आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:याचिकाकर्ता बोले- यह कुत्ते बनाम इंसानों का मामला नहीं; एक दूसरे को बलि का बकरा नहीं बना सकते
सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सुनवाई हो रही है। एनीमल राइट्स की तरफ से पेश वकील शादान फरासत ने कहा- यह कुत्तों बनाम इंसानों का मामला नहीं है। यह ऐसा मामला है जहां राज्य अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल हो गया है। वे अब एक-दूसरे को बलि का बकरा बना रहे हैं। जबकि इंसानों और जानवरों दोनों की सुरक्षा होनी चाहिए। इस मामले पर पिछले 7 महीनों में छह बार सुनवाई हो चुकी है। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि इन जानवरों को तय शेल्टर में ट्रांसफर किया जाए।



