कैथल में जनगणना को लेकर तैयारी:ऑनलाइन और ऐप आधारित होगी, पहला चरण अप्रैल 2026 में, डीसी ने दिए अफसरों को निर्देश
कैथल में जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में डीसी अपराजिता की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनगणना के लिए रणनीति तैयार की गई। इस बार जनगणना पूरी तरह ऑनलाइन और ऐप आधारित होगी। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए इस कार्य को सफल बनाएं। डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित की जाए। दो चरणों में विभाजित डीसी अपराजिता ने कहा कि यह प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित की गई है। प्रथम चरण अप्रैल 2026 में प्रस्तावित है, इसमें मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार की जाएगी और नागरिक रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य किया जाएगा। वहीं, दूसरा चरण फरवरी-मार्च 2027 में शुरू होगा। इस मुख्य चरण में जनसंख्या की गणना होगी। खास बात यह है कि इस बार सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, यानी नागरिक स्वयं ऐप या पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण बैठक में बताया गया कि तकनीक का उपयोग इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, कुशल और त्वरित बनाएगा। इससे डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। जनगणना कार्य में शामिल सभी कर्मचारियों को मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल के उपयोग के लिए गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी तैयारी शुरू करें। इस कार्य के लिए विभिन्न विभागों का सहयोग जरूरी है। इसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। इस कार्य के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए कुल 10 चार्ज ऑफिसर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित तहसीलदार तथा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद या नगर पालिका के सचिव चार्ज ऑफिसर के रूप में कार्य करेंगे। डीसी अपराजिता ने कहा कि उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्रित करना नहीं है, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास का आधार है। इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि जनगणना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति छूटे नहीं।
कैथल में जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में डीसी अपराजिता की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनगणना के लिए रणनीति तैयार की गई। इस बार जनगणना पूरी तरह ऑनलाइन और ऐप आधारित होगी। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए इस कार्य को सफल बनाएं। डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित की जाए। दो चरणों में विभाजित डीसी अपराजिता ने कहा कि यह प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित की गई है। प्रथम चरण अप्रैल 2026 में प्रस्तावित है, इसमें मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार की जाएगी और नागरिक रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य किया जाएगा। वहीं, दूसरा चरण फरवरी-मार्च 2027 में शुरू होगा। इस मुख्य चरण में जनसंख्या की गणना होगी। खास बात यह है कि इस बार सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा, यानी नागरिक स्वयं ऐप या पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण बैठक में बताया गया कि तकनीक का उपयोग इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, कुशल और त्वरित बनाएगा। इससे डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। जनगणना कार्य में शामिल सभी कर्मचारियों को मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल के उपयोग के लिए गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी तैयारी शुरू करें। इस कार्य के लिए विभिन्न विभागों का सहयोग जरूरी है। इसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। इस कार्य के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए कुल 10 चार्ज ऑफिसर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित तहसीलदार तथा शहरी क्षेत्र में नगर परिषद या नगर पालिका के सचिव चार्ज ऑफिसर के रूप में कार्य करेंगे। डीसी अपराजिता ने कहा कि उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्रित करना नहीं है, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास का आधार है। इसमें हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि जनगणना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति छूटे नहीं।