US-Iran के बीच 'महानायक' बनेंगे व्लादिमीर पुतिन? शहबाज शरीफ रहे नाकाम, अब रूस कराएगा अमेरिका-ईरान का समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही उच्चस्तरीय बातचीत रविवार तड़के बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। यह वार्ता इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। करीब 21 ...
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही उच्चस्तरीय बातचीत रविवार तड़के बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। यह वार्ता इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने से जुड़े अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। करीब 21 घंटे तक चली यह अहम बातचीत अंततः बेनतीजा रही।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को अपने ईरानी समकक्ष Masoud Pezeshkian से बातचीत की। क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच मध्यस्थता की पेशकश करते हुए क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल करने में मदद का भरोसा दिया।
क्रेमलिन के बयान के मुताबिक, पेजेशकियन ने पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता की जानकारी पुतिन को दी और तनाव कम करने के लिए रूस के रुख की सराहना की। पुतिन ने दोहराया कि रूस इस संघर्ष का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है, ताकि मध्य पूर्व में स्थायी और न्यायसंगत शांति स्थापित हो सके।
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद पेजेशकियन ने पुतिन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात, साथ ही युद्धविराम की स्थिति पर चर्चा की।
रूस और ईरान के बीच लंबे समय से रक्षा सहयोग रहा है और माना जा रहा है कि रूस सैटेलाइट सपोर्ट भी दे सकता है, हालांकि वह अब तक सीधे संघर्ष में शामिल होने से बचता रहा है।
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उधर जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में मीडिया को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को एक 'सरल और अंतिम प्रस्ताव' दिया था, जिसमें यह सुनिश्चित करने की मांग की गई थी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
वेंस ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी हद तक कमजोर किया जा चुका है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ईरान लंबे समय तक परमाणु हथियार नहीं बनाने की ठोस प्रतिबद्धता देगा? अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है।
पाकिस्तान में 21 घंटे चली इस बातचीत के विफल होने से 22 अप्रैल को समाप्त होने वाले दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। Edited by : Sudhir Sharma



