किसान की आत्मा रो रही है और सरकार सो रही हैं - कांग्रेस
किसान की आत्मा रो रही है और सरकार सो रही हैं - कांग्रेस
किसान की आत्मा रो रही है और सरकार सो रही हैं - कांग्रेस
आज काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है।
यह सिर्फ एक मौत नहीं ,
यह भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों की दर्दनाक गवाही है।
कांग्रेस परिवार किसान के दर्द में उसके साथ खड़ा है।
आज काशीपुर पहुँचे
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य
सह प्रभारी मनोज यादव उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी विधायक तिलकराज बेहड़ आदेश चौहान और सुमित हृदयेश।
कांग्रेस ने मृतक किसान के परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और न्याय की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर गोदियाल ने कहा कि किसान को न्याय दिलाकर रहेंगे
दोषियों को जवाबदेह बनाकर रहेंगे
और किसान की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे।
गोदियाल ने कहा आज राज्य की कानून व्यवस्था पटरी से नहीं उतरी बल्कि वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी है।
गोदियाल ने कहा कि काशीपुर निवासी किसान सुखवंत को करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस ने सालभर तक दौड़ाया। बेबस लाचार सुखवंत ने मजबूरन खुद को गोली मारकर जान दे दी।एक हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।बूढ़े माता पिता की बुढ़ापे की लाठी उन से छिन गई, ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग करी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए और जिले के सभी अधिकारी कर्मचारी जिनका नाम सुखवंत ने वीडियो में लिया है जिले के एसएसपी सहित निलंबित किया जाएं ताकि वह जांच को प्रभावित न कर पाएं।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पुलिस के इस दोहरे रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। आर्य ने कहा कि काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह के दिल दहला देने वाले आत्महत्या प्रकरण में परिजनों को वह पूरा पैसा मुआवजे की शकल में लौटाया जाए जिसके लिए सुखवंत दर दर भटक रहा था।
सह प्रभारी मनोज यादव ने कहा कि इस प्रकरण से पुलिस कुप्रबंधन की दोहरी कार्यशैली उजागर हुई है। जहां उत्तराखंड पुलिस काशीपुर, रुद्रपुर से लेकर देहरादून तक न्याय को लेकर गुहार लगाने पहुंचे किसान सुखवंत सिंह को न्याय नहीं दिला पाई। मामले में न्याय नहीं मिलने पर सुखवंत सिंह को खुदकुशी करनी पड़ी।
मुलाकात करने वालों में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी,विधायक तिलकराज बेहड़ ,आदेश चौहान और सुमित हृदयेश मौजूद रहे।



