हुई थी। उन्होंने समिति की प्रक्रिया और स्वीकृति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पूरे रिकॉर्ड की जांच की मांग शिकायतकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि उस समय तक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बैठक भी नहीं हुई थी। अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी होते हैं। ऐसे में उनकी स्वीकृति और हस्ताक्षर प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए नियुक्ति से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की जांच भी जरूरी है। शिकायत में चंद्र मोहन पर पद के कथित दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि नगर निगम की जमीन उनके नाम करा ली गई। इसके अलावा उनके व्यवहार को लेकर भी शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने समान पद पर काम करने वाले कर्मियों और नगर निगम के मेयर के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। फिलहाल यह मामला गयाजी के लोक शिकायत निवारण कार्यालय में निष्पादन की प्रक्रिया में है। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। साथ ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।